Salient points of speech of Hon'ble Home Minister Shri Amit Shah at the Town Hall program organized in Guwahati, Assam

Press, Share | Mar 15, 2021

माननीय गृह मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री अमित शाह द्वारा गुवाहाटी, असम में आयोजित टाउन हॉल कार्यक्रम में दिए गए उद्बोधन के मुख्य बिंदु

श्री शाह ने गुवाहाटी में #ProgessiveAssam सोशल मीडिया वॉरियर्स, युवाओं और प्रबुद्ध जनों के साथ बैठक में असम में सेल्फी विद डेवलेपमेंट (#SelfieWithDevelopment) कार्यक्रम लॉन्च किया जो बदलते असम की कहानी को रेखांकित करती है।
*********
असम में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस एवं बदरुद्दीन अजमल के गठबंधन के बीच में लड़ाई है। ये कोई ट्राई-एंगल नहीं है। कांग्रेस का बदरुद्दीन अजमल से समझौता है। यह असम की जनता को तय करना है कि इनमें से श्रीमंत शंकरदेव के स्वप्न को कौन पूरा कर पाएंगे।
*********
हमारे पास चुनाव लड़ने के लिए पांच आधार स्तंभ हैं - सुरक्षा एवं सम्मान, संस्कृति एवं विरासत, कनेक्शन एवं समृद्धि, शांति एवं चर्चा और आत्मनिर्भरता। ये सभी स्तंभ भविष्य में असम को आगे ले जाएंगे।
*********
कांग्रेस पार्टी ने अपने स्वभाव के अनुरूप दो काम किए। पहला, उसने परिवारवाद की राजनीति की और दूसरा - ‘तोड़ो और राज करो’ की नीति अपनाई। इसके पीछे का कांग्रेस का मकसद था कि झगड़े होते रहें और वह राज करती रहे लेकिन उन्हें मालूम नहीं था कि भाजपा यहां तक पहुंच जाएगी।
*********
कांग्रेस कैसे सेक्युलर पार्टी है कि केरल में वह मुस्लिम लीग से समझौता करती है, पश्चिम बंगाल में फुरफुरा शरीफ के मौलाना से गठबंधन करती है तो असम में बदरुद्दीन अजमल के साथ चुनाव लड़ती है।
*********
जब भी मैं असम के युवाओं से बात करता हूँ तो वे ये कहते हैं कि बदरुद्दीन अजमल को देख कर उन्हें ‘काला पहाड़' और सैयद सादुल्ला की याद आती है जिसने असम में धर्म परिवर्तन को गति दी थी।
*********
कांग्रेस और बदरुद्दीन अजमल असमिया संस्कृति की रक्षा नहीं कर सकते। ये लोग सत्ता में आए तो असम में फिर से घुसपैठ होगी जो अपने पैरों तले असम की महान संस्कृति को रौंद कर रख देगी। असम की अस्मिता एवं संस्कृति की रक्षा केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है।
*********
जो तरुण गोगोई कहते थे कि ये अजमल कौन है, आज उन्हीं के पुत्र बदरुद्दीन अजमल के साथ मंच साझा कर रहे हैं। ये चुनाव जीतने के लिए कुछ भी कर सकते हैं।
*********
विगत पांच वर्षों में असम आंदोलन-मुक्त प्रदेश की राह पर चल पड़ा है। कैसी विडंबना है कि आज असम के युवाओं पर गोली चलाने वाली कांग्रेस पार्टी ही असम की अस्मिता की बात करती है।
*********
विगत पांच वर्षों में हमने ऐसी व्यवस्था बनाई है कि अब असम में कोई भी घुसपैठ करने से पहले कई बार सोचता है। घुसपैठ रोकने के लिए पुलिस और सीमा सुरक्षा बल की मुस्तैदी बढ़ाई गई है। हमने काजीरंगा को भी घुसपैठ से मुक्त किया है।
*********
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में और पांच साल की भाजपा सरकार में असम उग्रवाद से भी मुक्त होने की राह पर आगे बढ़ गया है। पिछले पांच वर्षों में अलग-अलग 10 समूहों के लगभग 2,000 युवा हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हुए हैं। ये बदलते असम की कहानी है।
*********
असम कोई भूमि का टुकड़ा-भर नहीं है, यह सदियों से चला आ रहा सांस्कृतिक धारा प्रवाह है। यह हजारों वर्षों की संस्कृति को धीरे-धीरे संजोकर सांस्कृतिक नदी का प्रवाह है।
*********
यहां बैठे सभी लोगों की जिम्मेदारी है कि हम असम की जनता का मार्गदर्शन करें कि आने वाली पीढ़ी के लिए कैसा असम चाहिए और जैसा चाहिए, वैसा असम कौन बना सकता है।
*********
भूपेन हजारिका सेतु विकास का एक प्रतीक है। असम वर्षों से इसकी राह देखता आया था, ये असम के अरमानों का पुल है, ये असम के लोगों की आशाओं का पुल है।
*********
माननीय प्रधानमंत्री जी ने असम में केवल छः साल में 6 पुल बनाने का काम किया है। हमने असम में 20,000 किमी से ज्यादा सड़कें बनाई हैं। घर-घर बिजली पहुंचाई है। हमने पांच वर्षों में असम को भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी सरकार दी है। असम देश के व्यापार का केंद्र भी बन सकता है।
*********
नामघर सिर्फ धार्मिक केंद्र ही नहीं, असम की संस्कृति का प्रचार केंद्र भी हैं। सारे नामघरों को 5 साल में 2.5 लाख रुपये देकर उन्हें मजबूती प्रदान करने का काम भाजपा सरकार करेगी। हमने सत्रों की भूमि को भी घुसपैठ से मुक्त बनाया है।
*********
इस बजट में मोदी सरकार ने असम में नई सड़कों के निर्माण के लिए 53,000 करोड़ रुपये, चाय बागान में काम करने वाले लोगों के लिए 1000 करोड़ रुपये, अन्य परियोजनाओं के लिए 30,000 करोड़ रुपये, आपदा प्रबंधन के लिए 770 करोड़ रुपये और स्थानीय निकायों के लिए 2,000 करोड़ रुपये अलग से दिये गए हैं।
*********

