Press, Share | Feb 12, 2018
Monday, 12 February 2018
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह द्वारा टकरजाला लम्पारा ग्राउंड, राइमा वैली गंडाचेरा और खोवाई (त्रिपुरा) में आयोजित विशाल जनसभाओं में दिये गये उद्बोधन के मुख्य बिंदु
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में त्रिपुरा विकास की एक नई कहानी लिखने को तैयार है। त्रिपुरा की जनता ने राज्य में भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने का मन बना लिया है और “चलो पलटाई" का नारा त्रिपुरा के हर नागरिक की आवाज बन चुका है
*********
त्रिपुरा में एक ऐसी सरकार चाहिए जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कंधे-से-कंधा मिलाते हुये त्रिपुरा को विकास के पथ पर अग्रसर कर सके, राज्य को मॉडल स्टेट के रूप में डेवलप कर सके और यह काम केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी की सरकार ही कर सकती है
*********
त्रिपुरा का विकास करने की बजाय माणिक सरकार की सीपीएम सरकार ने 35 सालों में राज्य को अपराध, बलात्कार, बेरोजगारी और केंद्र से आये पैसों की लूट में नंबर एक बना दिया है
*********
सीपीएम का गरीबी और बेरोजगारी के साथ चोली-दामन का संबंध है, वह जहां-जहां जाती है गरीबी और बेरोजगारी आ ही जाती है। कांग्रेस का देश में सफाया हो गया है और कम्युनिस्ट पूरी दुनिया से समाप्त हो चुके हैं, अब त्रिपुरा की बारी है
*********
त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के गठन होते ही सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवां वेतन आयोग लागू कर दिया जाएगा और मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी माणिक सरकार के 170 रुपये प्रतिदिन की जगह मोदी सरकार की तर्ज पर 340 रुपये प्रतिदिन कर दी जायेगी
*********
त्रिपुरा में भाजपा सरकार बनने पर हर घर में एक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और सामाजिक भत्ता को 500 रुपये से बढ़ा कर 2000 रुपये किया जाएगा। साथ ही, युवाओं को फ्री स्मार्टफोन दिए जायेंगे
*********
त्रिपुरा की वामपंथी सरकार ने भ्रष्टाचार करके गरीबों की गाढ़ी कमाई को हड़पने की साजिश की है
*********
सीपीएम सरकार चिटफंड घोटालों की जांच भी नहीं कराती, उनको लगता है कि ऐसा करके वे गुनाहगारों को बचा लेंगें लेकिन जिस किसी ने भी गरीबों का पैसा खाया है, उसे क़ानून के दायरे में लाकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा
*********
माणिक सरकार पूछते हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने त्रिपुरा के लिए क्या किया है? माणिक सरकार जी, आपने 25 सालों में त्रिपुरा के विकास के लिए क्या-क्या किया है, इसका जवाब तो आप देते नहीं और हम से जवाब मानते हैं
*********
13वें वित्त आयोग में यूपीए सरकार ने त्रिपुरा के लिए जहां महज 7,283 करोड़ रुपये आवंटित किया था, वहीं मोदी सरकार ने 14वें वित्त आयोग में त्रिपुरा के लिए लगभग साढ़े तीन गुना ज्यादा 25,396 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं
*********
लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और हिंसा करके परिवर्तन नहीं लाया जा सकता। त्रिपुरा की जनता अब जाग चुकी है, वह सीपीएम की हिंसा की राजनीति से भलीभांति परिचित है और वह माणिक सरकार के बहकावे में अब नहीं आने वाली
*********
त्रिपुरा की भारतीय जनता पार्टी सरकार राज्य के जनजातियों के सम्मान को पुनर्स्थापित करेगी और उनकी सांस्कृतिक धरोहर की संरक्षित व संवर्द्धित करेगी
*********
त्रिपुरा की जनता ने 35 सालों तक कम्युनिस्ट पार्टी को मौक़ा दिया है, कांग्रेस को भी मौक़ा दिया है, एक मौक़ा भारतीय जनता पार्टी को दीजिये, हम पांच साल में त्रिपुरा को देश का एक विकसित राज्य के रूप में डेवलप करेंगे
*********
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने आज टकरजाला लम्पारा ग्राउंड, राइमा वैली गंडाचेरा और खोवाई (त्रिपुरा) में विशाल जनसभाओं को संबोधित किया और राज्य की जनता से त्रिपुरा की बदहाली के लिए जिम्मेवार माणिक सरकार की सीपीएम सरकार को जड़ से उखाड़ फेंक कर विकास करने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार के गठन का आह्वान किया। इससे पहले उन्होंने होटल सोनार तोरी, अगरतला में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया और त्रिपुरा के विकास के लिए भारतीय जनता पार्टी के विजन पर विस्तार से चर्चा की।
