Union Home Minister and Minister of Cooperation, Shri Amit Shah, visits ‘Gurnam’ and ‘Bobiya’ BOPs, located on the India-Pakistan border, during the second day of his Jammu visit

Press | Feb 06, 2026

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने अपने जम्मू दौरे पर आज भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर स्थित ‘गुरनाम’ और 'बोबिया' बॉर्डर आउट पोस्ट का दौरा किया


गृह मंत्री ने ‘अजेय प्रहरी’ स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की

श्री अमित शाह ने सीमा प्रहरियों के लिए ₹250 करोड़ रुपये की  कल्याणकारी योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार सुरक्षा कर्मियों के कल्याण के लिए कटिबद्ध

BSF की वीरता और पराक्रम से भरे इतिहास ने देशवासियों में कर्तव्यबोध और देशभक्ति की प्रेरणा जगाई है

देश की सीमाओं पर अतिक्रमण और घुसपैठ के खिलाफ बीएसएफ एक अभेद्य दीवार बनकर खड़ा रहा और देश को सुरक्षित किया

ऑपरेशन सिंदूर में BSF का शौर्य और वीरता, 6 दशक के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है

देश की सुरक्षा के लिए BSF जहाँ भी गया, कर्तव्य के जज़्बे का परचम लहराया

बीएसएफ की स्थापना का यह 61वाँ वर्ष बल के मॉडर्नाइज़ेशन और जवानों व उनके परिजनों के कल्याण का वर्ष है

गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा में BSF की महिला कर्मियों के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की और जवानों के साथ दोपहर का भोजन भी किया


केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज अपने जम्मू दौरे पर भारत-पाकिस्तान की सीमा पर स्थित बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) ‘गुरनाम’ और 'बोबियाका दौरा किया। केन्द्रीय गृह मंत्री ने ‘अजेय प्रहरी’ स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और BOP ‘बोबिया’ परिसर में पौधारोपण भी किया। श्री शाह ने प्रहरियों के कल्याण के लिए 7 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें नवनिर्मित सोलर वॉटर हीटर, सोलर पावर प्लांट और ऑफिसर्स मेस शामिल हैं। उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 242 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल श्री मनोज सिन्हा, केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिदेशक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने सीमा सुरक्षा बल के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि वे जब भी कच्छ, राजस्थान या जम्मू-कश्मीर के दुर्गम स्थानों पर स्थित BSF की किसी भी चौकी पर जाते है वहाँ पर तैनात बीएसएफ जवानों से हमेशा कर्तव्यबोध और कर्तव्य-निर्वहन के गुण सीखकर लौटते हैं। श्री शाह ने कहा कि इन दुर्गम चौकियों के दौरे के समय वे यह देखते हैं कि कैसे सीमा पर तैनात बीएसएफ जवान गहरी लगन के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं। गृह मंत्री ने कहा कि बीएसएफ के जवान कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण का सर्वोत्तम उदाहरण हैं जो दिन-रात सीमा पर अडिग खड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि BSF जवानों के 60 वर्षों के इस पराक्रमपूर्ण इतिहास ने देश की जनता के मन में भी यही भावना पैदा की है।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि जब-जब देश की सीमाओं पर अतिक्रमण या घुसपैठ का खतरा मंडरायाबीएसएफ हमेशा एक अभेद्य दीवार की तरह डटा रहाअडिग रहा और देश को सुरक्षित रखने का दृढ़ संकल्प निभाता रहा है। गृह मंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में BSF के शौर्य और वीरता ने हमारे छह दशक के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ा है। उस कठिन घड़ी में भी बीएसएफ के जवानों ने "हम सीमा के प्रहरी हैं" के भाव को हमेशा बुलंद रखा। उन्होंने कहा कि BSF के जम्मू-कश्मीर फ्रंटियर ने 118 पाकिस्तानी पोस्टों और तीन आतंकी लॉन्च पैड को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज़ अहमद और सिपाही दीपक चिंखाम को वीर चक्र से सम्मानित किया गया। यह हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है। श्री शाह ने कहा कि इसी दौरान  BSF को 16 वीरता पदक और अनेक प्रशस्ति पत्र भी प्राप्त हुए।

श्री अमित शाह ने सीमा सुरक्षा बल के जवानों से कहा कि वे चाहे सीमा पर तैनात हों, मणिपुर के दुर्गम क्षेत्र, या फिर ओडिशा और छत्तीसगढ़ के माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हों, बीएसएफ ने हर जगह अपनी वीरता का परचम लहराया है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समयखासकर पंजाब मेंबीएसएफ ने मानवता और जनता के प्रति गहरी संवेदना का अद्भुत प्रदर्शन किया। गृह मंत्री ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि यदि बीएसएफ नहीं होती तो बाढ़ के दौरान मुश्किलें कई गुना बढ़ जातीं। बीएसएफ ने संकट की घड़ी में पंजाब के नागरिकों की बहुत बड़ी सेवा की और उन्हें भरपूर मदद प्रदान की।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हमारा साझा दायित्व है कि देश की सीमाओं को पूरी तरह चाक-चौबंद और सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने कहा कि 60 साल पहले की सीमा-संबंधी चुनौतियाँ आज पूरी तरह बदल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जवानों का शौर्यतत्परता और ड्यूटी के प्रति अटूट लगन अत्यंत आवश्यक हैलेकिन अब चुनौतियाँ मुख्यतः तकनीकी रूप से उत्पन्न हो रही हैं। इसलिए इनका सामना करने के लिए हमें उन्नत तकनीकी समाधान भी खोजना और अपनाना होगा। गृह मंत्री ने कहा कि बीएसएफ के स्थापना दिवस कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि बीएसएफ का 61वाँ वर्ष बल के आधुनिकीकरण का वर्ष होगा। साथ ही यह बीएसएफ जवानों और उनके परिजन के कल्याण का वर्ष भी होगा। श्री शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय में एक समर्पित टीम दोनों पर लगातार काम कर रही है।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार सुरक्षा कर्मियों के कल्याण के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ जवानों के कल्याण के लिए हम बहुत जल्द एक विशेष योजना लेकर आ रहे हैं। साथ हीपूरी सीमा सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी तौर पर आधुनिक बनाने के लिए भारत सरकार एक बड़ी राशि खर्च करेगी। यह आधुनिकीकरण बीएसएफ जवानों के लिए बेहतर बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत उपकरणों के रूप में उपलब्ध होगाजो ड्यूटी निभाने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि ये सुविधाएँ जवानों की कठिनाइयों को काफी हद तक कम करेंगी और उन्हें अपने कर्तव्य का और भी प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में सक्षम बनाएंगी। गृह मंत्री ने कहा कि सीमा पर तैनात बीएसएफ जवानों के अटूट कर्तव्यबोधसमर्पण और लगन के कारण ही पूरा देश चैन की नींद सो पाता है और सुरक्षित महसूस करता है।

गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा में BSF की महिला कर्मियों के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की और जवानों के साथ दोपहर का भोजन भी किया।


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