Press | Jan 31, 2026
भारतीय जनतापार्टी के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारापश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना और बागडोगरा में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में दिए गए संबोधन केमुख्य बिंदु
पश्चिम बंगाल में 50% से अधिक वोट शेयर से भाजपासरकार बनेगी, भाजपा सरकार आते ही 45 दिनों में सीमा पर फेंसिंगहोगी
चिकन नेक को काटने की सोचने वालों से मैं कहना चाहताहूँ कि यह तुम्हारे पिताजी की नहीं, भारत की भूमि है, कोई इसे हाथ तक नहीं लगा सकता
इंडी अलायंस वाले, चिकन नेक को काटने की बात करने वालों को जेल से निकालने के लिए कोर्ट मेंकेस लड़ रहे हैं
हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी ममता बनर्जी बॉर्डरफेंसिंग के लिए भूमि नहीं देंगी, क्योंकि उनकावोट बैंक घुसपैठिए हैं
वोट बैंक के लिए ‘वंदे मातरम्’ का विरोध कर ममताबनर्जी बंगाल की अस्मिता और देश के स्वाभिमान का विरोध कर रही हैं
मोदी जी द्वारा पश्चिम बंगाल की जनता के कल्याण केलिए भेज गया फंड TMC के सिंडिकेट की भेंट चढ़ जाता है
आनंदपुर मोमो फैक्ट्री में आगजनी, जिसमें 25 लोगों को जान ग्वानी पड़ी, वे ममता सरकार के भ्रष्टाचार का नतीजा है, इसकी निष्पक्ष जाँच हो
2026 का साल टीएमसी को टाटा-बाय बाय कहने का साल है
बंगाल में समाज को आपस में लड़ाकर सामाजिक एकता कोतहस-नहस ममता बनर्जी और TMCने किया है
‘माँ, माटी, मानुष’ का नारा देकर सत्ता में आने वाली ममता दीदी के राज्य में आज येतीनों असुरक्षित हैं
कम्युनिस्टों की लाल और TMC की हरी सरकार लाने वाले बंगालवासी, एक बार भाजपा की केसरिया सरकार ला दें, घुसपैठिए खदेड़े जाएंगे
मतुआ समाज के लोगों को डरने की कोई जरूरत नहीं है, आपके वोट को कोई छू नहीं सकता
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह नेआज शनिवार को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना मेंआयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। श्री शाह ने आनंदपुर वेयरहाउस मेंमोमो फैक्ट्री अग्निकांड में शहीद श्रमिकों को श्रद्धांजलि देते हुए इसे ममताबनर्जी सरकार के भ्रष्टाचार का परिणाम बताया। केंद्रीय गृह मंत्री ने बंगाल मेंकांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के शासन में घोटाले, घुसपैठ और प्रशासनिक विफलताओं का आरोप लगाया। श्री शाह ने वंदे मातरम केविरोध को बंगाल और भारत की अस्मिता पर हमला बताया। श्री अमित शाह ने कहा कि भाजपाकी सरकार बनने पर घुसपैठ, भ्रष्टाचार और सिंडिकेट समाप्त होंगे, विकास और सुरक्षा सुनिश्चित होगी, तथा शहीद कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलेगा। कार्यक्रमके दौरान मंच पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री समीक भट्टाचार्य, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता श्रीशुभेंदु अधिकारी, केंद्रीय मंत्री श्री शांतनु ठाकुर, पूर्व सांसद श्री अर्जुन सिंह समेत अन्य नेतागणउपस्थित रहे।
श्री शाह ने कहा कि आनंदपुर वेयरहाउस स्थित मोमोफैक्ट्री में लगी आग में मारे गए सभी श्रमिकों को श्रद्धांजलि। आनंदपुर वेयरहाउसमें हुआ यह अग्निकांड कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि ममताबनर्जी सरकार के भ्रष्टाचार का परिणाम है। यह वर्ष ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ का वर्ष है। बंगाल की महान भूमि केसुपुत्र बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने अंग्रेजों के खिलाफ जनचेतना जगाने के लिए ‘वंदे मातरम’ की रचना की थी, जो देखते ही देखते स्वतंत्रता संग्राम का गीत और नाराबन गया। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा इसे गाए जाने के बाद पूरे भारतवर्ष मेंआजादी के लिए संघर्ष करने वाले लोगों ने ‘वंदे मातरम’ को स्वतंत्रता का उद्घोष बना दिया। स्वतंत्रतासंग्राम में जितने भी लोग शहीद हुए, जिन्हें फांसीपर चढ़ाया गया, उन सभी के मुख से अंतिम शब्द ‘वंदे मातरम’ ही निकले। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जीकी सरकार ने वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसे पूरे देश में मनाने कानिर्णय किया है। एक बार फिर बंगाल की धरती से उठा वंदे मातरम का नारा कश्मीर सेकन्याकुमारी और गुजरात से बंगाल तक पहुंचाने का निर्णय हमारे नेता आदरणीय श्रीनरेन्द्र मोदी जी ने किया है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि यह एकविडंबना है कि जिस वंदे मातरम का उद्भव बंगाल की माटी से हुआ और जिसकी रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की, उसी वंदे मातरम पर जब संसद में चर्चा हो रही थी, तब ममता बनर्जी के सांसद उसका विरोध कर रहे थे। वंदेमातरम का विरोध बंगाल की भूमि सहन नहीं कर सकती। यह संदेश बंगाल के जन-जन तक, हर एक मतदाता और हर एक नागरिक तक पहुंचाया जाना चाहिएकि वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति व घुसपैठियों को खुश करने के लिए ममता बनर्जीऔर तृणमूल कांग्रेस वंदे मातरम का विरोध कर रही है। ममता बनर्जी यह समझ लें किवंदे मातरम का विरोध करके वे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का नहीं, बल्कि बंगाल की अस्मिता और भारत के स्वाभिमान काविरोध कर रही हैं। बंगाल की जनता अपनी अस्मिता का विरोध सहन कर सकती। बंगाल कीअस्मिता का विरोध करने वाली तृणमूल कांग्रेस को अगले चुनाव में मूल समेत उखाड़फेंकने की आवश्यकता है और राज्य में राष्ट्रभक्तों की सरकार बनाने की जरूरत है।
श्री शाह ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि अभी बंगालमें सार्वजनिक सभा करने के लिए हाईकोर्ट की मनाही है। इसी कारण बंगाल भारतीय जनतापार्टी ने इस प्रकार के क्षेत्रीय सम्मेलनों का आयोजन किया। अभी सभी मंचों सेहमारे वक्ता कह रहे थे कि अगली सरकार भाजपा की सरकार होगी। इसका एक स्पष्ट संकेतयह है कि तृणमूल कांग्रेस की जितनी सभाएँ होती हैं, उतने ही हमारे कार्यकर्ता सम्मेलन दिखाई पड़ रहे हैं। यही बताता है कि ममतादीदी के जाने का समय आ गया है। बंगाल की इस ऐतिहासिक भूमि ने हर कालखंड में भारतके सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मगर करीब-करीब साढ़ेचार दशक से बंगाल लगातार पिछड़ता गया। पहले कम्युनिस्ट पार्टी ने बंगाल को पीछे लेजाने में कोई कसर नहीं छोड़ी और फिर ममता बनर्जी आईं, उन्होंने ‘माँ, माटी, मानुष’ का नारा दिया, लेकिन आज यह विश्वास के साथ कहा जा सकता है कि ममता बनर्जी से तो कम्युनिस्ट ही बेहतर थे। ममता बनर्जी ने प्रदेश कोबांटने का काम किया। कहीं गोरखाओं को बंगालियों से लड़ाया गया, कहीं आदिवासियों को कुड़मियों से, कहीं राजवंशियों को आदिवासियों और बंगालियों से।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि निर्वाचनआयोग के साथ भी ममता बनर्जी के अधिकारी सहयोग नहीं करते, जबकि भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह सहयोग करेगी और मतदाता सूची केसुदृढ़ीकरण में हर संभव सहायता देगी। समस्या केवल बाड़ के लिए भूमि न देने तकसीमित नहीं है, एम्स के लिए भूमि, बागडोगरा एयरपोर्ट का विस्तार और रेलवे परियोजनाएं ममता बनर्जी ने रोक रखीहैं। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने चाय बागान श्रमिकों के लिए जोयोजनाएं शुरू कीं, उनका लाभ असम में मिला, लेकिन बंगाल में नहीं, क्योंकि ममता बनर्जी भूमि का अधिकार देने के बजायछोटे-छोटे घर देने की सोच रखती हैं। भारतीय जनता पार्टी असम की तर्ज पर बंगाल मेंभी चाय बागान श्रमिकों को उनकी भूमि का अधिकार देगी। चाय बागानों को निजी कंपनियोंको देने और उत्तर बंगाल की पहाड़ियों को काटने का बड़ा षड्यंत्र भी चल रहा है। यहसब रोकना है तो केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी ही इसे रोक सकती है।
