Union Home Miniter and Minister of Cooperation Shri Amit Shah's 10 Questions on the Unholy and Power-Hungry Alliance Between Congress and National Conference in Jammu & Kashmir

Press | Aug 23, 2024

जम्मू-कश्मीर में कांग्रेसऔर नेशनल कांफ्रेंस के नापाक और सत्ता स्वार्थ आधारित गठबंधन पर केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री श्री अमित शाह के 10 सवाल

 

सत्ता के लालच मेंबार-बार देश की एकता और सुरक्षा के साथ खेलती है कांग्रेस


मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीरसे आर्टिकल 370 हटा कर दलितों, आदिवासियों, पहाड़ियों और पिछड़ों के साथ हो रहे भेदभावको ख़त्म करके उन्हें आरक्षण दिया


क्या कांग्रेस ‘नेशनलकांफ्रेंस’ के जम्मू-कश्मीर में ‘अलग झंडे’ के वादे का समर्थन करती है?


क्या कांग्रेस और राहुलगाँधी फिर से जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 और 35A लाने के समर्थक हैं?


कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीरको फिर से आतंकवाद और अलगाववाद में झोंकने की रची है साजिश


कांग्रेस दलित, गुज्जर,बकरवाल और पहाड़ियों के आरक्षण को ख़त्म करना चाहती है?


कांग्रेस आतंक और पत्थरबाजीमें शामिल लोगों के परिजनों को फिर से देगी सरकारी नौकरी?


कांग्रेस जम्मू-कश्मीरकी असल पहचान मिटाना चाहती है।


कांग्रेस और नेशनलकांफ्रेंस जम्मू और घाटी के बीच भेदभाव और अलगाव बढ़ाना चाहते हैं

 

केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री श्री अमित शाह ने आज गुरुवार को जम्मू-कश्मीर में विधान सभा चुनाव के मद्देनजरकांग्रेस और नेशनल कांग्रेस के नापाक, बेमेल और सत्ता स्वार्थ आधारित गठबंधन पर तीखाप्रहार किया और कहा कि सत्ता के लालच में बार-बारदेश की एकता और सुरक्षा के साथ खेलने वाली कांग्रेस पार्टी ने जम्मू-कश्मीर चुनाव मेंअब्दुल्ला परिवार की ‘नेशनल कांफ्रेंस’ के साथ गठबंधन करके फिर से अपने मंसूबों कोदेश के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन में नेशनल कांफ्रेंसने अपने घोषणापत्र में कई ऐसे वादे किये हैं जो न केवल देशविरोधी है बल्कि देश की एकताऔर अखंडता पर भी सीधा हमला है। भारतवर्ष की महान जनता कांग्रेस और नेशनल कान्फेंस केनापाक मंसूबों एवं देशविरोधी साजिशों को अच्छे तरीके से समझती और वह ऐसे मंसूबों कोकभी कामयाब नहीं होने देगी।

 

केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री श्री अमित शाह ने नेशनल कांफ्रेंस के घोषणा पत्र के वादों पर कांग्रेस पार्टीऔर राहुल गाँधी से 10 ज्वलंत सवाल पूछे। उन्होंने कांग्रेस से पहला प्रश्न सीधे-सीधेयह किया कि क्या कांग्रेस ‘नेशनल कांफ्रेंस’के जम्मू-कश्मीर में फिर से ‘अलग झंडे’ के वादे का समर्थन करती है? नेशनल कान्फेंसके घोषणापत्र के पेज नंबर 27 में इस बात का जिक्र किया गया है कि जम्मू-कश्मीर मेंनेशनल कांफ्रेंस की सरकार बनने पर फिर से अलग झंडे को लाया जाएगा। कांग्रेस को कठघरेमें खड़ा करते हुए उन्होंने दूसरा प्रश्न ये पूछा कि क्या राहुल गाँधी और कांग्रेस पार्टी आर्टिकल 370 और 35A को वापस लाकर जम्मू-कश्मीरको फिर से अशांति और आतंकवाद के युग में धकेलने के JKNC के निर्णय का समर्थन करती है?नेशनल कान्फेंस के घोषणापत्र के पृष्ठ संख्या 10 पर इसका उल्लेख है। साथ ही इसकी मंशानेशनल कांफ्रेंस अपने मेनिफेस्टो के पेज नंबर 27 पर भी जाहिर करती है। ज्ञात हो किनेशनल कांफ्रेंस ने अपने घोषणापत्र में संसद के विचार को पलटते हुए धारा 370 और35A को फिर से लाने का वादा किया है और कांग्रेस ने नेशनल कांफ्रेंस की ऐसी घोषणा केबावजूद उससे गठबंधन किया है।

 

