Union Home Minister and Minister of Cooperation Shri Amit Shah chaired the 12th meeting of the North Eastern Space Applications Centre (NESAC) Society in Agartala, Tripura

Press | Dec 21, 2024

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज त्रिपुरा के अगरतला में North Eastern Space Applications Centre (NESAC) सोसाइटीकी 12वीं बैठक को संबोधित किया


​​​​​​​प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र ने नई ऊंचाइयां हासिल की हैं

NESAC सोसाइटी को पूर्वोत्तर के राज्यों में अपने काम के दायरे का विस्तार करना चाहिए

पूर्वोत्तर के सभी राज्यों से विज्ञान पृष्ठभूमि के 100-100 छात्रों को इसरो मुख्यालय का भ्रमण कराये NESAC सोसाइटी

NESAC की सहायता से 20 नये जलमार्ग विकसित हुए, इन्हें और बढ़ाने के लिए नई संभावनाएं तलाशनी चाहिए

पूर्वोत्तर के राज्यों में खनिज, तेल और कोयले के भंडार के लिए व्यापक मैपिंग की जरूरत, इससे मिलने वाली रॉयल्टी से पूर्वोत्तर राज्यों को फायदा होगा

भारत-म्यांमार सीमा, खासकर नागालैंड, मिजोरमऔर मणिपुर में लोगों के बसावट की मैपिंग हो जिससे फेंसिंग में मदद मिल सके

अंतरिक्ष विज्ञान का इस्तेमाल कर वन संवर्धन पर जोर दे NESAC सोसाइटी

इंजीनियरिंग कॉलेजों में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से जुड़े नये पाठ्यक्रम शुरु करें पूर्वोत्तर के राज्य

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज त्रिपुरा के अगरतला में North Eastern Space Applications Centre (NESAC) सोसाइटी की 12वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम सिंधिया, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा, मणिपुर के मुख्यमंत्री श्री एन बिरेन सिंह, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पेमा खांडू, सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग, केन्द्रीय उत्तर पूर्वी विकास राज्य मंत्री श्री सुकांत मजुमदार, केन्द्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन, अंतरिक्ष विभाग के सचिव के डॉ. एस. सोमनाथ और आसूचना ब्यूरो के निदेशक श्री तपन डेका, केन्द्र सरकार एवं पूर्वोत्तर की राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

 

अपने संबोधन में श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र ने नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि NESAC सोसाइटी की स्थापना के 25 साल बाद अब सोसाइटी की तरफ से किये जा रहे कार्यों के सकारात्मक पहलू नजर आने लगे हैं । उन्होंने कहा कि NESAC सोसाइटी को इन राज्यों में अपने काम के दायरे का और विस्तार करना चाहिए । इसके लिए राज्य सरकारों की तरफ से भी जरूरी पहल की जानी चाहिए ।

श्री अमित शाह ने NESAC सोसाइटी से आग्रह किया कि वे पूर्वोत्तर के सभी राज्यों से विज्ञान पृष्ठभूमि के 100-100 छात्रों को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मुख्यालय का भ्रमण करायें ताकि उनमें अंतरिक्ष और इससे जुड़ी प्रौद्योगिकी के बारे में रुचि पैदा हो सके। इस परियोजना के लिए उन्होंने पूर्वोत्तर राज्य विकास मंत्रालय से 60 फीसदी अंशदान करने का आग्रह किया। श्री शाह ने पूर्वोत्तर की राज्य सरकारों से इंजनियरिंग कॉलेजों में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से जुड़े नये पाठ्यक्रम शुरु करने का भी आग्रह किया।

 

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अब तक NESAC की सहायता से 20 जलमार्ग बनाने में सहायता मिली है और सोसाइटी को और अधिक जलमार्गों को बनाने की संभावना तलाशनी  चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के राज्यों में खनिज, तेल, और कोयले के भंडार के लिए व्यापक मैपिंग की जरूरत है। इन खनिज पदार्थों पर मिलने वाली रॉयल्टी से पूर्वोत्तर राज्यों को आर्थिक लाभ मिलेगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि भारत-म्यांमार सीमा, खासकर नागालैंड, मिजोरम, और मणिपुर में लोगों के बसावट की मैपिंग होनी चाहिए ताकि सीमा की बाड़बंदी में मदद मिल सके और घुसपैठ के मामलों पर तत्काल लगाम लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए सीमा क्षेत्र में व्यापक सर्वे करने की आवश्यकता है।

 

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि NESAC सोसाइटी को अंतरिक्ष विज्ञान का इस्तेमाल करके वन संवर्धन पर जोर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए पुराने मानचित्रों को नवीनतम मानचित्रों से तुलना करके जरूरी कदम उठाने चाहिए और जहां संभावनाएं हैं, वहां राज्य सरकारों से मिलकर वृक्षारोपण के प्रयास करने चाहिए । इसी तरह गृह मंत्री ने सोसाइटी को पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ की मैपिंग करने को भी कहा।

श्री अमित शाह ने प्रशासन में स्पेस टेक्नोलॉजी के समुचित और सकारात्मक इस्तेमाल के लिए NESAC सोसाइटी की सराहना की और आने वाले समय में इसके पूर्वोत्तर जैसे कठिन भौगोलिक क्षेत्र के विकास में व्यापक इस्तेमाल पर जोर दिया। श्री शाह ने कहा कि NESAC सोसाइटी को अपना राजस्व मॉडल विकसित करने पर भी ध्यान देना चाहिए।


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