Salient Points of press conference of Union Home Minister & Minister of Cooperation and Senior BJP leader Shri Amit Shah in Kolkata, West Bengal

Press | Dec 30, 2025

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व केंद्रीयगृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की कोलकाता, पश्चिम बंगाल में आयोजित प्रेसवार्ता के मुख्य बिंदु

  

पश्चिमबंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों में दो-तिहाई बहुमत से भाजपा की सरकार बनेगी


बंगालमें सरकार बनने के बाद भाजपा एक ऐसी मजबूत सुरक्षा ग्रिड बनाएगी कि कोई भीघुसपैठिया घुस नहीं पाएगा


पिछले15 वर्षों से भय और भ्रष्टाचार बंगाल की पहचान बन गए हैं


भय,भ्रष्टाचार,कुशासन और घुसपैठ से त्रस्त,बंगाल की जनता ने विकास,विरासत और गरीब कल्याण वाली भाजपा को लानेका संकल्प ले लिया है


बार-बारमीटिंग करने के बाद भी बंगाल सरकार बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए नहीं दे रही जमीन


TMCकी निगरानी में घुसपैठ कराई जाती है, ताकि उनका वोटबैंक मजबूत हो सके


ममताबनर्जी की सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है, जनता इसका हिसाब लेगी


ममतादीदी, भारत अब आजाद है, यहाँ मुगलों का राज नहीं कि महिलाओं के 7 बजे के बादनिकलने पर पाबंदी लगाई जाए


ममतासरकार में असुरक्षित महिलाएं, अबTMC कोउखाड़ फेंकने के लिए तैयार हैं


बंगालके गरीबों के हक का पैसा टीएमसी कैडर के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है


प्रतिशोधकी हिंसा के मामलों में तो TMCमें कम्युनिस्टों को भी पीछे छोड़ दिया


ममतादीदी कुछ ही महीने बचे हैं, जितनी प्रताड़ना करनी है कर लें, जनता इसका जवाब देगी


मतुआसमाज को डरने की बिलकुल भी जरूरत नहीं है, शरणार्थियों को नागरिकता देना भाजपासरकार का वादा है  


भाजपासिर्फ बंगाल से ही नहीं, बल्किपूरे देश से चुन-चुनकर घुसपैठियों को बाहर निकालेगी


मोदीजी की जनकल्याणकारी योजनाएं बंगाल में टोल सिंडिकेट और टीएमसी के भ्रष्ट तंत्र कीभेंट चढ़ गईं


एकसमय में इंडस्ट्री रिवॉल्यूशन में लीडिंग प्रदेश बंगाल से 7000 से अधिक कंपनियांTMC के भ्रष्टाचार, घुसपैठ और टोलाबाजी के कारण पलायन कर गईं


ममताशासन में 300 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हुई और 2021 के बाद 3000 सेअधिक कार्यकर्ता विस्थापित हुए


15 अप्रैल 2026 के बाद भाजपा सरकार बनते ही बंगगौरव की शुरुआत होगी


गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर और डॉ. श्यामा प्रसादमुखर्जी के सपनों का बंगाल साकार करेगी भाजपा


वोटबैंकनाराज न हो इसलिए TMCने वन्दे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर संसद में हुई चर्चा का भी विरोध किया


 

केंद्रीय गृह एवंसहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज मंगलवार को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आयोजितएक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया और उद्घोष किया कि भारतीय जनता पार्टीमूल समेत तृणमूल को उखाड़ फेंक कर 2026 में दो-तिहाई बहुमत से पश्चिम बंगाल में सरकारबनाएगी। इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में पश्चिम बंगाल के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्रीशमिक भट्टाचार्य, पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री सुवेंदु अधिकारी,केंद्रीय मंत्री डॉ सुकांता मजूमदार एवं केंद्रीय मंत्री श्री शान्तनु ठाकुर उपस्थितथे। 

 

