Union Home Minister Shri Amit Shah addressed the assistive devices distribution ceremony for persons with disabilities, including those affected by Naxal violence, via video conference under the Seva Sankalp Abhiyan, marking 25 years of Prime Minister Shri Narendra Modi’s service and dedication

Press | Oct 15, 2026

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर चल रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत सामान्य दिव्यांगजनों व नक्सली हिंसा से पीड़ित दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर देशभर में इस प्रकार के सेवा संकल्प अभियान चलाए जा रहे हैं

इस अभियान में अकेले बस्तर से 1570 से अधिक लाभार्थी हैं, जो बस्तर की पीड़ा का परिचय देती है

नक्सलमुक्त भारत बनाने के बाद इसके कारण देश को जो घाव मिले हैं, अब उन पर मरहम लगाना और हर पीड़ित सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सके, उसकी व्यवस्था करनी है

 नक्सलियों ने राजनीतिक उद्देश्य के लिए IED के धमाके कर निर्दोष लोगों को दिव्यांग बनाया, इससे बड़ा मानवाधिकार का हनन कुछ नहीं हो सकता

 मोदी सरकार हर दिव्यांग और पीड़ित को पुनर्वास का अवसर देने के प्रति कटिबद्ध है, इस प्रयास में भारत सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है

 जैसे नक्सलवाद को समाप्त किया है, वैसे ही उसकी हर निशानी को भी मिटाना होगा

 विपक्षी पार्टी के शासन में पांच दशकों तक जिस बस्तर में बुनियादी सेवाएं तक नहीं पहुंच सकीं, वहां आज नियद नेल्लानार योजना के तहत आधारभूत सुविधाएं पहुंच रही है

 छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम, नियद नेल्लानार और मुख्यमंत्री सामूहिक बस योजना के माध्यम से फिर से हंसता-खेलता बस्तर बनाने की दिशा में प्रयास किया है

जिस बस्तर में कभी गोली, बम धमाके सुनाई देते थे और भय का माहौल था, वहां आज हज़ारों युवा खेलों में भाग ले कर अपनी परंपरा को जीवित रख रहे हैं

बस्तर पंडुम के माध्यम से जनजातीय कला एवं संस्कृति को पुनर्जीवित करने का एक बहुत बड़ा प्रयास हुआ है

500 से अधिक पूर्ववर्ती सुरक्षा शिविरों में से 200 से ज्यादा सुरक्षा शिविरों को शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा में बदला जाएगा

जिस शिविर में कभी जवान बैठकर लोगों की सुरक्षा करते थे, वहीं आज भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार के अधिकारी बैठकर विकसित बस्तर की नींव डालेंगे

