Press, Share | Jan 15, 2020
केंद्रीय गृह मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह द्वारा गांधीनगर, गुजरात में भारतीय कौशल संस्थान के शिलान्यास समारोह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दिए गए उद्बोधन के मुख्य बिंदु
भारतीय कौशल संस्थान न केवल युवाओं को स्किल्ड कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा बल्कि देश के युवा जॉब सीकर से जॉब क्रियेटर बनकर देश के विकास में अपनी महती भूमिका भी अदा करेंगे
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की पहल स्किल इंडिया से देश में न केवल रोजगार सृजित होगा, उद्योग लगाने के लिए युवा प्रेरित होंगे बल्कि ‘मेक इन इंडिया' का सपना भी साकार होगा और देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में भी मदद मिलेगी
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जब 2014 में देश की जनता ने विकास की ओर रुख करते हुए नकारात्मक ताकतों का सफाया किया और श्री नरेन्द्र मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने तब उन्होंने सबसे पहले स्किल डेवलपमेंट के लिए एक नए विभाग की रचना की ताकि इस दिशा में देश को तेज गति से आगे ले जाया जा सके
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मैं युवाओं का आह्वान करते हुए कहना चाहता हूँ कि आप शुरुआत भले ही प्लेसमेंट से कीजिये लेकिन आप जॉब क्रियेटर बनें, उद्यमी बनें क्योंकि छोटी सी शुरुआत से ही बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है
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ये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी हैं जिन्होंने रोजगार सृजन के लिए स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया और स्टार्ट-अप इंडिया जैसे इनिशिएटिव्स की शुरुआत की जो बेरोजगारी की समस्या के समाधान का राजमार्ग बनने वाला है।
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आज जब नकारात्मक बातें करने वाले देश में बेरोजगारी की बातें करते हैं तो मेरे मन में एक सवाल आता है कि नकारात्मक बातें करने वाले ऐसे लोग देश में 50-60 साल तक देश में शासन करते रहे लेकिन उन्होंने इतनी बड़ी आबादी वाले देश में बेरोजगारी की समस्या के समाधान के लिए कोई नई पहल क्यों नहीं की?
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आप इतने दिनों तक देश में शासन करें, रोजगार के सृजन के लिए कुछ भी न करें और उलटे हमसे सवाल भी करें, यह कैसी मानसिकता है?
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भारत युवाओं का देश है। कई विशेषज्ञों को बड़ी आबादी एक बोझ की तरह लगती है लेकिन हमारे लिए 130 करोड़ की आबादी दुनिया का सबसे बड़ा मानव संसाधन है जिसमें 70% आबादी युवाओं की है
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यदि हम अपने युवाओं की प्रतिभा को और परिष्कृत कर पायें और आबादी की समस्या को अवसर के रूप में परिवर्तित कर सकें तो यह हमारे लिए बहुत बड़ी ताकत बनेगी
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सबसे बड़ी आबादी के कारण भारत सबसे बड़ा बाजार भी है और जिस देश के पास 70 करोड़ की युवा शक्ति हो और हम उनके टैलेंट को एक शेप दे सकें, प्रतिस्पर्धा के लिए उचित मंच दे सकें तो किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है
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मेक इन इंडिया की सोच को डेवलप करने के लिए प्रधानमंत्री जी ने भारत में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए वातावरण तैयार किया, इसका असर ये हुआ कि भारत की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की वर्ल्ड रैंकिंग में केवल पांच साल के एक कार्यकाल में ही 70 अंकों का उछाल आया जो विश्व में सर्वाधिक है
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जो लोग ग्लोबल इकॉनोमी स्लोडाउन के कारण भारत की अर्थव्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें बताना चाहिए कि आजादी के 70 सालों में भारत को बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए क्या-क्या कदम उठाये गए?