श्री शाह ने कहा कि आनंदपुर में लगी आग कोई हादसानहीं है। इस घटना में 25 लोगों की जान गई है और 27 लोग लापता हैं। यह कांड क्यों हुआ? मोमो फैक्ट्री के मालिक में किसका पैसा लगा है? वे किसके नजदीकी हैं और किसके साथ विमान में बैठकर विदेश यात्राएं कर चुकेहैं? अब तक मोमो फैक्ट्री के मालिक की गिरफ्तारी क्योंनहीं हुई है? आज 25 लोग मारे गए हैं और 27 लोग लापता हैं। ममता बनर्जी यह जवाब दें कि यदि ये लोग घुसपैठिए होते तोक्या आपकी प्रतिक्रिया ऐसी ही होती? बंगाल के नागरिकमारे गए हैं और इसमें वोट बैंक की राजनीति क्यों की जा रही है? ममता बनर्जी को शर्म आनी चाहिए। बंगाल की मुख्यमंत्रीसे यह मांग है कि इस घटना की तटस्थ और न्यायिक जांच कराई जाए तथा इसके लिएजिम्मेदार लोगों को सबसे पहले जेल की सलाखों के पीछे डाला जाए। श्री शुभेंदुअधिकारी और श्री समीक भट्टाचार्य जब पीड़ित परिवारों से मिलने गए और जब भाजपाकार्यकर्ताओं द्वारा विरोध किया गया तो पुलिस ने उनके साथ बर्बरता की। ममता बनर्जीकी पार्टी और सरकार का भ्रष्टाचार अब छिप नहीं सकता। आनंदपुर वेयरहाउस काअग्निकांड चीख-चीख कर कहता है कि इसमें ममता बनर्जी के लोग शामिल हैं। 32 घंटे बाद कोई मंत्री वहां नहीं पहुंचा , पर्यावरण की एनओसी नहीं थी, वेटलैंड पर गोदाम बनाया गया था और गोदाम बाहर से बंद था। यदि गोदाम बंद थातो उसे क्यों बंद किया गया? जब अंदर लोग जलते रहे, मरते रहे और चीखते रहे, लेकिन बाहर नहीं आ पाए। ममता बनर्जी, यदि पर्दा डालना है तो डाल लें, लेकिन अप्रैल के बाद जब भाजपा सरकार आएगी तोअग्निकांड के आरोपियों को चुन-चुनकर जेल की सलाखों के पीछे डाला जाएगा।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि हर तरहसे बंगाल में प्रशासन समाप्त हो चुका है और वर्ष 2026 तृणमूल कांग्रेस को टाटा बाय-बाय कहने का साल है। बंगाल की जनताकम्युनिस्टों से मुक्ति पाने के लिए तृणमूल कांग्रेस को सत्ता में लाई थी, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने ऐसा शासन दिया किकम्युनिस्ट भी अच्छे लगने लगे। बंगाल में कट मनी, भतीजे की दादागिरी, पुलिस का दुरुपयोग और घुसपैठ की एक पूरी इंडस्ट्री बनचुकी है। पिछली बार जब मैं बंगाल आया था, तब मैंने कहा थाकि राज्य में प्रचंड बहुमत से भाजपा की सरकार बनने वाली है, उस समय ममता बनर्जी मेरे इस बयान का मजाक उड़ा रहीथीं। जब प्रभु श्री राम ने राम सेतु का निर्माण किया था, तब रावण भी यही सोचता था कि क्या इस तरह उसे कोई उसे हरा सकता है? वर्ष 2014 में भाजपा कोबंगाल में केवल दो सीटें मिली थीं, वर्ष 2019 में 41 प्रतिशत वोट केसाथ 18 सीटें मिलीं, वर्ष 2024 में पार्टी को 39 प्रतिशत वोट मिले और 2021 के विधानसभा चुनाव में 38 प्रतिशत वोट और 77 सीटों के साथ श्री शुभेंदु अधिकारी विपक्ष के नेताबने। अब 38 प्रतिशत से 45 प्रतिशत का जंप लगाना है और मैं विश्वास के साथ कहता हूं कि आने वाले समयमें भारतीय जनता पार्टी का वोट शेयर 50 प्रतिशत से अधिकहोगा तथा प्रचंड बहुमत से भाजपा की सरकार बनेगी।