श्री शाह ने कहाकि 30 दिसंबर का दिन हम सभी भारतीयों के लिए गौरव का दिन है। आज ही के दिन 1943 मेंबंगाल की भूमि के सुपुत्र और महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने पोर्टब्लेयरमें पहली बार आज़ाद भारत का झंडा फहराया था। आठ दशकों बाद जब आज 30 दिसंबर को हम पीछेमुड़कर देखते हैं, तो यह समय पश्चिम बंगाल के लिए भी विशेष महत्व रखता है। आज से लेकरअप्रैल 2026 तक का समय पश्चिम बंगाल के लिए निर्णायक है, क्योंकि अप्रैल में वहाँ विधानसभाके चुनाव होने जा रहे हैं। भय, भ्रष्टाचार, कुशासन और घुसपैठ की राजनीति के स्थानपर विरासत, विकास और गरीब कल्याण पर आधारित एक मज़बूत सरकार बनाने का संकल्प बंगालकी जनता में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। तृणमूलकांग्रेस के 15 वर्षों के शासन में भय, भ्रष्टाचार, कुशासन और विशेषकर घुसपैठ के कारणबंगाल की जनता चिंतित भी है, भयभीत भी है और आशंकित भी है।

 

केंद्रीय गृह एवंसहकारिता मंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ता बंगाल की जनता कोयह आश्वासन और वादा करना चाहते हैं कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी केनेतृत्व में पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही यहाँ की विरासतको पुनर्जीवित किया जाएगा और विकास की गंगा एक बार फिर तेज़ गति से बहेगी। गरीब कल्याणआज बंगाल का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है और देश भर में जहाँ-जहाँ एनडीएसरकारें और भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं, वहाँ गरीब कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकतादी गई है। इसी प्रकार बंगाल में भी गरीब कल्याण को प्राथमिकता दी जाएगी। हमारी सरकारआने पर एक ऐसी मजबूत राष्ट्रीय ग्रिड का निर्माण किया जाएगा, जो बंगाल से घुसपैठ कोपूरी तरह समाप्त कर देगी। ऐसी सशक्त व्यवस्था बनाई जाएगी कि इंसान तो छोड़िए,परिंदा भी पर नहीं मार नहीं सकेगा। न केवल घुसपैठ को रोका जाएगा, बल्कि सभीघुसपैठियों को चुन-चुनकर भारत से बाहर निकालने का काम भी बंगाल में भारतीय जनता पार्टीकी सरकार करेगी।

 

श्री शाह ने कहाकि आज ममता बनर्जी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के कारण पूरे बंगाल का विकास एक प्रकारसे थम गया है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सभी लाभकारी योजनाएँ,जो पूरे देश में गरीबी उन्मूलन का कार्य कर रही हैं, बंगाल में टोल सिंडिकेट की भेंटचढ़ चुकी हैं और प्रत्येक योजना डेड एंड पर पहुँच चुकी है। पिछले 15 वर्षों से भय और भ्रष्टाचार ही बंगाल की पहचान बन चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी सरकार का संकल्प है कि 15 अप्रैल 2026 के बादजब बंगाल में भाजपा सरकार बनेगी, तब बंग गौरव और बंग संस्कृति के पुनर्जागरण की फिरसे शुरुआत की जाएगी और स्वामी विवेकानंद, बंकिम बाबू, गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर तथाश्यामा प्रसाद मुखर्जी के स्वप्न का बंगाल बनाने का एक बार फिर प्रयास किया जाएगा।

 

केंद्रीय गृह एवंसहकारिता मंत्री ने कहा कि आज वह फिर से एक बार स्पष्ट करना चाहते हैं कि भारतीयजनता पार्टी के लिए बंगभूमि अत्यंत पवित्र और विशेष महत्व रखने वाली है, क्योंकि भारतीयजनता पार्टी की स्थापना से पहले भारतीय जनसंघ की स्थापना इसी भूमि पर महान नेता श्यामाप्रसाद मुखर्जी द्वारा की गई थी। भारतीय जनता पार्टी ने स्वामी विवेकानंद और बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय जी के विचारों और आदर्शों का अपने सभी सिद्धांतों में अनुकरण कियाहै। श्री शाह ने कहा कि जब वह यह कहते हैं कि वर्ष 2026 के बंगाल विधानसभा चुनावमें भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी, तो इसके पीछे एक मजबूत और ठोस आधार है। 2014के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 17 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे और केवलदो सीटें मिली थीं। 2016 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 10 प्रतिशत वोट मिले और विधानसभाकी मात्र तीन सीटें प्राप्त हुई थीं। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनतापार्टी को 41 प्रतिशत वोट मिले और 18 सीटें हासिल हुईं, जबकि 2021 के विधानसभा चुनावमें पार्टी को 38 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए और 77 सीटें मिलीं। यह परिवर्तन अत्यंत महत्वपूर्णहै, क्योंकि जिस पार्टी को कभी केवल तीन सीटें मिली थीं, वही पार्टी मात्र पाँच वर्षोंके अंतराल में 77 सीटें प्राप्त करने में सफल रही।