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आजादी के 70 सालों में भारत केवल 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन पाया जबकि पांच वर्ष के एक ही कार्यकाल में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने हिंदुस्तान को तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में प्रतिष्ठित किया जो सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है
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अब हम 2024 तक भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनोमी बनाने का लक्ष्य लेकर निकले हैं। कई लोगों ने इस पर सवाल उठाया है लेकिन जिस तरह हमने पिछले पांच वर्षों में काम किया है, उसके आधार पर यह स्पष्ट है कि इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है
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यदि भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनोमी के इस लक्ष्य को हासिल करना है तो युवाओं को बड़ी भूमिका निभानी होगी। युवाओं की उद्यमशीलता के माध्यम से ही हम इस लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने सोचने के स्केल को ऊपर उठाने का काम किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के 60 करोड़ गरीबों के जीवन-स्तर को ऊपर उठाने के लिए विगत छः वर्षों में भागीरथ प्रयास किया
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पहले कांग्रेस की सरकारों का लक्ष्य होता था कि इतने लोगों को गैस देंगे, इतने घर बनायेंगे, इतने घरों में बिजली पहुंचाएंगे जबकि मोदी सरकार का लक्ष्य है कि 2022 तक देश के हर गरीब के पास अपना पक्का मकान होगा और घर में बिजली, गैस और शौचालय होगा
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केंद्रीय गृह मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह जी ने आज शनिवार को गांधीनगर (गुजरात) में भारत सरकार, गुजरात सरकार और टाटा की संयुक्त पहल और युवाओं के सुनहरे भविष्य को समर्पित ‘भारतीय कौशल संस्थान’ की आधारशिला रखी और इस अवसर पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री श्री विजय भाई रुपाणी, टाटा ट्रस्ट के चेयरमेन श्री रतन नवल टाटा, केन्द्रीय कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री श्री महेंद्र नाथ पाण्डेय, गुजरात के उप-मुख्यमंत्री श्री नितिन पटेल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री जीतूभाई वाघाणी, टाटा ग्रुप के चेयरमेन श्री चंद्रशेखर, एनएचपीसी के चेयरमेन श्री अनिल नायक जी, श्री आर के सिंह जी, गुजरात मंत्रिमंडल के सदस्य एवं कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। इस अवसर पर भारतीय कौशल संस्थान के संदर्भ में एक एमओयू भी साइन किया गया।
श्री शाह ने कहा कि भगवान् सूर्य का उत्तरायण में आगमन प्रगति और विकास का द्योतक होता है और ऐसे अवसर पर आज गांधीनगर में भारतीय कौशल संसथान (आईआईएस) की आधारशिला रखी गई है। मैं इसके लिए केंद्र सरकार, गुजरात सरकार और टाटा ट्रस्ट की पहल को हार्दिक धन्यवाद देता हूँ। उन्होंने कहा कि भारतीय कौशल संस्थान न केवल युवाओं को स्किल्ड कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा बल्कि देश के युवा जॉब सीकर से जॉब क्रियेटर बनकर देश के विकास में अपनी महती भूमिका भी अदा करेंगे।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब श्री नरेन्द्र मोदी जी गुजरात प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने भारत में सबसे पहले स्किल डेवलपमेंट मिशन की स्थापना कर समग्र राष्ट्र को इस इनिशिएटिव के साथ जोड़ने की पहल की। जब 2014 में देश की जनता ने विकास की ओर रुख करते हुए नकारात्मक ताकतों का सफाया किया और श्री नरेन्द्र मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने तब उन्होंने सबसे पहले स्किल डेवलपमेंट के लिए एक नए विभाग की रचना की ताकि इस दिशा में देश को तेज गति से आगे ले जाया जा सके।
श्री शाह ने कहा कि आज जब नकारात्मक बातें करने वाले देश में बेरोजगारी की बातें करते हैं तो मेरे मन में एक सवाल आता है कि नकारात्मक बातें करने वाले ऐसे लोग देश में 50-60 साल तक देश में शासन करते रहे लेकिन उन्होंने इतनी बड़ी आबादी वाले देश में बेरोजगारी की समस्या के समाधान के लिए कोई नई पहल क्यों नहीं की? आप इतने दिनों तक देश में शासन करें, रोजगार के सृजन के लिए कुछ भी न करें और उलटे हमसे सवाल भी करें, यह कैसी मानसिकता है? ये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी हैं जिन्होंने रोजगार सृजन के लिए स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया और स्टार्ट-अप इंडिया जैसे इनिशिएटिव्स की शुरुआत की जो बेरोजगारी की समस्या के समाधान का राजमार्ग बनने वाला है। केवल ग्रेजुएट होना और नौकरी ढूँढने के बजाय यह युवाओं के स्किल को अपग्रेड कर उन्हें नई चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की पहल के कारण भारत स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में काफी आगे बढ़ चुका है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत युवाओं का देश है। कई विशेषज्ञों को बड़ी आबादी एक बोझ की तरह लगती है लेकिन हमारे लिए 130 करोड़ की आबादी दुनिया का सबसे बड़ा मानव संसाधन है जिसमें 70% आबादी युवाओं की है। यदि हम अपने युवाओं की प्रतिभा को और परिष्कृत कर पायें और जनसंख्या की समस्या को अवसर के रूप में परिवर्तित कर सकें तो यह हमारे लिए बड़ी ताकत होगी और देश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक पायेगा। जिस देश के पास 70 करोड़ की युवा शक्ति हो और हम उनके टैलेंट को एक शेप दे सकें, प्रतिस्पर्धा के लिए उचित मंच दे सकें तो किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है। सबसे बड़ी आबादी और सबसे