Salient Points of speech of Hon’ble Union Home Minister and Minister of Cooperation Shri Amit Shah’ while flagging-off Poriborton Yatra in South 24 Parganas, West Bengal

Press | Mar 02, 2026

केंद्रीय गृह एवंसहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना में ‘परिवर्तनयात्रा’ के शुभारंभ पर दिए गए संबोधन के मुख्य बिंदु

 

ममता सरकार ने सरकारीकर्मचारियों को छठे वेतन आयोग पर लटकाए रखा, भाजपा सरकार आते ही 45 दिनोंमें सातवाँ वेतन आयोग मिलेगा


भाजपा सरकार बनते ही दिसंबर2026 तक बंगाल के सभी रिक्त सरकारी पद भरे जाएँगे, युवाओं को आयु सीमा में भी 5वर्ष की छूट दी जाएगी


बंगाल में भाजपा की परिवर्तनयात्रा का उद्देश्य सिर्फ मुख्यमंत्री को हटाना नहीं, बल्कि प्रदेश को घुसपैठ, भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राजसे मुक्त बनाना है


बंगाल सरकार ने बजट मेंसाइंस एंड टेक एजुकेशन के लिए ₹80 करोड़ और मदरसों के लिए ₹5700 करोड़ देकरतुष्टीकरण की सारी सीमाएँ लांघ दी हैं


आर. जी. कर हो या संदेशखाली, ममता सरकार ने महिलाओं परअत्याचार किए हैं, महिलाओं की सुरक्षा पर जीरो टॉलरेंस भाजपा कासंकल्प है


चुनावों में हिंसा कर भाजपाकार्यकर्ताओं का मनोबल टीएमसी तोड़ नहीं पाई, प्रदेश में भाजपा सरकार बनतेही ममता बनर्जी के गुंडों को जेल में डाला जाएगा


ममता सरकार ने CAA का विरोध किया, लेकिन केंद्र में मोदी जी कीसरकार है, एक भी हिंदू शरणार्थी की नागरिकता कोई छीन नहीं सकता


ममता बनर्जी के शासन में वोटबैंक को खुश करने के लिए बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाई जा रही है


ममता सरकार के भ्रष्टाचार औरतुष्टीकरण की वजह से बंगाल सरकार ₹8 लाख करोड़ के कर्ज में डूबी है


 

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज सोमवार को पश्चिम बंगालके साउथ 24 परगना से परिवर्तन यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान त्रिपुरा के पूर्वमुख्यमंत्री श्री विप्लव देव, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री सुकांता मजूमदार सहित अन्य नेतागणउपस्थित रहे।