श्री शाह ने कहा कि त्रिपुरा की जनता ने राज्य से सीपीएम सरकार की जगह “सबका साथ, सबका विकास" के सिद्धांत पर काम करने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने का मन बना लिया है और “चलो पलटाई" का नारा त्रिपुरा के हर नागरिक की आवाज बन चुका है। उन्होंने कहा कि हम त्रिपुरा में मुख्यमंत्री, मंत्री अथवा विधायक बदलने के लिए नहीं बल्कि हम त्रिपुरा के गाँव, गरीब, किसान, महिला एवं नौजवानों की स्थिति में व्यापक सुधार लाने के लिए परिवर्तन लाना चाहते हैं, हम त्रिपुरा को विकसित राज्य बनाने के लिए परिवर्तन लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में 35 सालों तक सीपीएम की सरकार रहने बावजूद न तो यहाँ के युवाओं को रोजगार मिल पाया, न लोगों को शुद्ध पीने का पानी मिला, न अस्पतालों में डॉक्टर बैठते हैं, न उद्योग-धंधों का विकास हो पाया और न ही हमारी बहन-बेटियाँ ही सुरक्षित हैं तो आखिर इन 35 सालों में माणिक सरकार की सरकार ने किया ही क्या है? उन्होंने कहा कि त्रिपुरा का विकास करने की बजाय माणिक सरकार की सीपीएम सरकार ने 35 सालों में राज्य को अपराध, बलात्कार, बेरोजगारी और केंद्र से आये पैसों की लूट में नंबर एक बना दिया है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सीपीएम का गरीबी और बेरोजगारी के साथ चोली-दामन का संबंध है, वह जहां-जहां जाती है गरीबी और बेरोजगारी आ ही जाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का देश में सफाया हो गया है और कम्युनिस्ट पूरी दुनिया से समाप्त हो चुके हैं, अब त्रिपुरा की बारी है।
श्री शाह ने कहा कि त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के गठन होते ही सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवां वेतन आयोग लागू कर दिया जाएगा, मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी माणिक सरकार के 170 रुपये प्रतिदिन की जगह मोदी सरकार की तर्ज पर 340 रुपये प्रतिदिन कर दी जायेगी, वर्ग तीन और चार की नौकरियों में से इंटरव्यू को ख़त्म कर दिया जाएगा और राज्य के सभी युवाओं को फ्री ऑफ़ कॉस्ट स्मार्टफोन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर हर घर में एक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने हर गरीब को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा देने का एलान किया है, त्रिपुरा में इसके बेहतर इम्प्लीमेंटेशन की व्यवस्था की जायेगी और किसानों को लागत मूल्य से डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने के लिए भी मैकेनिज्म डेवलप किया जाएगा। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा की सीपीएम सरकार गरीबों की हितैषी होने का दावा करती है लेकिन सामाजिक भत्ता के नाम पर केवल 500 रुपये दिए जाते हैं, त्रिपुरा की भाजपा सरकार इस राशि को बढ़ा कर 2,000 रुपये करेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने तय किया है कि 2022 तक हर गरीब को घर दिया जाएगा और हर घर तक शुद्ध पीने का पानी पहुंचाया जाएगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि त्रिपुरा की वामपंथी सरकार ने भ्रष्टाचार करके गरीबों की गाढ़ी कमाई को हड़पने की साजिश की है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा की सीपीएम सरकार चिटफंड घोटालों की जांच भी नहीं कराती, इनको लगता है कि ऐसा करके वे गुनाहगारों को बचा लेंगें लेकिन जिस किसी ने भी गरीबों का पैसा खाया है, उसे क़ानून के दायरे में लाकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
श्री शाह ने कहा कि माणिक सरकार पूछते हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने त्रिपुरा के लिए क्या किया है? उन्होंने कहा कि माणिक सरकार जी, आपने 25 सालों में त्रिपुरा के विकास के लिए क्या-क्या किया है, इसका तो जवाब आप देते नहीं और हम से जवाब मानते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की यह परंपरा रही है कि हम जब भी चुनावों में जाते हैं तो अपनी सरकार का पल-पल का और पाई-पाई का हिसाब देते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सरकार के गठन के बाद त्रिपुरा के विकास के लिए कई परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया है और इसके लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराये गए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 14वें वित्त आयोग में कम्युनिस्ट समर्थित केंद्र की यूपीए सरकार के 13वें वित्त आयोग की तुलना में त्रिपुरा को लगभग 18,000 करोड़ रुपये अधिक आवंटित किये हैं। उन्होंने कहा कि 13वें वित्त आयोग में यूपीए सरकार ने त्रिपुरा के लिए जहां महज 7,283 करोड़ रुपये आवंटित किया था, वहीं मोदी सरकार ने 14वें वित्त आयोग में त्रिपुरा के लिए लगभग साढ़े तीन गुना ज्यादा 25,396 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त मोदी सरकार ने त्रिपुरा को स्मार्ट सिटी के लिए 189 करोड़, स्वच्छ भारत मिशन के लिए 8 करोड़, अर्बन ट्रांसपोर्ट के लिए 22 करोड़, गरीबों के आवास के लिए 257 करोड़, ITI अपग्रेडेशन के लिए 123 करोड़, पर्यटन हेतु नार्थ-ईस्ट त्रिपुरा सर्किट के लिए 133 करोड़ और सड़कों के के लिए 99 करोड़ रुपये दिए हैं। उन्होंने कहा कि पलटाना ताप विद्युत् परियोजना का उद्घाटन प्रधानमंत्री जी पहले ही कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश तक रेल लिंक स्थापित होने से व्यापार और आवागमन के अनेक रास्ते खुले हैं और साथ ही त्रिपुरा एयरपोर्ट के विकास के लिए अलग से मदद उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि जन-धन एकाउंट, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, मुद्रा बैंक योजना और एलईडी बल्ब वितरण जैसी केंद्र की भाजपा सरकार की योजनाओं के माध्यम से गरीबों को आगे बढ़ाने के प्रयास हुये हैं।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि त्रिपुरा में एक ऐसी सरकार चाहिए जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कंधे-से-कंधा मिलाते हुये त्रिपुरा को विकास के पथ पर अग्रसर कर सके, राज्य को मॉडल स्टेट के रूप में डेवलप कर सके और यह काम केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी की सरकार ही कर सकती है। उन्होंने राज्य की जनता का आह्वान करते हुये कहा कि त्रिपुरा की जनता ने 35 सालों तक कम्युनिस्ट पार्टी को मौक़ा दिया है, कांग्रेस को भी मौक़ा दिया है, एक मौक़ा भारतीय जनता पार्टी को दीजिये, हम पांच साल में ही त्रिपुरा को देश का एक विकसित राज्य के रूप में डेवलप करेंगे। उन्होंने कहा कि सीपीएम के कार्यकर्ताओं को यदि लगता है कि चुनाव के दिन बूथ लूट करके और हिंसा से लोगों को डरा कर चुनाव जीत जायेंगे तो यह उनकी भूल है, उनको यह मालूम होना चाहिए कि इस बार उनका मुकाबला कांग्रेस के साथ नहीं, भारतीय जनता पार्टी के साथ है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और हिंसा करके परिवर्तन नहीं लाया जा सकता। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा की जनता अब जाग चुकी है, वह सीपीएम की हिंसा की राजनीति से भलीभांति परिचित है और वह माणिक सरकार के बहकावे में अब नहीं आने वाली।
श्री शाह ने कहा कि त्रिपुरा में सीपीएम सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और यह अकारण नहीं है। उन्होंने कहा कि यहाँ स्टालिन और लेनिन की जयंती तो मनाई जाती है लेकिन स्वामी विवेकानंद, रबीन्द्रनाथ टैगोर और राजा वीर विक्रम देव की जयंती नहीं मनाई जाती। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा की सीपीएम सरकार ने हमारी संस्कृति को रौंदने का काम किया है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा की भारतीय जनता पार्टी सरकार राज्य के जनजातियों के सम्मान को पुनर्स्थापित करेगी और उनकी सांस्कृतिक धरोहर की संरक्षित व संवर्द्धित करेगी। उन्होंने राज्य की जनता से भाजपा-गठबंधन सरकार को भारी बहुमत से जिताने की अपील करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में त्रिपुरा विकास की एक नई कहानी लिखने को तैयार है।