बड़ी युवा आबादी के कारण भारत सबसे बड़ा बाजार भी है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जनसंख्या की इस सबसे बड़ी समस्या को अवसर में बदलने के लिए कई कदम उठाये। मेक इन इंडिया की शुरुआत से दुनिया भर के लोग यहाँ आयेंगे, उद्योग स्थापित करेंगे और यहाँ से व्यापार होगा। मेक इन इंडिया की सोच को डेवलप करने के लिए प्रधानमंत्री जी ने भारत में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए वातावरण तैयार किया, कई आर्थिक सुधार किये और हर राज्य में स्वस्थ स्पर्धा की शुरुआत हुई, इसका असर ये हुआ कि भारत की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की वर्ल्ड रैंकिंग में केवल पांच साल के एक कार्यकाल में ही 70 अंकों का उछाल आया जो विश्व में सर्वाधिक है। इसके बल पर भारत दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनी।
श्री शाह ने कहा कि जो लोग ग्लोबल इकॉनोमी स्लोडाउन के कारण भारत की अर्थव्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें बताना चाहिए कि आजादी के 70 सालों में भारत को बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए क्या-क्या कदम उठाये गए? आजादी के 70 सालों में भारत केवल 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन पाया जबकि पांच वर्ष के एक ही कार्यकाल में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने हिंदुस्तान को तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में प्रतिष्ठित किया। एक ओर 70 साल में 2 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनोमी, वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार के एक ही कार्यकाल में 50% की वृद्धि। यह बताने के लिए काफी है कि मोदी सरकार देश की अर्थव्यवस्था के लिए कितना कटिबद्ध होकर काम कर रही है। अब हम 2024 तक भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनोमी बनाने का लक्ष्य लेकर निकले हैं। कई लोगों ने इस पर सवाल उठाया है लेकिन जिस तरह हमने पिछले पांच वर्षों में काम किया है, उसके आधार पर यह स्पष्ट है कि इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। यदि भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनोमी के इस लक्ष्य को हासिल करना है तो युवाओं को बड़ी भूमिका निभानी होगी। युवाओं की उद्यमशीलता के माध्यम से ही हम इस लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं, इसलिए 2014 से ही मिशन मोड में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी स्किल इंडिया पर काम कर रहे हैं।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मैं श्री रतन टाटा जी से नम्र निवेदन करना चाहता हूँ कि वे आईआईएस के लिए ही नहीं बल्कि आईटीआई के अपग्रेडेशन के लिए भी आगे आयें ताकि युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर उपलब्ध हो। श्री रतन टाटा ने केन्द्रीय गृह मंत्री के इस निवेदन को मंच से ही स्वीकृति दी। श्री शाह ने कहा कि देश में वर्तमान में तीन आईआईएस है और यदि आईटीआई को अपग्रेड कर इसे भारतीय कौशल संस्थान के साथ जोड़ दिया जाय तो देश के लिए और बेहतर होगा। अब तक 50 लाख से ज्यादा युवाओं को स्किल डेवलपमेंट से फायदा पहुंचा है। दिसंबर 2016 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारतीय कौशल संस्थान, कानपुर की आधारशिला रखी थी। इसके बाद भारतीय कौशल संस्थान को तकनीकी शिक्षा संस्थान, सिंगापुर के मॉडल पर डेवलप किया जा रहा है। आज भारतीय कौशल संस्थान, गांधीनगर का जो भूमिपूजन हुआ है, इसमें एक समय पर 5000 से अधिक छात्र प्रशिक्षित होंगे। जिस प्रकार से इस संस्था के कोर्स को डिजाइन किया गया है, उससे कम से कम 70% छात्रों को पासआउट से पहले ही प्लेसमेंट मिल जाएगा। मैं युवाओं का आह्वान करते हुए कहना चाहता हूँ कि आप शुरुआत भले ही प्लेसमेंट से कीजिये लेकिन आप आगे चल कर जॉब क्रियेटर बनें, उद्यमी बनें क्योंकि छोटी सी शुरुआत से ही बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
श्री शाह ने स्किल डेवलपमेंट में विगत पांच वर्षों में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि 2014 से अब तक इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग सेंटर में लगभग 20% और स्किल प्राप्त करने वाले छात्रों में 37% की वृद्धि दर्ज की गई है। 2014 में स्किल प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या जहां 16,90,000 थी, वही आज यह आंकड़ा बढ़ कर लगभग 30 लाख पहुँच गया है। हमने स्किल इंडिया के साथ अप्रेंटिसशिप को जोड़ा है। 2014 में देश में 2।15 लाख अप्रेंटिस थे जो 2018 में बढ़ कर 2।72 लाख हो गए। स्किल इंडिया को स्कूलों के साथ जोड़ने के लिए 9,000 स्कूलों में वोकेशनल कोर्स की शुरुआत की गई। 2014 में आईटीआई की संख्या 11964 थी जो आज 14939 है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने सोचने के स्केल को ऊपर उठाने का काम किया है। पहले कांग्रेस की सरकारों का लक्ष्य होता था कि इतने लोगों को गैस देंगे, इतने घर बनायेंगे, इतने घरों में बिजली पहुंचाएंगे जबकि मोदी सरकार का लक्ष्य है कि 2022 तक देश के हर गरीब के पास अपना पक्का मकान होगा और घर में बिजली, गैस और शौचालय होगा। हमने 2024 तक हर घर में शुद्ध पीने का पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। क्यों ये बुनियादी विकास के कार्य आजादी के 70 सालों में भी पूरे नहीं हुए? प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के 60 करोड़ गरीबों के जीवन-स्तर को ऊपर उठाने के लिए विगत छः वर्षों में भागीरथ प्रयास किया। स्किल इंडिया देश में न केवल रोजगार सृजित करेगा, उद्योग लगाने के लिए युवाओं को प्रेरित करेगा बल्कि ‘मेक इन इंडिया' का सपना भी साकार होगा और देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में सहायक भी होगा।