Union Home Minister and Minister of Cooperation Shri Amit Shah participates in the Mahapurnahuti and Sanatan Sammelan of 108 Kundiya Rudra Maha Mrityunjay Maha Yagya in Kotputli, Rajasthan

Press | Apr 06, 2025

 जोड़ने का एक महान कार्य किया

समाज को जोड़ने, व्यक्तियों को धर्ममय बनाने और पर्यावरण की सेवा करने वाला यह एक अनूठा प्रयास है

अनेक भक्तों ने बाबा बालनाथ आश्रम में आकर नशामुक्ति की प्रतिज्ञा की और सामाजिक समरसता को बढ़ाने का संकल्प लिया

इस आश्रम में हताश मन को आशा, निराश लोगों को चेतना, बेसहाराओं को धर्म का सहारा और बेज़ुबान जीवों को दया मिली

बाबा बालनाथ जी के सत्य व तपस्या में विश्वास रखना, वैराग्य और सेवा को जीवन का आधार बनाना, प्राकृतिक जीवन जीन और पशु-पक्षियों की सेवा करना, इन चार सिद्धांतों को बाबा नस्तीनाथ आगे बढ़ा रहे हैं

महाप्रभु आदिनाथ से लेकर 9 गुरुओं और उनके बाद ऊर्जा के अनेक वाहकों के माध्यम से सनातन धर्म को नाथ संप्रदाय ने शक्ति देने का काम किया है

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज राजस्थान के कोटपुतली में 108 कुण्डीय रुद्र महा मृत्युंजय महायज्ञ की महापूर्णाहुति एवं सनातन सम्मेलन में भाग लिया। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और केन्द्रीय मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि बाबा नस्तीनाथ जी ने लगातार एक साल तक समाज के हर वर्ग को जोड़कर इस सनातन महायज्ञ का एक महान प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि यहीं पर एक वर्ष पहले 108 कुंडीय महा मृत्युंजय महायज्ञ शुरू हुआ था औरर आज इसका समापन होने जा रहा है। श्री शाह ने कहा कि पिछली रामनवमी से इस वर्ष रामनवमी तक हर पांच दिन में समाज के हर हिस्से से एक जोड़े ने पवित्र भाव के साथ 108 कुंडीय यज्ञ पर बैठकर प्रकृति के संरक्षण, सनातन के प्रचार और अपनी आत्मा की शुद्धि के लिए यहां यज्ञ किया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि समाज को जोड़ने, व्यक्तियों को धर्ममय बनाने और पर्यावरण की सेवा करने वाला ऐसा प्रयास आज तक नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि इस आश्रम में बाबा बालनाथ जी की प्रेरणा से 16 साल से लगातार यज्ञ का आयोजन बाबा नस्तीनाथजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनेक भक्तों ने यहां आकर कई प्रकार के व्यसनों का त्याग किया, नशामुक्ति की प्रतिज्ञा की, सामाजिक समरसता का प्रतीक बने और बाबा बालनाथ जी की समाधि को और ऊर्जा और शक्ति प्रदान करने का काम किया। उन्होंने कहा कि इस अखंड धूनि को एक महासिद्ध योगी ने शुरू किया और बाबा नस्तीनाथजी इसे आगे बढ़ा रहे हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत में अनेक संत, महापुरुष, ऋषि, मुनि रहे हैं और बाबा बालनाथ जी भी ऐसे एक महायोगी थे जिन्होंने इसी भूमि पर जन्म लेकर देश-विदेश में 84 धूनियों की स्थापना कर अपने पूरे जीवन को धर्ममय बनाने का काम किया। उन्होंने कहा कि मानव योनि के 84 चक्रों से मुक्ति प्राप्त कर जब उन्होंने समाधि ली तब ये स्थान उनके तप से बेहद ऊर्जावान हो गया। श्री शाह ने कहा कि यहां कई हताश मन और जीवन को आशा मिली है, निराश लोगों को चेतना मिली है, बेसहारा लोगों को धर्म का सहारा मिला है और बेज़ुबान जीवों पर दया के माध्यम से जीवन आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि आज बाबा बालनाथ जी के सत्य और तपस्या में विश्वास रखने, वैराग्य और सेवा को जीवन का आधार बनाने, प्राकृतिक जीवन जीने और पशु-पक्षियों की सेवा करने के सिद्धांतों को बाबा नस्तीनाथआगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा नस्तीनाथजी ने भी अपने गुरू की तरह ही लोकधर्म, लोककल्याण, सनातन धर्म, पर्यावरण संरक्षण औऱ सामाजिक समरसता के लिए अनेक प्रकार के प्रकल्प हाथ में लेकर उन्हें आगे बढ़ाने का काम किया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि महाप्रभु आदिनाथ से लेकर 9 गुरुओं और उनके बाद ऊर्जा के अनेक वाहकों के माध्यम से सनातन धर्म को नाथ संप्रदाय ने शक्ति देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी, जल, अग्नि, आकाश और वायु के सभी तत्वों को मिलाकर आत्मज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नाथ संप्रदाय में धूनि को माना गया है।

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