Union Home Minister and Minister of Cooperation Shri Amit Shah inaugurates development projects worth ₹1,472 crore and flagged off the country’s first LNG-powered train from Sabarmati Railway Station in Ahmedabad

Press | Sep 27, 2026

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने अहमदाबाद स्थित साबरमती रेलवे स्टेशन से 1472 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं देश की पहली LNG ट्रेन का शुभारंभ किया


गृह मंत्री श्री अमित शाह ने साबरमती से देश को पहली LNG ट्रेन समर्पित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह कदम कल्याणकारी सिद्ध होगा

मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद रेलवे में अनेक नई सुविधाएँ आईं और इसे आधुनिक बनाया गया; डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, रैपिड रेल सिस्टम और प्रीमियम स्टेशन की शुरुआत हुई

मोदी जी ने हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का उद्घाटन कर भारत को ऐसी तकनीक वाले दुनिया के चार देशों में शामिल किया

सत्याग्रह, सादा जीवन, ग्रामीण विकास और खादी… इन सभी प्रयोगों को जमीन पर उतारने की शुरुआत साबरमती से ही हुई

मुंबई से वडोदरा तक पहली लॉन्ग हॉल डबल स्टैक कंटेनर ट्रेन का सफल ट्रायल हमारी वहन क्षमता को दोगुना बढ़ाएगा

मोदी जी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के कॉन्सेप्ट का परिणाम है कि अब देश में ही इंजन जैसे उपकरणों का निर्माण बहुत हद तक संभव हुआ

मोदी सरकार में 98% बायो टॉयलेट लगे, LHB कोच के उत्पादन में 57% और लोकोमोटिव उत्पादन क्षमता में 66% वृद्धि हुई, वहीं रेलवे सुरक्षा के बजट में 67% की वृद्धि की गई

2014 से पहले रेलवे विद्युतीकरण केवल 30% था, मोदी सरकार में 99.6% हो गया, शेष 0.4% को भी हम जल्द पूरा करेंगे

पिछली सरकार ने 12 लाख करोड़ के घपले-घोटालों के अलावा कुछ नहीं किया, जबकि मोदी जी पर 12 वर्षों में चार आने का भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है

गृह मंत्री ने रेलवे लोको इंजन के रखरखाव के लिए 700 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए WAG-12 मेंटेनेंस शेड का भी उद्घाटन किया

साबरमती-कलोल-साबरमती रेल खंड, अहमदाबाद-पालनपुर रेल खंड और अहमदाबाद-सामाख्याली रेल खंड पर ‘कवच’ और साबरमती-सरखेज रेल मार्ग के दोहरीकरण की शुरुआत हुई

प्रविष्टि तिथि: 27 SEP 2026 3:33PM by PIB Delhi

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती रेलवे स्टेशन से 1472 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं देश की पहली LNG ट्रेन का शुभारंभ किया। उन्होंने रेलवे लोको इंजन के रखरखाव के लिए शुरू किए जा रहे WAG-12 मेंटेनेंस शेड का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज साबरमती मंडल में रेलवे की बहुत सारी परियोजनाएं शुरू हुई हैं, जो पर्यावरण, जन सुविधा और रेल यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी हैं। सत्याग्रह, सादा जीवन, ग्रामीण विकास और खादी जैसे सभी प्रयोगों को जमीन पर उतारने की शुरुआत साबरमती से ही हुई। उन्होंने कहा कि साबरमती रेलवे स्टेशन अब काफी विकसित हो चुका है, लेकिन 1980 के दशक में यहाँ से रिक्शा लेने के लिए भी दो किलोमीटर चल कर जाना पड़ता था। उन्होंने कहा कि रेल यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और कनेक्टिविटी की दृष्टि से साबरमती रेलवे स्टेशन में आमूलचूल बदलाव आए हैं। श्री शाह ने कहा कि 1472 करोड़ रुपये की लागत से आज हुए लोकार्पण और शिलान्यास आगामी दिनों में इस क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होंगे। उन्होंने कहा कि 700 करोड़ रुपये की लागत से यहाँ रेलवे लोको इंजन के रखरखाव के लिए WAG-12 मेंटेनेंस शेड बनाया गया। 48 करोड़ रुपये की लागत से सुरक्षा के लिए साबरमती-कलोल-साबरमती रेल खंड पर ‘कवच’ प्रणाली की शुरुआत की गई। साथ ही, अहमदाबाद-पालनपुर रेल खंड और अहमदाबाद-सामाख्याली रेल खंड पर ‘कवच’, साबरमती-सरखेज रेल मार्ग का दोहरीकरण जैसे कार्य शुरू हुए हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि आज 12,000 हॉर्सपावर की ट्विन-सेक्शन क्षमता वाले एक ऐसे इंजन की शुरुआत हुई है, जो अकेले ही लगभग 600 ट्रकों जितना माल खींच सकता है। पहले दो लोकोमोटिव लगाने पड़ते थे, लेकिन अब एक ही WAG-12 यह काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह देश को भारतीय रेलवे के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुँचाएगा। श्री शाह ने कहा कि आज LNG से चलने वाली ट्रेन का भी लोकार्पण हुआ है, जो आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान देगी।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि 2014 में श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद रेलवे में अनेक नई सुविधाएँ आईं और इसे आधुनिक बनाया गया। उन्होंने कहा कि मुंबई स्थित जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) से वडोदरा तक पहली डबल-स्टैक लॉन्ग-हॉल कंटेनर ट्रेन का सफल ट्रायल पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि देश में माल ढुलाई के लिए ट्रैक सीमित हैं, लेकिन डबल डेकर मालगाड़ी की यह कल्पना सफल हो जाए तो वहन क्षमता लगभग दोगुनी हो जाएगी और अब 11,000 किलोमीटर लंबा गलियारा 4-लेन नेटवर्क में बदला जा रहा है, जिससे दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-गुवाहाटी तक यातायात में बड़ी सुविधा मिलेगी।