प्रविष्टि तिथि: 15 OCT 2026 4:03PM by PIB Delhi

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर चल रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत सामान्य दिव्यांगजनों व नक्सली हिंसा से पीड़ित दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज दिव्यांग सेवा शिविर के दूसरे चरण का शुभारंभ हो रहा है जो सेवा संकल्प अभियान का हिस्सा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर देशभर में इस प्रकार के सेवा संकल्प अभियान चलाए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के शिकार दिव्यांग आदिवासियों के जीवन को सुगम बनाने के लिए उन्हें कृत्रिम अंग प्रदान किए जा रहे हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि 5 से 7 अक्टूबर, 2026 के दौरान जगदलपुर में यह कार्यक्रम हुआ और लगभग 3600 से  अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित हुए थे और अकेले बस्तर से 1570 से अधिक लाभार्थी थे। यह संख्या बस्तर की पीड़ा का परिचय देती है। उन्होंने कहा कि 5 दशकों तक चले नक्सलवाद ने बस्तर के गरीब आदिवासियों को बहुत अधिक आहत किया है। राजनीतिक उद्देश्यों के लिए निर्दोष नागरिकों को आईईडी लगाकर दिव्यांग बनाने से बड़ा मानवाधिकार का हनन और कोई नहीं हो सकता। श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार का दृढ़ संकल्प था कि 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से नक्सलवाद समाप्त कर दिया जाएगा, और आज नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि सिर्फ नक्सलवाद समाप्त होने से पांच दशकों की पीड़ा समाप्त नहीं होगी, हमें इस पीड़ा से मिले घावों पर मरहम लगाना होगा, पीड़ितों को दोबारा खड़ा करने का प्रयास करना होगा और उनके सम्मानपूर्वक जीवन के लिए व्यवस्था करनी होगी।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इस पवित्र कार्य में छत्तीसगढ़ सरकार, ज़िला प्रशासन, राज्य समाज कल्याण विभाग, भगवान महावीर विकलांगता सहायता समिति, जयपुर और भारतीय जैन संघ सहित अनेक लोग जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हर दिव्यांग और पीड़ित को पुनर्वास का अवसर देने के प्रति कटिबद्ध है और इस प्रयास में सहायता के लिए भारत सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। उन्होंने कहा कि हमें नक्सलवाद की हर निशानी को समाप्त करना होगा और एक हंसता-खेलता बस्तर दोबारा बनाना होगा। श्री शाह ने कहा कि इस दिशा में हमने बहुत काम किया है और बस्तर क्षेत्र के पारंपरिक जनजातीय नेतृत्व का इन प्रयासों में बहुत बड़ा योगदान रहा है। दिव्यांग भाईयों-बहनों को व्हील चेयर, ट्राइसिकल, बैसाखी, श्रवण यंत्र, स्मार्ट वॉकिंग स्टिक, कृत्रिम अंग, आदि की सहायता देने से हम निश्चित रूप से बस्तर में एक नई खुशी की शुरूआत कर सकेंगे।

श्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम, नियद नेल्लानार और मुख्यमंत्री सामूहिक बस योजना के माध्यम से पीड़ित बस्तर को फिर से हंसता-खेलता बस्तर बनाने की दिशा में प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि जिस बस्तर में कभी गोलियों की आवाज़, बम धमाके सुनाई देते थे और भय का माहौल था, वहां आज हज़ारों युवा खेलों में भाग ले रहे हैं और अपनी परंपरा को जीवित रख रहे हैं। बस्तर पंडुम के माध्यम से जनजातीय कला एवं संस्कृति को पुनर्जीवित करने का एक बहुत बड़ा प्रयास हुआ है। नियद नेल्लानार योजना के तहत आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाने और पांच दशकों से विपक्षी सरकारों के शासन में सुविधाओं से अछूते रहे बस्तर तक सुविधाएं पहुंचाने का बहुत बड़ा काम हुआ है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि लगभग 8,526 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनके पास बैंक अकाउंट नहीं था, ऐसे 7328 लोगों के बैंक अकाउंट खोले गए हैं, 1620 लोगों को इनामी राशि दी गई है। 7,882 लोगों को प्रोत्साहन राशि दी गई है, 455 लोगों को नौकरी दी गई है, 129 लोगों को भूमि का आवंटन हुआ है, 4,014 पीएम आवास दिए गए हैं और 2308 आदिवासियों का कौशल विकास प्रशिक्षण हुआ है। 6763 नए राशन कार्ड बनाए गए हैं, 2808 परिवारों को निशुल्क बिजली दी गई है, 372 नए सड़क प्रोजेक्ट चालू किए गए, 670 पुलिया बन रही हैं, 48,526 लोगों को आधार कार्ड दिया गया है और इलवाद पंचायत पुरस्कार के तहत 44 पंचायतों को पुरस्कृत किया गया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि हमने 500 से अधिक सुरक्षा शिविर बनाए थे, जिनमें से 200 से ज्यादा सुरक्षा शिविरों को शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा में बदला जाएगा। जिस शिविर में कभी जवान बैठकर आपकी सुरक्षा करते थे, वहीं आज भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार के अधिकारी बैठकर विकसित बस्तर की नींव डालेंगे। इन सार्वजनिक सेवा केंद्रों के बाद हम फिर से एक बार बस्तर को विकसित बनाने का संकल्प सिद्ध कर पाएंगे।

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