Press, Share | May 07, 2022
सेवानिवृत्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और असम राइफल कर्मियों को निजी सुरक्षा एजेंसियों के साथ रोजगार सुरक्षित करने की सुविधा के उद्देश्य से, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के निर्देशानुसार गृह मंत्रालय ने कल्याण और पुनर्वास बोर्ड (डब्ल्यूएआरबी) के माध्यम से 'सीएपीएफ पुनर्वास' का शुभारंभ किया है। यह पोर्टल सेवानिवृत्त कर्मियों के विवरण को डब्ल्यूएआरबी वेबसाइट पर व्यक्तिगत विवरण को अपलोड करके निजी सुरक्षा एजेंसियों के साथ उनकी विशेषज्ञता के क्षेत्र और पसंदीदा रोजगार स्थल पर फिर से रोजगार तलाशने में सहायता करेगा। गृह मंत्रालय निजी सुरक्षा एजेंसियों (पीएसए) के पंजीकरण के लिए निजी सुरक्षा एजेंसियां विनियमन अधिनियम (पीएसएआरए) के तहत एक पोर्टल का भी संचालन करता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सीएपीएफ कर्मियों और उनके परिवारों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक रहा है।
दोनों वेबसाइटों को अब आपस में जोड़ दिया गया है जिससे सेवानिवृत्त सीएपीएफ कर्मियों का डेटाबेस, जिन्होंने 'सीएपीएफ पुनर्वास' पर आवेदन किया है, पीएसए द्वारा पीएसएआरए वेबसाइट के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है, जिसके परिणामस्वरूप रोजगार के इच्छुक और रोजगार प्रदाता दोनों के लिए एक ही मंच पर उपलब्ध रहेंगे। गृह मंत्रालय की यह नई पहल 'सीएपीएफ पुनर्वास' के तहत पीएसए को डिजिटल रूप से डेटा बेस तक पहुंच प्रदान करती है।
सुरक्षा सेवाओं की आवश्यकता वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की संख्या में वृद्धि के साथ, पीएसए की पर्याप्त वृद्धि हुई है जिससे सुरक्षा कर्मियों की आवश्यकता में भी वृद्धि गई है। एक ओर, पीएसए को सीएपीएफ के सेवानिवृत्त और इच्छुक कर्मियों के डेटाबेस तक पहुंचने से लाभ होगा, जो सुरक्षा और अन्य आवश्यकता संबंधी सेवाएं प्रदान करने में अच्छी तरह से प्रशिक्षित हैं और दूसरी ओर यह पहल सेवानिवृत्त सीएपीएफ कर्मियों को पीएसए में रोजगार सुरक्षित करने के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक मंच प्रदान करेगी।
यह पहल सीएपीएफ कर्मियों के कल्याण की दिशा में एक कदम है और उनकी पुनर्वास आवश्यकताओं को पूरा करने में एक दीर्घकालीन मार्ग तय करेगी।