श्री अमित शाह ने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, रैपिड रेल सिस्टम और प्रीमियम स्टेशन की शुरुआत मोदी जी ने ही की है। हाल ही में उन्होंने हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का उद्घाटन कर भारत को दुनिया के उन चार देशों में शामिल कर दिया है, जिनके पास यह तकनीक है। 97 प्रतिशत बायो-टॉयलेट मोदी जी के शासन में बने। एलएचबी कोच का 87 प्रतिशत उत्पादन भारत में मोदी जी के समय हुआ। रेलवे विद्युतीकरण मोदी जी आने से पहले केवल 30 प्रतिशत था, शेष 70 प्रतिशत उनके कार्यकाल में हुआ। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में रेलवे सुरक्षा बजट में 67 प्रतिशत और लोकोमोटिव उत्पादन क्षमता में 66 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी जी ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का कॉन्सेप्ट लॉन्च किया और उसी का परिणाम है कि अब देश में ही इंजन जैसे उपकरणों का निर्माण बहुत हद तक संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि 2015-16 में रेलवे 293 करोड़ लीटर डीजल का उपयोग करती थी, लेकिन 2024-25 में यह घटकर 108 करोड़ लीटर रह गया है, उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी उपलब्धि है, जिस पर लोगों का ध्यान कम जाता है। श्री शाह ने कहा कि रेल लाइनों का विद्युतीकरण 2010-11 में साल भर में केवल 75 किलोमीटर होता था, जबकि 2023-24 में एक ही वर्ष में 7,188 किलोमीटर विद्युतीकरण हुआ। उन्होंने कहा कि रेलवे का 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है और बचे हुए 0.4 प्रतिशत को भी हम जल्द पूरा कर लेंगे। उन्होंने कहा कि रेलवे का चीन में 92 प्रतिशत, स्पेन में 68 प्रतिशत, फ्रांस में 60 प्रतिशत और ब्रिटेन जैसे छोटे देश में 49 प्रतिशत विद्युतीकरण हुआ है। भारत 100 प्रतिशत हासिल कर इन देशों से आगे बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में केवल स्वीडन में 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हुआ है, लेकिन स्वीडन और भारत की रेल लाइन में लगभग 10 गुना अंतर है।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि रेलवे के बजट के मामले में अगर गुजरात का उदाहरण दिया जाए तो 2009 से 2014 तक रेल बजट मात्र 589 करोड़ रुपये था। इसके विपरीत, केवल 2026-27 का एक वर्ष का बजट 17,366 करोड़ रुपये है। विकास का यह अंतर साफ दिखता है। उन्होंने कहा कि अनाप-शनाप बोलने वाले विपक्षी पार्टी के नेताओं से देश की जनता को कहना चाहिए कि वे आंकड़ों के साथ चर्चा करें। श्री शाह ने विपक्षी पार्टी से सवाल किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में क्या किया था। उन्होंने कहा कि 10 वर्षों में 12 लाख करोड़ के घपले, घोटाले और भ्रष्टाचार के अलावा विपक्षी पार्टी ने कुछ नहीं किया। श्री शाह ने कहा कि मोदी जी पर 12 वर्षों में चार आने के भी भ्रष्टाचार का आरोप कोई नहीं लगा पाया।

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