श्री शाह ने कहा कि 2013 में त्रिपुरा में कम्युनिस्टों की सरकार थी और भारतीय जनता पार्टी को मात्रआधा प्रतिशत वोट मिला था। 2014 में आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी प्रधानमंत्री बने, त्रिपुरा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया और 2018 तथा 2023 में लगातारदो-तिहाई बहुमत से त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी। 2011 में असम में भाजपा शीर्ष तीन दलों में भी नहीं थी औरकेवल तीन विधायक थे। 2014 में आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी प्रधानमंत्री बनेऔर 2015–16 में भाजपा का ऐतिहासिक सफरशुरू हुआ। 2016 में 86 सीटें और 2021 में 79 सीटों के साथअसम में भाजपा की सरकार बनी।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 में तीन दशक बाद पहली बार हमारे नेता माननीयप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी लगातार तीसरी बार इस देश के प्रधानमंत्री बनेहैं। वर्ष 2024 में ही आंध्र प्रदेश में एनडीए की सरकार बनी, ओडिशा में पहली बार भाजपा की सरकार बनी और अरुणाचलप्रदेश में तीसरी बार भाजपा की सरकार बनी। वर्ष 2025 में हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में भी 30 वर्षों के बाद भाजपा की सरकार बनी। वर्ष 2025 के अंत तक बिहार में भी प्रचंड बहुमत के साथ भारतीयजनता पार्टी और एनडीए की सरकार बनी। वर्ष 2026 में केरल में त्रिवेंद्रम कॉरपोरेशन में पहली बार भाजपा की जीत हुई औरमुंबई कॉरपोरेशन सहित महाराष्ट्र के सभी म्युनिसिपल कॉरपोरेशनों में ममता बनर्जीके इंडी गठबंधन का पूरी तरह सफाया हो गया। अब बारी बंगाल की है। मां, माटी और मानुष का नारा देकर ममता बनर्जी सत्ता में आईथीं, लेकिन आज स्थिति यह है कि मां असुरक्षित है, महिलाओं की सुरक्षा का कोई ठोस ठिकाना नहीं है, माटी यानी भूमि को घुसपैठियों ने हजम कर लिया है औरमानुष ममता बनर्जी की सिंडिकेट से परेशान है। मां, माटी और मानुष तीनों की रक्षा करनी है, तो वंदे मातरम का सम्मान करने वाली कमल फूल वाली भारतीय जनता पार्टी कीसरकार बनानी पड़ेगी।
श्री शाह ने कहा कि पहले तो मुझे समझ में ही नहीं आयाकि वंदे मातरम् का विरोध क्यों किया जा रहा है। वंदे मातरम् का विरोध कैसे हो सकताहै, जबकि सभी दलों और सभी राजनीतिक पार्टियों को इसकामहिमामंडन करना चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के एक सांसद सेपूछा कि आप लोग वंदे मातरम् का विरोध क्यों कर रहे हैं। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्यायजी बंगाल के थे और यह बंगाल के लिए एक महान उपलब्धि है। इस पर उस सांसद ने कहा किउनकी घुसपैठिया वोटबैंक वंदे मातरम् से नाराज है, इसलिए वे इसका विरोध कर रहे हैं। वोटबैंक के लिए वंदे मातरम् का विरोध करनाशर्मनाक है, और बंगाल की जनता इस कृत्य को माफ़ नहीं करेगी तथा 2026 के चुनाव में इसका पूरा हिसाब लेगी।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि ने कहाकि एक आदिवासी सांसद को सरेआम पीटा गया, गोरखा भाइयों परसैकड़ों मुकदमे दर्ज कर उन्हें परेशान किया गया, संवाद करने के बजाय उनका दमन किया गया। चाहे कोच राजवंशी हों, कुड़मी हों, आदिवासी हों, बिहार से जुड़े लोग हों, गोरखा भाई हों या बंगाली, ममता दीदी के राज्य में मानुष सुरक्षित नहीं है। 2026 के चुनाव में ममता बनर्जी को हटाना है। केवल हटाना हीनहीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस की सरकार को जड़ से उखाड़फेंकना है, जिसने पूरे बंगाल को तहस-नहस कर दिया है। 2026 का वर्ष बंगाल के लिए परिवर्तन का वर्ष सिद्ध होनेवाला है।
