Salient points of Union Home Minister and Senior BJP Leader Shri Amit Shah's address while paying tribute to Swami Vivekananda ji at his ancestral home

Press, Share | Dec 19, 2020

स्वामी विवेकानंद जी के पैतृक गृह पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए माननीय गृह मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री अमित शाह जी के मीडिया वक्तव्य के मुख्य बिंदु

मुझे आज उस जगह आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है जहां भारत की आकाशगंगा के सबसे तेजस्वी तारे स्वामी विवेकानंद जी ने जन्म लिया था। उन्होंने अल्पायु में ही भारत के ज्ञान, भारत की संस्कृति और भारत के दर्शन को विश्व भर में दिग्विजय दिलाई थी।
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यह हमारे लिए सौभाग्य और आनंद, दोनों का विषय है कि मैं आज उस स्थल पर आया हूं जो न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया भर के लिए चेतना जागृत करने का पवित्र स्थान है। यही वह स्थान है जहां भारत की आकाशगंगा के सबसे तेजस्वी तारे स्वामी विवेकानंद जी ने जन्म लिया था।

स्वामी जी ने अल्पायु में ही भारत के ज्ञान, भारत की संस्कृति और भारत के दर्शन को विश्व भर में दिग्विजय दिलाई थी। जब अमेरिका में सर्वधर्म सम्मेलन हुआ, उस वक्त स्वामी जी ने अपने एक ही वाक्य से सनातन धर्म की विश्व बंधुत्व की व्याख्या से पूरी दुनिया को परिचित कराया था।

स्वामी जी वो शख्सियत थे, जिन्होंने आधुनिकता और अध्यात्म को जोड़ने का काम किया। उन्होंने पूरे देश का आह्वान किया था कि 50 साल तक सब लोग सब कुछ भूल कर भारत माता की यदि आराधना करें तो भारतवर्ष जागृत हो जाएगा। उनके आह्वान के ठीक 50 वर्ष बाद भारत को आजादी मिली थी।

मैंने आज यहां आकर स्वामी जी के जन्म स्थान पर, उनके पुरुखों के पूजा स्थान पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है और मैं यहाँ से एक नई चेतना प्राप्त करके मैं जा रहा हूं। मैं आज भी मानता हूं कि स्वामी जी के विचार उस वक्त जितने प्रासंगिक थे, आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। दुनिया को स्वामी जी के विचार की उस वक्त जितनी जरूरत थी, उससे ज्यादा जरूरत है शायद आज है।

मैं इस पवित्र स्थान से यही प्रार्थना करता हूं कि हम सबको स्वामी जी के बताए रास्ते पर चलने का आशीर्वाद और प्रेरणा मिले। मेरा निश्चित मानना है कि यही मार्ग न केवल भारत, बल्कि समग्र विश्व के कल्याण का मार्ग हो सकता है।

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