Union Home Minister and Minister of Cooperation, Shri Amit Shah, inaugurates Shaheed Veer Gundadhur Seva Dera Jan Suvidha Kendra in Bastar, Chhattisgarh

Press | May 18, 2026

गृह मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया


शहीद वीर गुण्डाधुर की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि बस्तर के नेतानार गांव को तीर्थ माना जाता है, नक्सलवाद की समाप्ति के बाद वहाँ CSC केंद्र का खुलना ऐतिहासिक है

बस्तर की जिस भूमि पर नक्सलियों ने 6 पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या की थी, उसी स्थान पर आज गरीब आदिवासियों के लिए जनसेवा केंद्र का निर्माण हो रहा है

नक्सलवाद की समाप्ति का उद्देश्य केवल नक्सलियों को जड़ से उखाड़ फेंकना ही नहीं, बल्कि गरीब आदिवासियों तक जनकल्याणकारी सुविधाएँ पहुँचाना भी है

देशभर में आजादी 1947 में आ गई थी, मगर बस्तर में 31 मार्च, 2026 के बाद आजादी का सूर्योदय हुआ है

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समाप्ति के बाद आदिवासी बहनें विकास का नेतृत्व करेंगी

नक्सलवाद से हुए दशकों के नुकसान की भरपाई हमारी सरकार अगले 5 वर्षों में करेगी

प्रविष्टि तिथि: 18 MAY 2026 5:03PM by PIB Delhi

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन और श्री तपन डेका, निदेशक, आसूचना ब्यूरो सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज एक बहुत ऐतिहासिक दिन है। शहीद वीर गुण्डाधर की यह जन्मभूमि और कर्मभूमि अपने आप में भारत के हर नागरिक के लिए तीर्थ समान है। वर्ष 1910 में हमारे वीर आदिवासी नेता ने भूमकाल विद्रोह के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम की शुरूआत की थी और विदेशी शासन के विरुद्ध बस्तर के आदिवासियों की लड़ाई का नेतृत्व शहीद वीर गुण्डाधुर ने किया था। उन्होंने कहा कि आज उन्हीं से प्रेरणा लेकर नेतानार का यह कैंप, जो वर्ष 2013 से सुरक्षा कैंप था, अब सेवा कैंप बनकर आदिवासियों की सेवा करेगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस सेवा कैंप का नाम भी शहीद वीर गुण्डाधुर के नाम पर रखा है। यह कैंप हमें सदैव स्मरण कराएगा कि एक समय यहां छह पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या की गई थी, यहां के स्कूल, अस्पताल उजाड़ दिए गए थे, राशन पहुंचने नहीं दिया गया, रोजगार और शिक्षा से लोगों को वंचित रखा गया। श्री शाह ने कहा कि आज उसी स्थान पर, जहां हमारे छह जवान शहीद हुए थे, वहां गरीब आदिवासियों की सेवा का एक तीर्थ स्थल बनाने का कार्य प्रारंभ हो रहा है।

श्री अमित शाह ने कहा कि जब हमने नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया, उसका उद्देश्य केवल नक्सलियों का खात्मा करना नहीं बल्कि इस क्षेत्र के गरीब आदिवासियों के जीवन में वे सभी सुविधाएं पहुंचाना भी था, जो बड़े-बड़े शहरों में उपलब्ध हैं, जिससे उनके बच्चों का भविष्य भी उज्ज्वल बन सके। उन्होंने कहा कि “नियद नेल्लानार” योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार हर गांव में सस्ते राशन की दुकान खोल रही है, हर गांव में प्राथमिक विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं और गांवों के बीच में एक समूह PSC एवं CSC खोले जा रहे हैं। अब यहां हर गरीब के घर तक पीने का पानी पहुंचाने का काम हो रहा है, आधार कार्ड बन रहे हैं, राशन कार्ड बन रहे हैं। हर व्यक्ति को प्रति माह 7 किलो चावल दिया जाता है और 5 लाख रूपए तक का पूरा इलाज मुफ्त में करने की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की योजना भी अब यहां तक पहुंच चुकी है।

श्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों ने दशकों तक गलतफहमी फैलाई कि हमारा विकास नहीं हुआ इसलिए हमने हथियार उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि इस क्षेत्र का विकास इसलिए नहीं हुआ क्योंकि नक्सलियों ने हाथों में हथियार उठा रखे थे। उन्होंने कहा कि रायपुर में विकास के जितने कार्य हुए हैं, उन्हें एक साल के भीतर हमारी सरकार आपके गांवों तक लाएगी। श्री शाह ने कहा कि सरकार की हर सुविधा पर आपका इतना ही अधिकार है जितना बड़े शहरों की जनता का है। श्री शाह ने कहा कि यह आपकी सरकार है और आपके जीवन में खुशियां लाना सरकार का उत्तरदायित्व है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि बस्तर में अभी लगभग 200 कैंप हैं और उनमें से 70 कैंप को अगले डेढ़ वर्षों में हम इसी प्रकार के जनसेवा केंद्र के रूप में परिवर्तित कर आदिवासी कल्याण का केन्द्र बनाएंगे। इन कैंपों का डिजाइन कंप्लीट होगा, जिनके अंदर बैंकिंग सुविधा भी होगी, आधार कार्ड भी बनेगा, राशन कार्ड भी बनेगा, सरकार की योजना के पैसे यहीं से मिलेंगे, कॉमन सर्विस सेंटर पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने भी आह्वान किया है कि नक्सलवाद समाप्त हो गया है, ऐसा मानकर चैन की नींद नहीं सोना है। नक्सलवाद से हुए नुकसान की भरपाई हम 5 साल के अंदर कर इन सभी गांवों को ऊर्जावान आदिवासी गांवों में बदलेंगे । इसके लिए आदिवासियों के खेल को बढ़ावा देने के लिए हमने बस्तर ओलंपिक और आदिवासी साहित्य, भाषा, संगीत, कला, नृत्य और विविध पकवानों को विश्व प्रसिद्ध करने के लिए बस्तर पंडुम शुरू किया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि इसी दिन के लिए शहीद वीर गुण्डाधुर ने आजादी का आंदोलन शुरू किया होगा। उन्होंने कहा कि देशभर में तो आजादी 1947 में आ गई थी, मगर हमारे बस्तर में 31 मार्च, 2026 के बाद आजादी का सूर्योदय हुआ है। श्री शाह ने कहा कि जो देरी हुई है, उसके पूरे नुकसान की भरपाई हम बहुत जल्द करेंगे और इस क्षेत्र के लोगों के विकास के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने कहा कि विकास को रोकने से कभी विकास नहीं होता है, बल्कि जब हम विकास को गति देंगे तभी विकास का फायदा हम तक पहुंचेगा।

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