श्री शाह ने कहा कि 2016 में भाजपा को केवल 10 प्रतिशत वोट और तीन सीटें मिली थीं, जबकि 2021 में यह आंकड़ाबढ़कर 38 प्रतिशत वोट और 70 सीटों तक पहुंच गया। श्री शुभेंदु अधिकारी विपक्ष के नेता के रूप में बैठेहैं, कांग्रेस और कम्युनिस्ट शून्य की ओर पहुंच रहे हैं औरभाजपा का वोट चार गुना बढ़ चुका है। अब केवल 38 प्रतिशत से 46 प्रतिशत तक पहुंचना है। उत्तर बंगाल यह काम कर देगा, जहां 28 सीटें हैं। भलेही वे 2026 में पहली बार उत्तर बंगाल आया हूं, लेकिन यहां की राजनीतिक परिस्थिति से मैं भली-भांतिपरिचित हूं और इस बार 28 में से 28 सीटें भारतीयजनता पार्टी जीतने जा रही है। 2024 के चुनाव में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी ने हैट्रिक लगाकर तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। ओडिशा में पहली बारभाजपा की सरकार बनी, हरियाणा में हैट्रिक लगी, महाराष्ट्र में हैट्रिक लगी, बिहार मेंपांचवी बार जीत हासिल हुई, अरुणाचल प्रदेश में हैट्रिक लगी, सिक्किम में दूसरी बार, आंध्र प्रदेश में दूसरी बार और दिल्ली में 30 वर्षों बाद पहली बार विजय प्राप्त हुई। आज देशभर में भाजपा और एनडीए की 21 सरकारें हैं। इन 21 सरकारों के बावजूद बंगाल की धरती पर तृणमूल कांग्रेस के गुंडों द्वाराभाजपा के 60 कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है। क्या भारतीय जनतापार्टी का कार्यकर्ता यह सब सहन कर सकता है? क्या उत्तर बंगाल का कार्यकर्ता यह सहन कर सकता है? 21 सरकारें बनाने के बाद भी देशभर के कार्यकर्ताओं और हमारे नेता आदरणीयप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दिल में तब तक सुकून नहीं होगा, जब तक बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहींबनती। असली मुस्कान उस दिन आएगी, जिस दिन बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी और इसीलक्ष्य के साथ आगे बढ़ना होगा।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इस बार बंगाल मेंसरकार बनाना केवल पश्चिम बंगाल के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए आवश्यक है। जिस तरह पश्चिम बंगाल में घुसपैठ चल रहीहै, वह केवल राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि वहां से हो रही घुसपैठियों की फौज पूरे देश कीसुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी है। क्या घुसपैठियों को रोका नहीं जाना चाहिए? ममता बनर्जी यह कहती हैं कि केंद्र सरकार क्या कर रहीहै? जबकि मैंने संसद में स्पष्ट जवाब दिया था कि बाड़लगाने और फेंसिंग करने के लिए ममता बनर्जी सरकार केंद्र को भूमि नहीं दे रही है।भूमि न मिलने के कारण फेंसिंग का काम पूरा नहीं हो पा रहा है। नदी-नालों और दुर्गमपहाड़ी रास्तों से आने वाले घुसपैठियों को न तो राज्य का पटवारी रोकता है और न हीपुलिस, बल्कि फर्जी दस्तावेज बनाकर उन्हें पूरे देश में भेजदिया जाता है। जब मैंने संसद में इस विषय पर भाषण दिया था, तब तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इसका विरोध किया था। हाल ही में कोलकाताहाई कोर्ट के आदेश से उन्हें संतोष हुआ है, जिसमें बीएसएफ को 31 मार्च 2026 से पहले पूरीभूमि देने का निर्देश दिया गया है। हाई कोर्ट ने यह भी स्वीकार किया है कि ममताबनर्जी सरकार भूमि देने में सहयोग नहीं कर रही है और घुसपैठ रोकने में उसकी कोईरुचि नहीं है। यह ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका है। कोई यह भ्रम न पाले कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद ममता बनर्जी भूमि दे देंगी, क्योंकि उनका वोट बैंक वही घुसपैठिए हैं। 