श्री शाह ने कांग्रेससे तीसरा प्रश्न किया कि क्या कांग्रेस कश्मीरके युवाओं के बदले पाकिस्तान के साथ वार्ता करके फिर से अलगाववाद को बढ़ावा देने कासमर्थन करती है? नेशनल कान्फेंस के घोषणापत्र के पृष्ठ संख्या 10 पर ही ये वादाभी किया गया है। ये सर्वविदित है कि पाक प्रायोजित आतंकवाद और अलगाववाद ने जम्मू-कश्मीरको अशांत बनाए रखा लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस फिर से जम्मू-कश्मीर में आतंकऔर अलगाव के उसी दौर का समर्थन कर रही है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कांग्रेसपर चौथा सवाल ये दागा कि क्या कांग्रेस पार्टीऔर राहुल गाँधी, पाकिस्तान के साथ ‘LoC ट्रेड’ शुरू करने के नेशनल कांफ्रेंस के निर्णयसे फिर से बॉर्डर पार से आतंकवाद और उसके इकोसिस्टम का पोषण करने का समर्थन करते हैं?नेशनल कांफ्रेंस ने अपने मेनिफेस्टो के पेज नंबर 23 पर इसका जिक्र किया है।

 

केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री ने कांग्रेस से पांचवां सवाल करते हुए पूछा कि क्या कांग्रेस आतंकवाद और पत्थरबाजी की घटनाओं में शामिल लोगों के परिजनोंको फिर से सरकारी नौकरी में बहाल करके आतंकवाद, दहशतगर्दी और बंद के दौर को फिर सेलाने का समर्थन करती है? नेशनल कांफ्रेंस ने अपने घोषणापत्र के पृष्ठ संख्या11 पर ये कहा है। ये कार्य सीधे-सीधे राज्य में अलगाववाद को बढ़ावा देने वाला है। उन्होंनेकहा कि धारा 370 और 35A के उन्मूलन के बाद जम्मू-कश्मीर में देश का क़ानून लागू हुआहै और दलितों, पिछड़ों, गुज्जर, बकरवाल और पहाड़ियों को संवैधानिक अधिकार मिले हैं। इससेउनके जीवन स्तर में सुधार आया है। इसी संदर्भ में छठा सवाल करते हुए केंद्रीय गृह एवंसहकारिता मंत्री ने कांग्रेस से पूछा कि कांग्रेस और नेशनल कान्फेंस के बेमेल गठबंधनसे एक बार फिर कांग्रेस पार्टी का आरक्षण विरोधी चेहरा सामने आया है। क्या कांग्रेस दलितों, गुज्जर, बकरवाल और पहाड़ियोंके आरक्षण को समाप्त कर फिर से उनके साथ अन्याय करने के JKNC के वादे के साथ है? नेशनलकांफ्रेंस ने अपने मेनिफेस्टो के पेज नंबर 22 पर अपनी ये मंशा जाहिर की है।

 

श्री शाह ने कांग्रेसपर सातवाँ सवाल दागते हुए पूछा कि क्या कांग्रेसचाहती है कि ‘शंकराचार्य पर्वत’ ‘तख़्त-ए-सुलिमान’ और ‘हरि पर्वत’ ‘कोह-ए-मारन’ के नामसे जाने जाएँ? यदि नेशनल कांफ्रेंस के मेनिफेस्टो को देखा जाय तो यही लगता है क्योंकिनेशनल कांफ्रेंस ने अपने घोषणापत्र के पेज नंबर 21 पर ये स्पष्ट कहा है। यह सर्वविदितहै कि कांग्रेस, नेशनल कान्फेंस और पीडीपी की सरकारों में हुए भ्रष्टाचार ने जम्मू-कश्मीरको तबाह करके रख दिया था। इसी को संदर्भित करते हुए श्री शाह ने कांग्रेस से आठवाँसवाल ये पूछा कि क्या कांग्रेस जम्मू-कश्मीरकी अर्थव्यवस्था को एक बार फिर से भ्रष्टाचार की आग में झोंक कर पाकिस्तान समर्थितगिने चुने परिवारों के हाथों में सौपने का समर्थन करती है? नेशनल कांफ्रेंस काइरादा तो यही लगता है। कांग्रेस, नेशनल कान्फेंस और पीडीपी ने जम्मू और घाटी के बीचहमेशा भेदभाव किया और घाटी के लोगों को हमेशा भड़काया हालांकि जम्मू और घाटी की आवामने हर हमेशा इनके नापाक मंसूबों पर पानी फेरा है। इसी को लेकर कांग्रेस से नवां सवालकरते हुए श्री शाह ने पूछा कि क्या कांग्रेसपार्टी JKNC के जम्मू और घाटी के बीच भेदभाव की राजनीति का समर्थन करती है? अंतमें दसवां प्रश्न पूछते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि क्या कांग्रेस और राहुल गाँधी कश्मीर को ऑटोनॉमीदेने की JKNC की विभाजनकारी सोच और नीतियों का समर्थन करते हैं? उन्होंने कहा किकांग्रेस को इन सभी दस सवालों का जवाब देना चाहिए।

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