Press | Jun 14, 2025
केंद्रीयगृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने आज मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम मेंभारतीय जनता पार्टी, मध्य प्रदेश सांसद-विधायक प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन समारोहको संबोधित किया
अहमदाबादकी दुर्भाग्यपूर्ण घटना में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री श्विजयभाई रूपाणी जी तथाकई अन्य लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ
श्यामाप्रसाद मुखर्जी जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी,अटल जी,आडवाणी जी से लेकरनरेंद्र मोदी जी तक, भाजपा ने दशकों तक बेदाग रहकर देश की सेवा करने वाले नेतादेश को दिए हैं
सुरक्षित,विकसित और समृद्ध महानभारत की परिकल्पना भाजपा के मूल में समाहित है और मोदी सरकार इसे जमीन पर उतार रहीहै
मोदीसरकार के 11 वर्ष अंत्योदय के 11 वर्ष हैं - 26 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपरउठाया गया, 7 करोड़ लोगों को घर, बिजली, पानी, शौचालय, स्वास्थ्य बीमा और किसानों को ₹6000 की सहायता प्रदान की गई
मोदीसरकार के 11 वर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा के 11 वर्ष हैं,मोदी जी ने यह स्पष्टकर दिया कि अब यदि कोई भारत की भूमि या भारतवासियों पर हमला करेगा,तो उसे घर में घुसकरसजा दी जाएगी
11वर्षों के अंदर विचारधारा के आधार पर काम करने वाली पार्टी कैसे काम करती है,यह हमारी सरकार नेकरके दिखाया है। जनसंघ से लेकर भाजपा तक न हमारी विचारधारा बदली न हमारे संकल्पबदले
मैंस्पष्ट रूप से देख पर रहा हूँ कि आने वाले दशकों में देश में हर जगह सिर्फ औरसिर्फ भाजपा ही होगी और आज भारत के नक्शे पर जहाँ कमल नहीं है,वहाँ भी कमल जरूरखिलेगा
जनताजो हमें सम्मान दे रही है, वह हमारा व्यक्तिगत सम्मान नहीं,बल्कि पार्टी कासम्मान है, यह भाव प्रत्येक कार्यकर्ता में होना चाहिए
जिनसभी मुद्दों के लिए हमारे कार्यकर्ता हमारी स्थापना से संघर्ष करते थे, वे आज मोदीसरकार में पूरे हो गए हैं
सामाजिकऔर राजनीतिक जीवन में वही लोग परिवर्तन ला सकते हैं,जो आजीवन विद्यार्थीबनकर सीखने की भावना बनाए रखते हैं
मध्य प्रदेश, 14 जून,2025 : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने आज मध्य प्रदेश केनर्मदापुरम में भारतीय जनता पार्टी, मध्य प्रदेश सांसद-विधायक प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन समारोहको संबोधित किया। श्री अमित शाह जी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा किअहमदाबाद की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपानेता श्री विजयभाई रूपाणी जी तथा कई अन्य लोगों का हमने निधन देखा। मैं उन सभी कोश्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।
उन्होंने भाजपा केमूल सिद्धांतों को स्पष्ट करते हुए कहा कि सामाजिक और राजनीतिक जीवन में वही लोगपरिवर्तन ला सकते हैं, जो आजीवन विद्यार्थी बनकर सीखने की भावना बनाए रखते हैं। भाजपा के नेता पार्टीके मूल उद्देश्य, संस्कृति और संस्कारों को आगे बढ़ाएं। जनता जो हमें सम्मान दे रही है,वह हमारा व्यक्तिगत सम्मान नहीं,बल्कि पार्टी का सम्मान है, यह भाव प्रत्येक कार्यकर्ता मेंहोना चाहिए।