 

श्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस, जिसकी एक प्रकारसे स्थापना ही बंगाल से शुरू हुई थी, आज शून्य पर पहुँच गई है। 34वर्षों तक शासन करने वाला कम्युनिस्ट गठबंधन भी एक भी सीट प्राप्त नहीं कर सका, जबकिभाजपा ने मुख्य विपक्ष का स्थान हासिल किया।भाजपा के नेता और पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष श्री सुवेंदु अधिकारी यह बैठे हैं।वर्ष 2024 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को लगभग 39 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए और12 सीटें मिलीं। वर्ष 2026 में भारतीय जनता पार्टी निश्चित रूप से प्रचंड बहुमतके साथ बंगाल में सरकार बनाएगी। वर्ष 2024 से अब तक का समय भारतीय जनता पार्टीके लिए अत्यंत शुभंकर सिद्ध हुआ है। वर्ष 2024 में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रमोदी जी लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने। इसके बाद महाराष्ट्र, हरियाणा,दिल्ली और अब बिहार में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है। 2024 के चुनावों मेंओडिशा और आंध्र प्रदेश में भी पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा और एनडीए की सरकारें बनीं।हमें पूरा भरोसा है कि 2026 में बंगाल में दो-तिहाई बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टीकी सरकार बनेगी,क्योंकि यह निर्णय बंगाल की जनता पहले ही तय कर चुकी है।

 

केंद्रीय गृह मंत्रीने कहा कि वे जहाँ-जहाँ भी बंगाल में जाते हैं, वहाँ पूरे प्रदेश की जनता घुसपैठ सेत्रस्त दिखाई देती है। क्या कोई राज्य सरकार ऐसी हो सकती है, जो अपने ही राज्य कोघुसपैठियों की पनाहगाह बना दे।यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कितना बड़ा खतरा है, इसका उत्तर बंगालकी मुख्यमंत्री को देना चाहिए।बंगाल में घुसपैठ रोकने के लिए ममता बनर्जी के पास क्या योजना है? जब अनुच्छेद 370 हटाया गया तो वे उसका विरोध करती हैं, जब सीएएलाकर, बंगाल के शरणार्थियों को नागरिकता देने का कार्यक्रम चलाया जाता है तो वे उसकाभी विरोध करती हैं और फिर यह कहकर जिम्मेदारी से बचती हैं कि बीएसएफ घुसपैठ नहीं रोकपा रही है। ममता बनर्जी यह स्पष्ट करें कि बांग्लादेश से लगी पूरी सीमा पर फेंसिंगके लिए जमीन कौन सी सरकार नहीं देती। यह टीएमसी की ही सरकार है, जो जमीन नहीं देती,जिसके कारण फेंसिंग का कार्य पूरा नहीं हो पाता। इतनी कठिन सीमा से यदि कोई घुसपैठियाभीतर आता है, तो वह सबसे पहले बंगाल के किसी गाँव में पहुँचता है। वहाँ का पटवारी क्याकर रहा है? वहाँ के थाने की पुलिस  क्या कररही है? उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया जाता? उसके खिलाफ मामला क्यों दर्ज नहीं होताऔर उसे वापस क्यों नहीं भेजा जाता?