श्री शाह ने परिवर्तन यात्रा के शुभारंभ से बंगाल मेंव्यापक राजनीतिक परिवर्तन का आह्वान किया। श्री शाह ने ‘परिवर्तन यात्रा’ की शुरुआतको बंगाल में घुसपैठ, भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण, भाई-भतीजावाद और कानून-व्यवस्था की विफलताओं के विरुद्धनिर्णायक अभियान बताते हुए कहा कि यह केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन का संकल्प है। उन्होंने कहा किआज मथुरापुर से परिवर्तन यात्रा शुरू हो रही है। पूरे बंगाल में कुल 9 यात्राएंशुरू की जानी हैं, जिनमें से 4 यात्राओं की शुरुआत हो चुकी है। इन यात्राओं का उद्घाटन हमारे राष्ट्रीयअध्यक्ष श्री नितिन नबीन जी ने किया। सिलीगुड़ी, नवद्वीप, मेदिनीपुरऔर पुरुलिया से यात्राएं आरंभ हो चुकी हैं, जबकि आज मालदा, हुगली, वर्धमान, नॉर्थ 24 परगना और मथुरापुर से भी यात्रा की शुरुआत होनेवाली है। ये परिवर्तन यात्राएं बंगाल में परिवर्तन लाने के उद्देश्य से निकाली जा रहीहैं। कल ममता बनर्जी ने कहा था कि यह सत्ता प्राप्त करने की यात्रा है, लेकिन परिवर्तन शब्द का अर्थ केवल मुख्यमंत्री बदलना नहींहै, वह तो बंगाल की जनता स्वयं करेगी। परिवर्तन काअर्थ है, घुसपैठियों व भ्रष्टाचारियों से मुक्त बंगाल बनाना, नौकरियों में हो रहे भ्रष्टाचारऔर भाई-भतीजावाद को बंद करना, सिंडिकेट राज की समाप्ति व सीमाओं को सुरक्षित बनानाव माताओं-बहनों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है तथा कानून का शासन स्थापित करना।इसके लिए भ्रष्ट तृणमूल कांग्रेस को हटाकर कमल के निशान वाली भारतीय जनता पार्टी कीसरकार बनाना है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि बंगाल ने बहुत प्रताड़ना सहन कीहै। एक समय पश्चिम बंगाल सुजलाम-सुफलाम वाला समृद्ध प्रदेश था। लेकिन कम्युनिस्टोंके लंबे शासन में बंगाल की हालत बद से बदतर हुई और उसके बाद ममता बनर्जी ने उसे गरीबीकी गर्त में धकेलने का काम किया। अब समय आ गया है कि कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर के स्वप्न का ‘सोनारबांग्ला’ बनायाजाए। ‘सोनार बांग्ला’ का निर्माण ममता बनर्जी नहीं कर सकती। यदि इस बार फिर तृणमूल कांग्रेसको वोट देने की गलती की गई, तो यहां ममता दीदीका नहीं बल्कि भाईपो (भाई-भतीजावाद) का शासन होगा। पिछले चुनाव में जनता ने भारतीय जनतापार्टी को 38 प्रतिशत वोट और 77 सीटें दीं, कांग्रेस और कम्युनिस्टों को शून्य पर पहुंचाया, फिर भी परिवर्तन नहीं हुआ। न घुसपैठ रुकी, न भ्रष्टाचार थमा और न ही सिंडिकेट व्यवस्था समाप्त हुई। यह सब तभी संभव हैजब पूर्ण बहुमत से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाई जाए। इसी उद्देश्य से परिवर्तनयात्रा शुरू की गई है और अब एक और जोरदार धक्का देकर तृणमूल कांग्रेस को हटाना है।

श्री शाह ने कहा कि नए वर्ष में रवींद्र जयंती के बादपरिवर्तन कर यहां नई सरकार बनानी है। अभी-अभी राज्य का बजट विधानसभा में पारित हुआहै। साइंस और टेक्नोलॉजी, जिससे रिसर्च एंड डेवलपमेंट होता है और राज्य का विकासआगे बढ़ता है, उसके लिए ममता सरकार ने 80 करोड़ रुपये दिए हैं। वहींमदरसों के लिए 5,700 करोड़ रुपये देने का प्रावधान किया गया है। तृणमूल कांग्रेस बताएकि उनका एजेंडा क्या है? राज्य में साइंस और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देकर बंगाल केयुवाओं को रोजगार देना या मदरसों का विस्तार करना? 5,700 करोड़ रुपये मदरसों के लिए और केवल 80 करोड़ रुपये साइंस और टेक्नोलॉजीविभाग के लिए दिए गए हैं। टीएमसी सरकार को जनता के बेटे-बेटियों की चिंता नहीं है, बल्कि उसे केवल मदरसों की चिंता है। यह तुष्टीकरण की नीतिबंगाल का विकास नहीं कर सकती।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि यदि पिछले15 वर्षों पर नजर डाली जाए तो आज बंगाल 8 लाख करोड़ रुपये के ऋण में डूबा हुआ है। राज्यमें एक नया बच्चा जन्म लेते ही उसके सिर पर 77,000 रुपये का कर्ज आ जाता है। भ्रष्टाचारइतना बढ़ चुका है कि बंगाल का नाम आते ही देश में भ्रष्ट सरकार की छवि बनती है। भाईपोयह कहते हैं कि भ्रष्टाचार हुआ भी है या नहीं, इसलिए मैं जनता के सामने ममता बनर्जी सरकार के भ्रष्टाचार के मामले रखने आएहैं। शिक्षक भर्ती घोटाले में  TMC के सहयोगी के घर से 20 करोड़ रुपयेबरामद हुए। शिक्षा भर्ती घोटाला, एसएससी घोटाला, नगर निगम भर्ती घोटाला, गाय तस्करी घोटाला, पीडीएस राशन घोटाला, मनरेगा घोटाला और पीएम आवास योजना में घोटाला सब टीएमसीने किया। इन सभी घोटालों को संरक्षण देने वाले डीजीपी को ममता बनर्जी राज्यसभा भेजरही हैं। अब यह अंतिम अवसर है और नए साल के बाद बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकारबनने जा रही है। जब भ्रष्टाचार का एक नाम पूछने को कहा जाता है तो पार्थ चटर्जी, ज्योतिप्रिय मल्लिक, अनुव्रत मंडल, जीवन कृष्ण साहा, माणिक भट्टाचार्य, अजीत मैती, मदन मित्रा, चंद्रनाथ सिन्हा, परेश पाल, कुंतल घोष, अराबुल इस्लाम, फिरहाद हकीम, शोभन चटर्जी, कुणाल घोष, रजत मजूमदार और सोहराबअली जैसे नाम सामने आते हैं, जो जेल जा चुके हैं। टीएमसी सरकार ने घोटाले किए हैं।हम ममता बनर्जी को चुनौती देते हैं कि यदि तृणमूल कांग्रेस में साहस है तो वह इन सभीके टिकट काटकर दिखाए। हम जनता को बताने आए हैं कि ममता बनर्जी फिर से इन्हीं लोगोंको टिकट देने वाली हैं।