31 मार्च तक ममता बनर्जी भूमि दें या न दें, अप्रैल के अंत तक भाजपा का मुख्यमंत्री 45 दिनों में पूरी बाड़ का काम पूरा कर देगा। यह बंगाल की जनता से भाजपा कावादा है और पार्टी ने पहले भी ऐसे वादे करके दिखाए हैं। असम में जब कांग्रेस कीसरकार थी, तब घुसपैठ नहीं रुकती थी, लेकिन जैसे ही असम में भाजपा की सरकार बनी, वहां घुसपैठ रुक गई। गुजरात में भाजपा की सरकार है, वहां घुसपैठ नहीं होती, राजस्थान में भी भाजपा की सरकार है और वहां भी घुसपैठनहीं होती। बंगाल के नागरिकों ने लाल सरकार भी बना कर देख ली और तृणमूल की हरीसरकार भी बना कर देख ली है। अब एक बार भाजपा के केसरिया को मौका दीजिए, हम घुसपैठ को रोककर दिखाएंगे।
श्री शाह ने कहा कि ममता बनर्जी हाई कोर्ट के फैसलेको भी मानने वाली नहीं हैं। ममता बनर्जी के शासन में भ्रष्टाचार को संस्थागत रूपदे दिया गया है और भ्रष्टाचार से जुड़े अनेक मामले सामने आए हैं। इसके बावजूद ममताबनर्जी यह कहती हैं कि भ्रष्टाचार कहन है? कैश फॉर क्वेरी घोटाला, शिक्षक भर्ती घोटाला, एसएससी घोटाला, नगर पालिका और नगर निगम भर्ती घोटाला, गाय तस्करी घोटाला, शासन से जुड़ा घोटाला, मनरेगा घोटाला और प्रधानमंत्री आवास योजना घोटालेजैसे मामलों में हजारों करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है, लेकिन ममता बनर्जी को यह दिखाई नहीं देता। ममता बनर्जी को यह इसलिए दिखाईनहीं देता क्योंकि भतीजे के मोह और उसे मुख्यमंत्री बनाने की लालसा ने उनकी आंखोंपर मोतियाबिंद आ चुका है, लेकिन बंगाल की जनता जब इस मोतियाबिंद का ऑपरेशन करदेगी, तब सब कुछ साफ दिखाई देने लगेगा। बंगाल मेंभ्रष्टाचार सारी सीमाएं पार कर गया है। बंगाल की जनता सिंडिकेट से परेशान है औरविकास का पैसा तृणमूल के गुंडों के हाथों में जा रहा है। पार्थ चटर्जी, ज्योति प्रिय मलिक, अनुव्रत मंडल, जीवन कृष्ण साहा, माणिक भट्टाचार्य, अजीत मैती, मदन मित्रा, चंद्रनाथ सिन्हा, परेश पाल, कुंतल घोष, अराबुल इस्लाम, फिरहाद हकीम, शोभन चटर्जी और कुणाल घोष जैसे कई नेता जेल जा चुके हैं। बाकी काम सरकारबनने के बाद अपने आप पूरा हो जाएगा और कार्यकर्ताओं को चिंता करने की आवश्यकतानहीं है। आज हम ममता बनर्जी को खुली चुनौती देकर जा रहे हैं कि यदि उनमेंभ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े होने की हिम्मत है, तो वे इन लोगों को टिकट न देकर दिखाएं। ममता बनर्जी यह हिम्मत नहीं करपाएंगी, क्योंकि यदि अनुव्रत मंडल, पार्थ चटर्जी, अजीत मैती, मदन मित्रा, कुंतल घोष और हकीम जैसे लोगों को टिकट नहीं दिया गया, तो वे भतीजे का नाम उजागर कर देंगे। हम बंगाल की जनतासे यह कहकर जा रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद सुप्रीम कोर्टके एक न्यायाधीश की अध्यक्षता में सभी भ्रष्टाचार मामलों की जांच कराई जाएगी औरएक-एक भ्रष्ट व्यक्ति को चुन-चुनकर जेल में डालने का काम किया जाएगा।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि उत्तरबंगाल और सिलीगुड़ी भारतीय जनता पार्टी का अभेद्य गढ़ है। सिलीगुड़ी का यह क्षेत्रपूरे देश को अत्यंत प्रिय है। बंगाल की इस भूमि से देश को वैसे ही प्रेम है, लेकिन सिलीगुड़ी इसलिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैक्योंकि यही नॉर्थ ईस्ट जाने का मुख्य मार्ग है। कुछ दिन पहले दिल्ली में कुछलोगों ने नारे लगाए कि वे चिकन नेक को काट देंगे। कैसे काटेंगे? क्या यह किसी की निजी भूमि है? यह भारत की भूमि है और कोई इसे छू भी नहीं सकता।