उन्होंने नेताओं केकर्त्तव्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि निजी प्रवृत्तियों से ऊपर उठकर राष्ट्रहितमें सोचना प्रत्येक नेता का कर्त्तव्य है। भाजपा की उत्पत्ति,कार्यसंस्कृति, सिद्धांत और उपलब्धियों को समझे बिना कोई भी भाजपा काप्रभावी कार्यकर्ता नहीं बन सकता। भाजपा की स्थापना उस समय हुई, जब कांग्रेस परनेहरू जी का एकाधिकार हो गया था और कांग्रेस ने बिना चुनाव कराए ही शासन करनाप्रारंभ कर दिया था। नेहरू जी की नीतियों के केंद्र में भारत की हजारों वर्षोंपुरानी संस्कृति नहीं थी, बल्कि पश्चिमी प्रभाव ही था। भारतीय मूल्यों और तत्वों के अभाव को देखकर डॉ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी जी ने सरकार से इस्तीफा देकर भारतीय जनसंघ की स्थापना की।नेहरू-लियाकत समझौते के विरोध में उन्होंने त्यागपत्र दिया। इस देश की भूमि,परंपरा, सामाजिक जीवन और संस्कृति के विचार को ध्यान में रखकर जनसंघकी स्थापना की गई थी। जनसंघ का उद्देश्य सत्ता प्राप्ति नहीं,बल्कि देश को सही मार्गदर्शन देना था।
जनसंघ से लेकर भाजपातक की स्थपाना और मूल उद्देश्य को रेखांकित करते हुए श्री अमित शाह जी ने आगे कहा कि11 सदस्यों से शुरू हुई जनसंघ आज भाजपा के माध्यम से 11 करोड़ सदस्यों की पार्टी बन चुकी है। 1950 से 2025 तक की इस यात्रा में हम उन महान उद्देश्यों की प्राप्ति कोदेख सकते हैं। भाजपा की आत्मा उसके कार्यकर्ताओं में बसती है और हम जीत के लिए नहीं, सिद्धांतों के लिए संघर्ष करते हैं। देश में विचारधारा केआधार पर पहली बार किसी राजनीतिक दल की स्थापना हुई और इसके मूल में अंत्योदय का सिद्धांत रखा गया। सुरक्षित,समृद्ध और विकसित राष्ट्र की परिकल्पना भाजपा के मूल मेंसमाहित है। जिस भाजपा का कभी राजीव गांधी जी ने "हम दो,हमारे दो" कहकर मजाक उड़ाया था,आज उसी कांग्रेस को दस वर्षों तक विपक्ष का दर्जा भी नहींमिल सका।
श्यामाप्रसादमुखर्जी जी से लेकर नरेंद्र मोदी जी तक, भाजपा में ऐसे कार्यकर्ता हुए हैं, जिन्होंने अंतिम सांस तकविचारधारा के लिए कार्य किया। देश को कांग्रेस से सदाचार और भाजपा से दुराचार कीअपेक्षा नहीं है। एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधानमंत्री नहीं होंगे, इसके लिएश्यामाप्रसाद मुखर्जी जी ने संघर्ष किया और धारा 370 के विरोध में शहादत दी।
धारा 370 के खिलाफ आंदोलन से लेकर राम जन्मभूमि आंदोलन तक,भाजपा ने कभी चुनाव जीतना अपना उद्देश्य नहीं बनाया। भारतकी समृद्धि का मार्ग अंत्योदय है, समाज के सबसे गरीब व्यक्ति को मुख्यधारा मेंलाकर देश को समृद्ध बनाना ही हमारा लक्ष्य है।
बिहार,मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, जिन्हें कभी बीमारू राज्य कहा जाता था, में जैसे-जैसेभाजपा की सरकार बनी, वे राज्य समृद्धि की ओर अग्रसर हुए। हमने दीनदयाल उपाध्याय जी के राष्ट्रवादके सिद्धांत से कभी समझौता नहीं किया। विकेन्द्रित विकास की अवधारणा अंत्योदय सेजुड़ी होती है, जोसमृद्ध राज्य की आधारशिला और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का पोषण करती है। श्यामाप्रसाद मुखर्जी जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी, अटल जी, आडवाणी जी से लेकर नरेंद्र मोदी जी तक,भाजपा ने दशकों तक बेदाग रहकर देश की सेवा करने वाले नेतादिए हैं। 11 वर्षों के अंदर विचारधारा के आधार पर काम करने वाली पार्टी कैसे कामकरती है, यह हमारी सरकार ने करके दिखाया है। जनसंघसे लेकर भाजपा तक न हमारी विचारधारा बदली न हमारे संकल्प बदले।
प्रधानमंत्री श्रीनरेन्द्र मोदी जी की सरकार की उपलब्धियों को स्पष्ट करते हुए श्री शाह ने कहा कि मोदीजी की सरकार बनते ही भाजपा कार्यकर्ताओं की वर्षों की तपस्या का फल मिला। श्यामाप्रसाद मुखर्जी जी और दीनदयाल उपाध्याय जी का सपना साकार हुआ। पहली बार पूर्णबहुमत की सरकार बनी। 11 वर्षों में 26 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया, 4 करोड़ से अधिक लोगों को घर, पानी, बिजली, गैस, शौचालय और ₹5 लाखका आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कवर तथा किसानों को सालाना ₹6,000 सहायता दी गई। कोई कल्पना नहीं कर सकता था कि धारा 370 हटाई जा सकती है, लेकिन मोदी जी ने यह कर दिखाया। नक्सलवादसमाप्ति के कगार पर है, पूर्वोत्तर में अशांति का दौर समाप्त हो गया। जम्मू-कश्मीर में अब कोई नौजवानबंदूक नहीं उठाता। हमने उरी और पुलवामा आतंकी हमले का सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक सेकरारा जवाब दिया और पहलगाम हमले के जवाब में पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों के अड्डेधवस्त कर दिए। मोदी सरकार के 11 वर्ष राष्ट्र सुरक्षा के 11 वर्ष हैं।मोदी जी ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब यदि कोई भारत की भूमिया भारतवासियों पर हमला करेगा, तो उसे घर में घुसकर सजा दी जाएगी। आजादी के बाद देशहित मेंसबसे बड़ा निर्णय सिंधु जल समझौता समाप्त करने का रहा, जो नेहरू जी के समय एकतरफाथा।
मोदी जी केनेतृत्व में भारत 11वें स्थान से छलांग लगाकर चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बनी है और जल्द ही दुनिया की तीसरीसबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाली है। एक समृद्ध राष्ट्र की परिकल्पना को साकारकिया गया है। चाहे वह इंफ्रास्ट्रक्चर हो, GST, R&D, अटल टिंकरिंग लैब्स, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचना हो या सुपर कंप्यूटर, जो60 वर्षों में नहीं हो पाया, वह 11 वर्षों में संभव हुआ। आने वाले दशकों में देश में हर जगह सिर्फ और सिर्फभाजपा ही होगी और आज भारत के नक्शे पर जहाँ कमल नहीं है,वहाँ भी कमल जरूर खिलेगा।
श्री शाह ने आगे कहाकि आज 81 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज, 15 करोड़ घरों में नल से जल, 12 करोड़ से अधिक शौचालय, 68 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को ऋण और 60% मंत्रिमंडल में SC/ST/OBC प्रतिनिधित्व है। 55 करोड़ से अधिक जनधन खाते खोले गए हैं। हर गाँव तक बिजलीपहुंच चुकी है। हर दिन एक यूनिकॉर्न स्टार्टअप बन रहा है। विश्व भर के कुल डिजिटलट्रांजैक्शनों में 49% अकेले भारत में होते हैं। 142 वन्दे भारत ट्रेन, 162 नए एयरपोर्ट बने हैं और नक्सली हिंसा लगभग समाप्त हो गईहै।
एक विचारधाराआधारित पार्टी सत्ता में आए तो देश कैसे चलता है, यह हमने पिछले 11 वर्षों में सिद्ध कर दिया है। 550 वर्षों बाद राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर बना। काशीविश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक, नईसंसद,कर्तव्य पथ, सुभाष बाबू की प्रतिमा और सेंगोल की संसद में स्थापना, सब भारत की सांस्कृतिकपुनरुत्थान के प्रतीक हैं। मोदी जी को 15 से अधिक देशों का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला है। नईशिक्षा नीति में भाषाओं और कलाओं को सम्मान मिला है। मेडिकल और इंजीनियरिंग कीपढ़ाई अब भारतीय भाषाओं में हो रही है, मध्य प्रदेश पहला राज्य है जहाँ इसे लागूकिया गया। जिन सभी मुद्दों के लिए हमारे कार्यकर्ता हमारी स्थापना से संघर्ष करतेथे,वे आज मोदी सरकार में पूरे हो गए हैं।
भाजपाकार्यकर्ताओं को संवाद की परंपरा बनाए रखनी चाहिए। भाजपा की पाँच निष्ठाएँ हैं -राष्ट्रवाद, लोकतंत्र,सामाजिक-आर्थिक विषयों पर गांधीवादी दृष्टिकोण,पंथनिरपेक्षता, और मूल्यों पर आधारित राजनीति। इन्हीं सिद्धांतों पर अटल जीने पहले अधिवेशन में प्रस्ताव पारित किया था। मेरा विश्वास है कि 2047 तक भारत विश्व का नंबर 1 राष्ट्र बनेगा और भारत माता को सम्पूर्ण तेज के साथ विश्वमें स्थापित होते हम देख सकेंगे। संवाद, सिद्धांतों पर आचरण और अपने से नीचे के कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने का प्रयासही भाजपा की पहचान होनी चाहिए।