श्री शाह ने कहा कि इतना भ्रष्टाचार करने वाली तृणमूलकांग्रेस को दोबारा सत्ता नहीं मिलनी चाहिए। केवल सत्ता से हटाना पर्याप्त सजा नहींहै, बल्कि बंगाल की जनता को उन्हें मूल समेत उखाड़ कर फेंकदेना चाहिए। इन्होंने पूरेबंगाल को घुसपैठियों का स्वर्ग बना दिया गया और सीएए का विरोध किया। यदि ममता बनर्जीने सीएए का विरोध न किया होता, तो प्रत्येक हिंदू शरणार्थी को नागरिकता मिलगई होती। लेकिन हिंदू शरणार्थियों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, ऊपर भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और एक भी हिंदू शरणार्थीकी नागरिकता नहीं जाएगी। बंगाल को घुसपैठियों से इसलिए भरा गया क्योंकि उसमें वोट बैंक कीराजनीति देखी गई और तुष्टीकरण के अलावा कुछ नहीं किया गया। अब मंदिर बनाने की बात कीजा रही है, जबकि साढ़े पांच सौ वर्षों बाद रामलला को भव्य मंदिर मेंस्थापित करने का कार्य आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया। काशी विश्वनाथकॉरिडोर और महाकाल कॉरिडोर के निर्माण के समय कुछ नहीं किया गया और अब मंदिरों की यादआ रही है। भाजपा किसी भी उद्देश्य से बनने वाले मंदिर का स्वागत करती है, लेकिन बंगाल में बाबरी मस्जिद फिर से बनने के आरोप परजिम्मेदारी स्पष्ट की जानी चाहिए। हुमायूँ कबीर और ममता बनर्जी ने मिलकर षड्यंत्र रचा है। राज्य के हिंदू और मुसलमान दोनों सब समझचुके हैं और इस बार ममता बनर्जी की विदाई तय है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पंचायत चुनाव के दौरानसैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले किए गए, कई लोगों की हत्या कर दी गई, अनेक लोग अपाहिजहो गए और कई आज तक घर नहीं लौट पाए हैं। ममता बनर्जी को लगता है कि इस प्रकार के आक्रांतसे भाजपा कार्यकर्ता डर जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी में सहन करने की शक्ति है। पश्चिमबंगाल में कमल फूल की सरकार बनने पर ममता बनर्जी के गुंडों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाईकी जाएगी और एक-एक को चुन-चुनकर जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। जिन परिवारों ने अपने परिजन खोए हैं, उन्हें न्याय दिलाया जाएगा और दोषियों को दंडित किया जाएगा।ममता बनर्जी का उद्देश्य बंगाल की जनता का कल्याण नहीं, बल्कि अभिषेक बनर्जी को आगे बढ़ाना है और उन्हें मुख्यमंत्री बनाना है। आरजेडीमें तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव के पुत्र हैं; असम में गौरव गोगोई, तरुण गोगोई के पुत्र हैं; तमिलनाडु में उदयनिधि स्टालिन, एम करुणानिधि के पोते हैं; महाराष्ट्र में आदित्य ठाकरे, उद्धव ठाकरे के बेटे हैं और पश्चिमबंगाल में अभिषेक बनर्जी, ममता दीदी के भतीजे हैं। बंगाल के युवाओं का नाम इन सूचियोंमें कहीं नहीं है। उनका स्थान केवल आदरणीय प्रधानमंत्रीश्री नरेन्द्र मोदी जी की पार्टी में हो सकता है। भारतीय जनता पार्टी ही ऐसी पार्टीहै जो वंशवादी राजनीति नहीं करती और अब परिवारवाद की राजनीति का अंत करना है।