माननीय गृह मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री अमित शाह ने आज सोमवार को गुवाहाटी, असम में आयोजित टाउन हॉल कार्यक्रम को संबोधित किया और उपस्थित जन-समुदाय से प्रदेश में विकास की गति को और तेज करने, असम को बाढ़ मुक्त बनाने और अवैध घुसपैठ को ख़त्म करने के लिए पूर्ण बहुमत की भारतीय जनता पार्टी नीत एनडीए सरकार बनाने का आह्वान किया।

टाउन हॉल कार्यक्रम को संबोधित करने से पहले माननीय गृह मंत्री ने आज श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र, गुवाहाटी में #ProgessiveAssam सोशल मीडिया वॉरियर्स, युवाओं और प्रबुद्ध जनों के साथ बैठक में असम में सेल्फी विद डेवलेपमेंट (#SelfieWithDevelopment) कार्यक्रम लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि यह बदलते असम की कहानी है।

टाउन हॉल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री शाह ने कहा कि आज मेरे लिए बहुत सौभाग्य का दिन है कि इस टाउन हॉल के माध्यम से मैं असम के युवाओं के साथ, हमारे साइबर योद्धाओं के साथ बातचीत कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि असम कोई भूमि का टुकड़ा-भर नहीं है, यह सदियों से चला आ रहा सांस्कृतिक धारा प्रवाह है। ये जियो पॉलिटिकल राज्य नहीं है बल्कि यह हजारों वर्षों की संस्कृति को धीरे-धीरे संजोकर सांस्कृतिक नदी का प्रवाह है।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि असम में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस एवं बदरुद्दीन अजमल के गठबंधन के बीच में लड़ाई है। ये कोई ट्राई-एंगल नहीं है। कांग्रेस का बदरुद्दीन अजमल से समझौता है। यह असम की जनता को तय करना है कि इनमें से श्रीमंत शंकरदेव के स्वप्न को कौन पूरा कर पाएंगे। उन्होंने ये भी कहा कि यहां बैठे सभी लोगों की जिम्मेदारी है कि हम असम की जनता का मार्गदर्शन करें कि आने वाली पीढ़ी के लिए कैसा असम चाहिए और जैसा चाहिए, वैसा असम कौन बना सकता है। अगर आप गहराई से सोचेंगे तो ये चुनाव आपको, मुझे और असम की जनता को एक निश्चित लक्ष्य तक ले जाने वाला चुनाव बनेगा जो स्वर्णिम असम के स्वप्न को पूरा करेगा।

श्री शाह ने कहा कि हमारे पास पांच आधार जिस पर हम चुनाव लड़ते हैं। इसमें सुरक्षा और सम्मान (Security And Respect), संस्कृति और विरासत (Culture and Heritage), कनेक्शन और समृद्धि (Connection and Prosperity), शांति और चर्चा (Peace and Discussion) और आत्मनिर्भरता (Self Reliance) है। ये सभी स्तंभ भविष्य में असम को आगे ले जाएंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भूपेन हजारिका सेतु विकास का एक प्रतीक है। असम वर्षों से इसकी राह देखता आया था, ये असम के अरमानों का पुल है, ये असम के लोगों की आशाओं का पुल है। उन्होंने आगे कहा कि पूर्वोत्तर में देश का करीब साढ़े 8 प्रतिशत भू-भाग है। दूसरे देशों की भी सीमाएं इसके साथ मिलती है, इसलिए देश की सुरक्षा इसके साथ जुड़ी हुई है। असम देश के व्यापार का केंद्र भी बन सकता है। भारतीय जनता पार्टी ने विकास एक विजन दिया था जिसमें हमने असम के इंफ्रास्ट्रक्चर का जाल बुनने का काम किया। माननीय प्रधानमंत्री जी ने असम में केवल छः साल में 6 पुल बनाने का काम किया है। हमने असम में 20,000 किमी से ज्यादा सड़कें बनाई हैं। घर-घर बिजली पहुंचाई है। हमने पांच वर्षों में असम को भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी सरकार दी है।