दिल्ली पुलिस ने ऐसे लोगों को जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया और इंडी अलायंस केलोग उन्हें छुड़ाने के लिए पीछे पड़ गए, यहां तक कि उनकेसांसद सुप्रीम कोर्ट तक पैरवी करने पहुंचे, लेकिन अंत में सत्य की जीत हुई और सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी जमानत खारिज करदी। इनके इरादे कभी सफल नहीं होने वाले हैं। आज इस क्षेत्र की 28 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पूरी तरहसक्रिय हैं। भारतीय जनता पार्टी चुनाव केवल सभाओं, रेडियो या रोड शो से नहीं जीतती, बल्कि भाजपा कोचुनाव बूथ का कार्यकर्ता जिताता है। मेरा बूथ सबसे मजबूत, इस मंत्र को साकार करते हुए सभी को आगे बढ़ना है। बूथ का सशक्तिकरण हीहमारी विजय का मंत्र है और उत्तर बंगाल के साथ जो अन्याय हुआ है, उसकी भरपाई भी इसी संकल्प से होगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2024–25 में 3,67,000 करोड़ रुपये का बजट पेश हुआ, लेकिन उत्तर बंगाल को केवल 561 करोड़ रुपये मिले। इसका अर्थ यह है कि उत्तर बंगाल को उसकी आवश्यकता केअनुसार हिस्सा नहीं दिया गया। जबकि उत्तर बंगाल का क्षेत्रफल पूरे बंगाल का लगभग 24–25 प्रतिशत है, उसे कम से कम 25 प्रतिशत बजट मिलना चाहिए था। इसके बजाय बहुत कम राशिदी गई। ममता बनर्जी इसका जवाब नहीं देंगी। इससे कहीं अधिक धन आदरणीय प्रधानमंत्रीश्री नरेन्द्र मोदी जी ने उत्तर बंगाल के विकास के लिए भेज दिया है। ममता बनर्जीकी नजर में उत्तर बंगाल केवल सोने के अंडे देने वाली मुर्गी है, लेकिन यह अधिक समय तक चलने वाला नहीं है। क्षेत्रफलऔर आबादी के अनुसार जो वाजिब बजट उत्तर बंगाल का हक है, उससे एक रुपये अधिक बजट भी दिया जाएगा और किसी भी प्रकार का अन्याय नहींहोने दिया जाएगा।
श्री शाह ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्रीनरेन्द्र मोदी जी ने बंगाल के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। 12 नई ट्रेनें दी गई हैं और लगभग 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि बंगाल सरकार को भेजी गईहै। यह सारा पैसा जो माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी भेज रहे हैं, वह तृणमूल कांग्रेस की सिंडिकेट के हाथों में चलाजाता है। यदि भाजपा की सरकार बनी, तो यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वाराभेजा गया पूरा पैसा सीधे बंगाल के गांव और गरीबों तक पहुंचेगा। बंगाल केकार्यकर्ताओं ने चुनावी रेजिंग के दौरान ममता बनर्जी की पार्टी के अत्याचार झेलेहैं। 60 से अधिक कार्यकर्ता मारे गए, सैकड़ों लोग घायल हुए, कई घर जल गए और कई लोग झूठे मामलों में जेल में रहे।आज मैं बंगाल की भारतीय जनता पार्टीके हर कार्यकर्ता से यह कहने आया हूं कि हम अपने शहीद कार्यकर्ताओं को याद करें और इस चुनाव में आज से लेकरकाउंटिंग तक हर पल कमल निशान को समर्पित करें। बंगाल में पहली बार भारतीय जनतापार्टी की सरकार बननी चाहिए।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आदरणीयप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने बंगाल को दस लाख करोड़ रुपये से अधिक कीराशि भेजी है। जब कांग्रेस की सरकार थी और ममता बनर्जी उसका समर्थन करती थीं, तब दस वर्षों में केवल दो लाख करोड़ रुपये भेजे गए थे, जबकि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी नेदस लाख करोड़ रुपये से अधिक भेजे हैं। यदि राशि आई थी तो वह गई कहाँ?यह दस लाख करोड़ रुपये तृणमूल कांग्रेस के सिंडिकेटकी भेंट चढ़ गए। यदि भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनता है, तो पहला काम सिंडिकेट वालों को जेल की सलाखों के पीछेडालना होगा। 2011 से 2025 के बीच बंगाल की 6,900 कंपनियां बंद हो गईं, जिनमें से 110 शेयर बाजार मेंसूचीबद्ध कंपनियां थीं और वे सभी बंगाल से बाहर चली गईं। यहां रेड कार्पेट की जगहकंपनियों से उगाही चल रही है और भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है।