 

श्री शाह ने कहाकि क्या बंगाल की मुख्यमंत्री यह जवाब दे सकती हैं कि असम में घुसपैठ क्यों बंदहो गई, त्रिपुरा में घुसपैठ क्यों बंद हो गई, गुजरात और राजस्थान की सीमाओं पर घुसपैठक्यों नहीं होती, पंजाब की सीमा पर घुसपैठ क्यों नहीं होती और कश्मीर की सीमा पर घुसपैठक्यों नहीं होती, जबकि केवल बंगाल में ही यह समस्या क्यों बनी हुई है? इसका कारण यहहै कि उनकी निगरानी में घुसपैठ कराई जाती है और बंगाल की जनसांख्यिकी को धीरे-धीरेबदलकर अपने वोट बैंक को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यह अधिक समय तकनहीं चलेगा। अब बंगाल की जनता इस सच्चाई को समझ चुकी है और इसके खिलाफ लामबंद भीहो रही है। भाजपा को विश्वास है कि अगला चुनाव घुसपैठ रोकने और घुसपैठियों को बाहरनिकालने के मुद्दे पर लड़ा जाएगा, क्योंकि यह अब केवल बंगाल का नहीं बल्कि राष्ट्रीयसुरक्षा का विषय बन चुका है। देश की संस्कृति को बचाने और देश की सुरक्षा को सुनिश्चितकरने के लिए बंगाल की सीमा को पूरी तरह सील करना होगा, और इसके लिए यहाँ एक ऐसी देशभक्तसरकार लानी पड़ेगी, जो यह काम कर सके। यह काम ममता बनर्जी नहीं कर सकतीं, यह केवल औरकेवल भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है।

 

तृणमूल सरकार परकरारा प्रहार करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि घुसपैठ के अलावाभ्रष्टाचार से भी पूरे बंगाल की जनता त्रस्त है। रोजवैली चिटफंड घोटाला, कैश फॉर क्वेरीघोटाला, एसएससी घोटाला, नगरपालिका और नगर निगमों में भर्ती घोटाला, गाय तस्करी घोटाला,राशन और पीडीएस घोटाला, मनरेगा घोटाला और पीएम आवास घोटाले जैसे इतने अधिक मामले हैंकि यदि उनकी पूरी सूची पढ़ी जाए तो पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस उसी में समाप्त हो जाएगी। क्याममता बनर्जी इस बात का जवाब दे सकती हैं कि उनके मंत्रियों के ठिकानों से 27 करोड़रुपये नकद बरामद होते हैं, जिन्हें गिनते-गिनते नोट गिनने की मशीन तक गर्म होकर बंदहो जाती है। राज्य में 27 करोड़, 20 करोड़ और 15 करोड़रुपये जैसी रकम का मिलना क्या किसी भी प्रकार की जवाबदेही नहीं दर्शाता। पार्थ चटर्जीजेल जाते हैं, ज्योतिप्रिय मलिक जेल जाते हैं, अनुव्रत मंडल जेल जाते हैं, जीवन कृष्णसाहा जेल जाते हैं, माणिक भट्टाचार्य जेल जाते हैं, चंद्रनाथ सिन्हा जेल जाते हैं,परेश पाल जेल जाते हैं, कुंतल घोष जेल जाते हैं, फिरहाद हकीम आरोपी बनाए जाते हैं औरशोभन चटर्जी भी आरोपी बनाए जाते हैं। कुणाल घोष तीन साल जेल में रहकर आते हैं और इसकेबाद भी यह कहा जाता है कि भ्रष्टाचार नहीं हुआ। बंगाल सरकार भ्रष्टाचार पर आंख मूंदेबैठी है, लेकिन बंगाल की जनता आंख बंद करके नहीं बैठी है। बंगालकी जनता के अधिकार का पैसा तृणमूल कांग्रेस के कैडर की भेंट चढ़ रहा है और इसका जवाबसरकार को देना ही पड़ेगा।

 

श्री शाह ने कहाकि पश्चिम बंगाल में आधिकारिक रूप से कहा जाता है कि महिलाएं शाम सात बजे के बादघर से बाहर न निकलें। पश्चिम बंगाल किस युग में जी रहा है, क्या यह मुगलकाल है? आज़ादभारत में माताओं और बहनों को पूरे दिन, जब भी उन्हें आवश्यकता हो, घर से बाहर निकलनेकी सुरक्षा देना एक संवैधानिक दायित्व है, जिसे निभाने में टीएमसी सरकार पूरी तरहविफल रही है।चाहे आरजी कर मेडिकल कॉलेज का मामला हो, संदेशखाली का मामला हो,दुर्गापुर मेडिकल कॉलेज का मामला हो या साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज का मामला हो, हर जगहबेटियां असुरक्षित हैं और माताएं-बहनें अत्याचार और असुरक्षासे तंग आ चुकी हैं। अब जनता उस दिन की प्रतीक्षा कर रही है, जब उसे वोट देने का अधिकारमिलेगा और वह इस निकम्मी तृणमूल कांग्रेस सरकार को सत्ता से हटाएगी। ममता बनर्जीकी टीएमसी सरकार ने सांप्रदायिक तुष्टिकरण को अपनी नीति के रूप में स्वीकार कर लियाहै। अब मरहम लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इससे कुछ होने वाला नहीं है,क्योंकि बंगाल के हिंदुओं के हृदय पर जो घाव लगे हैं, वे इतने गहरे हैं कि अब तृणमूलका कोई मरहम काम नहीं आएगा।अब ममता बनर्जी के जाने का समय तय हो चुका है, क्योंकि उन्होंनेहर सीमा पार कर दी है। स्थिति यहाँ तक पहुँच गई है कि संसदमें बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् पर चर्चा होती है, जो पूरे स्वतंत्रताआंदोलन का प्रेरणास्रोत रहा है और उसी वंदे मातरम् पर चर्चा का तृणमूल कांग्रेस विरोधकिया। ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि उनकी वोट बैंक इससे नाराज हो रही है। लेकिनपश्चिम बंगाल की जनता इस अपमान को कभी सहन नहीं करेगी।

 

केंद्रीय गृह एवंसहकारिता मंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब भारत की जीडीपी में बंगाल का योगदान10.5 प्रतिशत था और योगदान की दृष्टि से बंगाल देश में तीसरे स्थान पर था। तीसरे स्थानपर रहने वाला बंगाल 49 वर्षों में फिसलकर 22वें स्थान पर पहुँच गया है और अब उससे नीचेजाने के लिए कोई स्थान शेष नहीं बचा। बंगाल का ऐसा आर्थिक पतन कभी नही हुआ। ममताबनर्जी को इसका जवाब देना पड़ेगा। कभी इस सुजलाम-सुफलाम भूमि से हर प्रकार के उद्योगकी शुरुआत होती थी और उसी आधार पर ‘सोनार बांग्ला’ की परिकल्पना की गई थी, लेकिन आजभ्रष्टाचार, घुसपैठ और टोलबाजी के कारण बंगाल से उद्योग पलायन कर रहे हैं। केंद्रसरकार की योजनाओं को लागू करने में टीएमसी सरकार को अपनी वोट बैंक खोने का डर सता रहाहै। पीएम-किसान योजना को देरी से लागू किया गया, जिससे बंगाल के किसानों को 10 हजारकरोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

 

श्री शाह ने कहाकि आयुष्मान भारत योजना आज तक लागू नहीं की गई और उसके स्थान पर कमियों से भरी स्वास्थ्यसाथी योजना लागू की गई। उन्होंने कहा कि यदिकोई बंगाली नागरिक बंगाल से बाहर देश के किसी अन्य हिस्से में जाता है और बीमार पड़जाता है, तो क्या स्वास्थ्य साथी योजना उसे बाहर के अस्पताल में इलाज की सुविधा देपाएगी? बंगाल के गरीबों ने ऐसा कौन-सा गुनाह किया है? देशभर के गरीबों को 5 लाख रुपयेतक के स्वास्थ्य उपचार की गारंटी मिल रही है और कई राज्यों ने केंद्र के 5 लाख रुपयेके साथ अपनी ओर से अतिरिक्त 5 लाख रुपये भी जोड़े हैं। लेकिन बंगाल की तृणमूल सरकारकेंद्र के 5 लाख रुपये स्वीकार नहीं करना चाहती, क्योंकि टीएमसी सरकार को आदरणीय प्रधानमंत्रीश्री नरेन्द्र मोदी का डर है। यह डर स्वाभाविक है, क्योंकि माननीय प्रधानमंत्री श्रीनरेन्द्र मोदी जी की लोकप्रियता बंगाल में दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है, लेकिनइस डर के कारण बंगाल के गरीबों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। पूरे देश को उम्मीद थी कि कम्युनिस्ट शासन जाने के बाद हिंसा औरप्रतिशोध की राजनीति खत्म हो जाएगी, लेकिन इसके विपरीत हुआ। हालात ऐसे बन गए हैं कितृणमूल कांग्रेस के शासन ने लोगों को यह कहने पर मजबूर कर दिया है कि कम्युनिस्ट शासनइससे बेहतर था।

 

केंद्रीय गृह एवंसहकारिता मंत्री ने कहा कि अब तक भारतीय जनता पार्टी के 300 से अधिक कार्यकर्ताओंकी हत्या की जा चुकी है।वर्ष 2021 के चुनाव के बाद लगभग 3,000 कार्यकर्ता आज भी विस्थापितजीवन जीने को मजबूर हैं और अपने गाँवों में वापस नहीं लौट पाए हैं। उन पर दबाव बनायाजाता है कि यदि वे तृणमूल कांग्रेस का झंडा उठाएँगे तभी उन्हें अपने गाँव में रहनेदिया जाएगा। क्या यह किसी स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी हैकि कोई व्यक्ति अपनी राजनीतिक विचारधारा या दल का चयन स्वतंत्र रूप से न कर सके? क्यायह तय करने का अधिकार मुख्यमंत्री के कक्ष से होगा कि कौन किस दल में काम करेगा? ममताबनर्जी जितनी भी प्रताड़ना करनी चाहें, कर लें, लेकिन बंगाल की जनता अब निर्णय कर चुकीहै। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को हर प्रकार से प्रताड़ित किया गया है,यहाँ तक कि महिलाओं के साथ बलात्कार जैसी घटनाएँ भी हुई हैं। यह उनका व्यक्तिगत आरोपनहीं है, बल्कि नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन की रिपोर्ट में इसका उल्लेख है और इसका जवाबममता बनर्जी को देना पड़ेगा। ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में सभी संवैधानिक मर्यादाओंको समाप्त कर दिया है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी जब किसी राज्यमें जाते हैं तो वे पूरे देश के प्रधानमंत्री होते हैं, जिन राज्यों में भारतीय जनतापार्टी की सरकार नहीं है, वहाँ भी ऐसा व्यवहार नहीं होता जैसा उनके साथ पश्चिम बंगालमें हुआ। जब यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी बंगाल में वंदे भारत ट्रेनके उद्घाटन के लिए आते हैं, तो ममता बनर्जी मंच पर तक नहीं जातीं। सुप्रीमकोर्ट के आदेश से बनी भारत सरकार की डीओपीटी की नियमावली को भी तोड़ा-मरोड़ा जाता है।डीजीपी और मुख्य सचिवों की नियुक्तियों में मनमानी की जाती है औरसेवानिवृत्ति के बाद उन्हें सलाहकार बनाकर प्रॉक्सी डीजीपी और प्रॉक्सी मुख्य सचिवबैठाने का काम किया जाता है। 34 वर्षों के कम्युनिस्ट शासन और 15 वर्षों के तृणमूलकांग्रेस के शासन ने मिलकर केंद्र विरोधी मानसिकता को बढ़ावा दिया है और संविधान कीजिस भावना पर देश चलता है, उसका पूर्ण रूप से अनादर करने का काम किया गया है।

 

श्री शाह ने कहाकि ममता बनर्जी के शासन में सिंडिकेट, टोलबाजी और कट मनी को न केवल सिस्टम में बढ़ावादिया गया है, बल्कि यहां कमाई करने का अधिकार भी केवल ‘भाईपो’ को है और किसी को कमाईकरने का कोई अधिकार नहीं है। अगर कोई भी व्यक्ति पश्चिम बंगाल में कमाई करता है, तोउसे अपनी कमाई का हिस्सा तृणमूल के सिंडिकेट को देना पड़ता है। बंगाल एक समय हरक्षेत्र में देश में सबसे आगे था। देश का पहला मोटर कारखाना पश्चिम बंगाल में लगा,1887 में पहला पावर प्लांट बंगाल में स्थापित हुआ, सबसे पहले कोयला उद्योग बंगाल मेंआया, पहला स्टील प्लांट यहीं लगा, देश की पहली हाइराइज इमारत बंगाल में बनी, पहली जूटमिल बंगाल में स्थापित हुई और देश की पहली मेट्रो ट्रेन भी बंगाल में ही चली। देश मेंएक ही शहर में दो पोर्ट होने का गौरव भी बंगाल को प्राप्त है। देश की पहली आधुनिक यूनिवर्सिटी,कोलकाता यूनिवर्सिटी, और विश्व प्रसिद्ध विश्वभारती यूनिवर्सिटी, जिसने भारतीय शिक्षाकी अवधारणा को धरातल पर उतारा, दोनों की स्थापना भी बंगाल में ही हुई। ममता बनर्जीको इन उपलब्धियों पर गौरव नहीं करना चाहिए, क्योंकि इनमें से कुछ भी उनके शासनकाल मेंनहीं हुआ। जिन्होंने बंगाल को विकास की ऊँचाइयों तक पहुँचाया, उनकी पूरी लय, गति औरविकास की गति को तोड़ने का काम ममता बनर्जी के शासन ने किया है। पश्चिम बंगाल आजऔद्योगिक रूप से पूरी तरह बर्बाद हो चुका है और यह स्थिति उनके शासन में ही बनी है।कम्युनिस्ट शासन ने जहाँ आधा-अधूरा नुकसान किया था, वहीं तृणमूल कांग्रेस सरकार नेउसे पूरी तरह समाप्त कर दिया। सिंडिकेट राज, तालेबाजी और शत्रुतापूर्ण माहौल के कारण2011 से 2025 के बीच 7000 से अधिक कंपनियाँ बंगाल छोड़कर अन्य राज्यों में चली गईं,जो बंगाल के आर्थिक विकास के लिए एक बहुत बड़ा झटका है।

 

श्री शाह ने कहाकि पश्चिम बंगाल स्वामी विवेकानंद, बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय, शरतचंद्र चट्टोपाध्याय, महर्षि अरविंद, ईश्वरचंद्रविद्यासागर और कविगुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर जैसे महापुरुषों की धरती है। इसी भूमि परनेताजी सुभाष चंद्र बोस, अमर शहीद खुदीराम बोस, बाघा जतिन, रास बिहारी बोस, मास्टरसूर्यसेन, प्रफुल्ल चाकी, वीणादास और कल्पना दत्त जैसे वीरों ने देश की आज़ादी के लिएजनजागरण किया। इसी धरती ने अनेक महान फिल्मकार, संगीतकार, चित्रकार और विश्व को प्रभावितकरने वाले संत दिए हैं। वही बंगाल आज ऐसे कगार पर पहुँच गया है कि यदि घुसपैठ कीबयार नहीं रुकी तो बंगाल का अस्तित्व ही संकट में पड़ जाएगा। समाज और जनजीवन कोसमझने वाले सभी लोग इसे स्पष्ट रूप से मानते हैं। बंगाल के अस्तित्व पर तो घुसपैठका संकट है ही, बंगाल की संस्कृति पर भी घुसपैठ का गंभीर खतरा है, और अब यह संकटकेवल बंगाल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश तक फैल चुका है।

 

केंद्रीय गृह एवंसहकारिता मंत्री ने कहा कि वे पश्चिम बंगाल की जनता से करबद्ध निवेदन करना चाहते हैंकि उन्होंने लंबे समय तक कांग्रेस को अवसर दिया, 34 वर्षों तक कम्युनिस्ट पार्टी कोअवसर दिया और 15 वर्षों तक ममता बनर्जी को अवसर दिया। इन सभी का ट्रैक रिकॉर्ड बंगालको लगातार नीचे ले जाने का रहा है और अब इससे नीचे कोई स्थान शेष नहीं बचा है। इसकेविपरीत भारतीय जनता पार्टी का रिकॉर्ड यह रहा है कि जहाँ-जहाँ भाजपा की सरकारें बनीहैं, वहाँ बीमारू राज्य समृद्धि की ओर बढ़े हैं। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रमोदी जी के नेतृत्व में पूरा देश आगे बढ़ रहा है, सुरक्षित हो रहा है और भारत की संस्कृति,धर्म और भाषाएँ निरंतर फल-फूल रही हैं। आप आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत और प्रचंड बहुमत वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाएँ।केवल भारतीय जनता पार्टी ही गुरुदेव टैगोर और स्वामी विवेकानंद की कल्पना का सोनारबांग्ला बना सकती है।

 

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