श्री शाह ने कहा कि आंदोलन मुक्त असम भी हमारा बहुत महत्वपूर्ण वादा रहा है। विगत पांच वर्षों में असम आंदोलन-मुक्त प्रदेश की राह पर चल पड़ा है। कितने साल आंदोलन चले, असम के न जाने कितने युवा इसमें शहीद हुए। इसके कारण असम का विकास ठप्प पड़ गया। कैसी विडंबना है कि आज असम के युवाओं पर गोली चलाने वाली कांग्रेस पार्टी ही असम की अस्मिता की बात करती है। उन्होंने कहा कि हमने असम को घुसपैठियों से मुक्त कराने का भी वादा किया था। विगत पांच वर्षों में हमने ऐसी व्यवस्था बनाई है कि अब असम में कोई भी घुसपैठ करने से पहले कई बार सोचता है। घुसपैठ रोकने के लिए पुलिस और सीमा सुरक्षा बल की मुस्तैदी बढ़ाई गई है। हमने काजीरंगा को भी घुसपैठ से मुक्त किया है। अब असम में गैंडों का शिकार लगभग-लगभग बंद हो गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में और पांच साल की भाजपा सरकार में असम उग्रवाद से भी मुक्त होने की राह पर आगे बढ़ गया है। पिछले पांच वर्षों में अलग-अलग 10 समूहों के लगभग 2,000 युवा हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हुए हैं। ये बदलते असम की कहानी है। पिछले पांच वर्षों में असम शांति और विकास के बल पर नया इतिहास बना रहा है। इस दौरान कोई बड़ी उग्रवादी घटना भी असम में नहीं होने दी गई है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा-एनडीए गठबंधन के लिए असमिया संस्कृति का संरक्षण महत्वपूर्ण भी है और हमारी प्राथमिकता भी। कांग्रेस और बदरुद्दीन अजमल असमिया संस्कृति की रक्षा नहीं कर सकते। ये लोग सत्ता में आए तो असम में फिर से घुसपैठ होगी जो अपने पैरों तले असम की महान संस्कृति को रौंद कर रख देगी।

कांग्रेस पर हमला करते हुए श्री शाह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने स्वभाव के अनुरूप दो काम किए। पहला, उसने परिवारवाद की राजनीति की और दूसरा - ‘तोड़ो और राज करो’ की नीति अपनाई। इस सबके पीछे का कांग्रेस का मकसद था कि झगड़े होते रहें और कांग्रेस राज करती रहे लेकिन उन्हें मालूम नहीं था कि भारतीय जनता पार्टी यहां तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कैसे सेक्युलर पार्टी है कि केरल में वह मुस्लिम लीग से समझौता करती है, पश्चिम बंगाल में फुरफुरा शरीफ के मौलाना से गठबंधन करती है तो असम में बदरुद्दीन अजमल के साथ चुनाव लड़ती है। श्री शाह ने कहा कि जब भी मैं असम के युवाओं से बात करता हूँ तो वे ये कहते हैं कि बदरुद्दीन अजमल को देख कर उन्हें ‘काला पहाड़' और सैयद सादुल्ला की याद आती है जिसने असम में धर्म परिवर्तन को गति दी थी। जो तरुण गोगोई कहते थे कि ये अजमल कौन है, आज उन्हीं के पुत्र बदरुद्दीन अजमल के साथ मंच साझा कर रहे हैं। ये चुनाव जीतने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। असम की अस्मिता एवं संस्कृति की रक्षा केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है। श्रीमान भूपेन हजारिका जी को भारत रत्न देने का काम भी भाजपा सरकार ने किया है। असम की सरकार ने सत्रों की भूमि को भी घुसपैठ से मुक्त किया है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इस बजट सत्र में मोदी सरकार ने असम में नई सड़कों के निर्माण के लिए 53,000 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं। इसके अतिरिक्त 30,000 करोड़ रुपये अन्य परियोजनाओं के लिए, 770 करोड़ रुपये आपदा प्रबंधन के लिए और 2,000 करोड़ रुपये स्थानीय निकायों के लिए अलग से दिये गए हैं। उन्होंने कहा कि नामघर सिर्फ धार्मिक केंद्र ही नहीं, असम की संस्कृति का प्रचार केंद्र भी हैं। सारे नामघरों को 5 साल में 2.5 लाख रुपये देकर उन्हें मजबूती प्रदान करने का काम भाजपा सरकार करेगी।

TTToggle Large Font Size

Share this post:

or Copy link: