Union Home Minister and Minister of Cooperation Shri Amit Shah addresses the closing ceremony of 38th ‘National Games’ as Chief Guest in Haldwani, Uttarakhand

Press | Feb 14, 2025

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने हल्द्वानी, उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह को आज मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया


खेलों के प्रति मोदी जी का समर्पण ऐसा है कि खिलाड़ी उन्हें 'खेल मित्र' बुलाते हैं

भारत वर्ष 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए तैयार है

उत्तराखंड के हर जिले में खेल का इन्फ्रास्ट्रक्चर पहुँचाकर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने देवभूमि को खेलभूमि भी बनाया

मोदी जी ने देश भर में खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर, कोचिंग व्यवस्था व पारदर्शी चयन को बढ़ावा दिया, जिससे आज वैश्विक फलक पर भारत की खेल प्रतिष्ठा बढ़ी है

मोदी जी ने ‘फिट इंडिया’ और ‘खेलो इंडिया’ जैसी पहलों से युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित किया

जीत का जज्बा रखना, हार से निराश न होना तथा हारने के बाद भी अगले पल जीतने की प्रेरणा का नाम ही ‘खेल’ है

उत्तराखंड व मेघालय जैसे छोटे राज्यों में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन राज्यों का खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है

प्रविष्टि तिथि: 14 FEB 2025 7:36PM by PIB Delhi

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज हल्द्वानीउत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया। इस अवसर पर केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मंडावियाउत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामीमेघालय के मुख्यमंत्री श्री कॉनराड संगमा और केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के हर जिले में खेल का इन्फ्रास्ट्रक्चर पहुँचाकर और 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने देवभूमि को खेलभूमि भी बनाया। उन्होंने कहा कि धामी जी के प्रयासों से देश के खेल नक़्शे पर देवभूमि 21वें स्थान से छलांग लगाकर अब 7वें स्थान पर पहुँच चुकी है। श्री शाह ने राष्ट्रीय खेलों में बड़ी संख्या में मेडल जीतने वाले उत्तराखंड के खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्होंने ही देवभूमि को खेल भूमि बनाया है।

गृह एवं सहकारिता मंत्री ने 38वें राष्ट्रीय खेलों की आयोजन समिति और खेल संघों की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयास के कारण ही एक छोटे से राज्य ने इतनी ऊंचाई पर इन खेलों का सफल आयोजन किया। उन्होंने कहा कि इन राष्ट्रीय खेलों में लगभग 435 खेल स्पर्धाओं में 16 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लियाजिनमें कुछ जीते और कुछ हारे। श्री शाह ने कहा कि जीत का जज़्बा और हार से निराश न होना ही खेल का संदेश है। उन्होंने कहा कि मेघालय में आयोजित होने वाले अगले राष्ट्रीय खेलों में इन खिलाड़ियों के लिए मेडल जीतने का एक और मौका है।

श्री अमित शाह ने कहा कि Eco-friendly Practices से लेकर Eco-friendly Game तक हर चीज़ को 38वें राष्ट्रीय खेलों में ज़मीन पर उतारा गया। इन खेलों में वेट लिफ्टिंगशूटिंगएथलेटिक्स सहित कई खेलों में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बने हैंजिससे अंतर्राष्ट्रीय खेलों में भी मेडल की उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि मेघालय में होने वाले अगले राष्ट्रीय खेलों के दौरान कुछ खेलों का आयोजन नार्थ ईस्ट के अन्य राज्यों में भी होगा ताकि पूरे पूर्वोत्तर में राष्ट्रीय खेलों की गूँज हो। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड व मेघालय जैसे छोटे राज्यों में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन राज्यों का खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की पहलों के कारण देश में खेल के वातावरण में काफी बदलाव आया है। मोदी जी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर राज्य में ‘खेलो गुजरात’ प्रतियोगिता की शुरुआत की थी और उसके बाद से खेल क्षेत्र में काफी विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि देश के कई जिलों में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हुआखिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को प्रोत्साहन मिला और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता आईजिससे दुनिया में भारत के खेलों की प्रतिष्ठा बढ़ी है।

श्री अमित शाह ने कहा कि भारत के खेलों का भविष्य उज्ज्वल है। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने ‘फिट इंडिया’ और ‘खेलो इंडिया’ जैसी पहलों से युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि जीत का जज्बा रखनाहार से निराश न होना तथा हारने के बाद भी अगले पल जीतने की प्रेरणा का नाम ही ‘खेल’ है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के युवाओं में खेल भावनाखेल प्रेम और उनमें खेलने का हौसला मजबूत करने के लिए ढेर सारे कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि खेलों के प्रति मोदी जी का समर्पण ऐसा है कि खिलाड़ी उन्हें 'खेल मित्रबुलाते हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी जी ने 2014 में जब देश की कमान संभाली तब देश का खेल बजट 800 करोड़ रुपए था, 2025-26 में खेल बजट 3,800 करोड़ रुपए का हो गया है। 2014 में कॉमनवेल्थ गेम्स में 15 मेडल मिले थेअब इनकी संख्या 26 हो चुकी है। इसी तरहएशियाई खेलों में 2014 में 57 मेडल मिले थेजिनकी संख्या बढ़कर अब 107 हो चुकी है। पैराएशियाई खेलों में पहले 33 मेडल मिले थेजो बढ़कर 111 हो गए हैं।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में देश के खिलाड़ियों ने तिरंगे का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि ओलंपिक और पैराओलंपिक में भी हमारे खिलाड़ी कई गुना मेडल जीत कर आए हैंजो बताता है कि देश में खेलों के इंफ्रास्ट्रक्चरखेलों के अट्मोसफेयर और जीतने की भूख तीनों में बहुत बड़ी बढ़ोत्तरी हुई है।

श्री अमित शाह ने कहा कि आज उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य ने इतना बड़ा आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न किया हैजो यह बताता है कि भारत का हर राज्य न केवल खेलने बल्कि अपना खेल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के लिए भी तैयार है। उन्होंने कहा कि TOPS (Target Olympic Podium Scheme) का उपयोग कर हमारे कई खिलाड़ी ओलंपिकएशियाई खेलों और कॉमनवेल्थ खेलों में बहुत अच्छी सफलता के लिए तैयारी कर रहे हैं। श्री शाह ने कहा कि भारत 2036 में ओलंपिक की मेजबानी के लिए तैयार है। हमने ओलंपिक आयोजन के लिए अपना दावा पेश किया है और विश्वास है कि 2036 में जब भारत में ओलंपिक खेल आयोजित होंगे तो उत्तराखंड के इस खेल महाकुंभ में हिस्सा ले रहे खिलाड़ी मेडल जीत कर तिरंगे और राष्ट्रगान की शान बढ़ाएंगे।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने वर्ष 2019 में आज ही के दिन जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए 40 जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इन जवानों की शहादत ने देश को न केवल सुरक्षित किया बल्कि उनकी शहादत के बाद मोदी जी ने सीमा पार एयर स्ट्राइक कर आतंकवादियों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इसी कारण पूरी दुनिया में भारत को देखने का नजरिया बदला है और पूरी दुनिया के आतंकवादियों को संदेश गया है कि भारत की सीमा और सेना से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता।


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