श्री शाह ने कहा कि बंगाल की सरकार के कर्मचारियों ने15 वर्षों तक ममता दीदी की सरकार का पूरा साथ दिया, लेकिन बदले में उनके साथ न्याय नहीं हुआ। देश के अधिकांश राज्यों में सरकारीकर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग मिल चुका है, जबकि बंगाल के कर्मचारियों को अभी भी छठे वेतन आयोग के अनुसार वेतन मिल रहाहै। अब आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया प्रारंभ होने जा रही है, फिर भी ममता बनर्जी ने राज्य के कर्मचारियों को सातवेंवेतन आयोग का लाभ नहीं दिया। यदि बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है तो45 दिनों के भीतर सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन देने का कार्य किया जाएगा। दिसंबर2026 तक सभी रिक्त सरकारी पदों को बिना घूस लिए भरा जाएगा। अनेक स्थायी पद रद्द करदिए गए हैं, लेकिन भाजपा सरकार बनने पर दो माह के भीतर न केवल खालीपदों को भरा जाएगा, बल्कि रद्द किए गए पदों पर भी भर्ती की प्रक्रिया शुरूकी जाएगी। कई वर्षों से भर्ती न होने के कारण युवाओं की आयु परीक्षा देने में निकलगई, जिसमें उनका कोई दोष नहीं था। इसलिए भाजपा सरकार बननेके बाद युवाओं को नौकरी की आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट दी जाएगी।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि ममता बनर्जीके शासन में आरजी कर और संदेशखाली जैसी घटनाओं ने बंगाल की माताओं-बहनों को अपमानितऔर असुरक्षित किया है। यह सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असफल रही है।किसी भी भारतीय जनता पार्टी शासित राज्य को देख लिया जाए, आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में माताओं और बहनोंको सर्वाधिक सुरक्षा देने का कार्य किया गया है। ममता बनर्जी और उनके भतीजे बंगाल काविकास नहीं कर सकते। बंगाल में एक बार माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी केनेतृत्व में कमल के निशान वाली सरकार बनाई जाए, पांच वर्षों में बंगाल की खोई हुई रौनक वापस लाई जाएगी। बंगाल एक सीमावर्तीराज्य है, जिसकी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है और इसकी सुरक्षा तृणमूलकांग्रेस की सरकार नहीं कर सकती। बेरोक-टोक घुसपैठ कराई गई है और अभी केवल SIR में नाम कटने पर भी ममता बनर्जी असहज हो रही हैं। भाजपासरकार बनने पर एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बंगाल से बाहर किया जाएगा। श्री शाह नेमथुरापुर की सभा में उपस्थित लोगों से कहा कि घुसपैठियों को बाहर निकाला जाना चाहिए, सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ मिलनाचाहिए, युवाओं को सरकारी रोजगार मिलना चाहिए, माताओं-बहनों को सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए और भाजपाकार्यकर्ताओं के हत्यारों को जेल भेजा जाना चाहिए। लेकिन यह सब तृणमूल कांग्रेस नहींकर सकती है। इसी उद्देश्य से भाजपा परिवर्तन की बात कर रही है और मथुरापुर से शुरूहो रही ‘परिवर्तन यात्रा’ के माध्यम से पूरे बंगाल में बदलाव लाएगी।

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