श्री शाह ने कहा कि बंगाल की जनता ने कम्युनिस्टों कोतीन दशक और फिर ममता बनर्जी को भी वर्षों तक अवसर दिया, लेकिन किसी ने बंगाल का भला नहीं किया। एक मौका भारतीय जनता पार्टी कोदीजिए, हम स्वामी विवेकानंद, गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर और बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के स्वप्न का सोनारबांग्ला बनाकर देंगे। ऐसा बंगाल होगा जो घुसपैठियों से मुक्त होगा, जहां उद्योग आएंगे, भ्रष्टाचार के बिना नौकरियां मिलेंगी, युवाओं को दूसरे राज्यों में जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, सिंचाई बढ़ेगी, सड़कें, रेलवे और एयरपोर्ट मज़बूत होंगे और पूरा बंगालसुरक्षित बनेगा।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि श्यामाप्रसाद मुखर्जी जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी और वे इसी बंगाल की माटी सेनिकले थे। उन्होंने पश्चिम बंगाल को बचाया, अन्यथा पश्चिम बंगाल बांग्लादेश का हिस्सा होता। उन्होंने कश्मीर को बचायाऔर कश्मीर के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। आज श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी कीपार्टी देश के 21 राज्यों में सरकार बना चुकी है, लेकिन उन्हें 21 राज्यों से संतोष नहीं है। देश भर के कार्यकर्ता और हमारे नेता आदरणीयप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तभी संतोष और मुस्कान के साथ आगे बढ़ेंगे, जब 22वां राज्य बंगाल बनेगा। यही हमारे शहीद कार्यकर्ताओंको सच्ची श्रद्धांजलि होगी, यही उनके परिवारों के प्रति सच्ची कृतज्ञता होगी औरयही महान श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी को वास्तविक श्रद्धांजलि होगी। इसे पूरा करनेकी जिम्मेदारी हम सभी की है। वंदे मातरम के 150वें वर्ष में वंदे मातरम की भावना को पूरे देश में पहुंचाने वाली भारतीयजनता पार्टी की सरकार बंगाल में बननी चाहिए और यही हम सबका लक्ष्य है।
श्री शाह ने कहा कि ममता बनर्जी मतुआ समाज औरनामशूद्र समाज के लोगों को डराने का काम कर रही हैं। मतुआ समाज और नामशूद्र समाजके लोगों को डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। ममता बनर्जी उनके वोट को छू भी नहींसकती। एसआईआर का विरोध ममता बनर्जी जितना करना चाहें करें, लेकिन एसआईआर एक न्यायिक प्रक्रिया के तहत चल रहा है और भारतीय जनता पार्टीचुनाव आयोग का समर्थन कर रही है। मतदाता सूची से घुसपैठियों को निकालना ही पड़ेगाऔर जो कुछ बचेंगे, उन्हें भाजपा का मुख्यमंत्री आकर निकाल देगा। ममताबनर्जी की सरकार को केवल बदलना नहीं है, बल्कि मूल समेतउखाड़कर फेंक देना है। बंगाल में ऐसी सरकार बनानी है जो घुसपैठ मुक्त हो, भ्रष्टाचार मुक्त हो, सिंडिकेट मुक्त हो, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे, उद्योगों को आगे बढ़ाए और कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी केस्वप्न का सोनार बांग्ला बनाए।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज सेलेकर मतगणना तक मंच पर बैठे सभी लोगों समेत किसी को भी चैन से बैठना या सोना नहींहै और हर पल भारतीय जनता पार्टी तथा बंगाल की जनता की भलाई को समर्पित करना है।सभी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर, एक मज़बूत दल के रूप में, कमल का निशान, भारत माता की तस्वीर और आदरणीय प्रधानमंत्री श्रीनरेन्द्र मोदी जी के प्रेरक विचारों को मन में रखकर इस बार बंगाल जीतना है। उत्तरबंगाल की सभी सीटें कमल फूल जीतेगा और उत्तर बंगाल के विकास के लिए पूरी ताकत सेकाम किया जाएगा।