SALIENT POINTS OF SPEECH : BJP NATIONAL PRESIDENT, SHRI AMIT SHAH ADDRESSING KISAN MORCHA NATIONAL EXECUTIVE MEETING AT YMCA COMPLEX GREATER NOIDA (U.P.)

Press, Share | Jan 11, 2016

Monday, 11 January 2016

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह द्वारा नोएडा में भाजपा किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में दिए गये सम्बोधन के मुख्य बिंदु

श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार कृषि विकास और किसानों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है: अमित शाह
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अगर किसानों का कोई भला कर सकता है और कर रहा है, तो वह सिर्फ और सिर्फ मोदी सरकार है: अमित शाह
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मोदी सरकार फसलों के उत्पादन को बढ़ाने तथा लगत को कम करने की दिशा में सार्थक प्रयास कर रही है: अमित शाह
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किसानों को कृषि के लिए लोन लेने की जरूरत न पड़े, ऐसी कृषि पद्धति की संरचना करना हमारा लक्ष्य है: अमित शाह
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उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों की बदहाल स्थिति की जिम्मेदार सपा - बसपा की राज्य सरकारें और केंद्र की पूर्व कांग्रेस सरकार है: अमित शाह
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हम राजनीति में सिर्फ राजनीति करने के लिए नहीं हैं बल्कि हमारा काम गाँवों, किसानों, गरीब, देश की समस्याओं का समाधान है: अमित शाह
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भाजपा की राज्य सरकारों में ही निरंतर 10% से अधिक का कृषि विकास दर रहा है आज कृषि और जनसंख्या के बीच असन्तुलन और जीडीपी कम होने के लिए कांग्रेस जिम्मेवार है: अमित शाह
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कृषि के विकास से ही देश का विकास संभव: अमित शाह
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जब भाजपा की राजनीतिक यात्रा की शुरुआत जन संघ के माध्यम से शुरू हुई थी तब भी हमारा नारा था - हर हाथ को काम और हर खेत को पानी: अमित शाह
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मोदी सरकार ने यूरिया को नीम कोटेड कर उर्वरकों की कालाबाजारी को रोकने की दिशा में गंभीर प्रयास किया: अमित शाह
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कृषि मंत्रालय का नाम बदलकर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय किया जाना बस प्रतीकात्मक भर नहीं है बल्कि यह हमारी सरकार की सोच को प्रदर्शित करती है: अमित शाह
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भारतीय जनता पार्टी के राष्टीय अध्यक्ष अमित शाह ने आज, सोमवार को नोएडा में भाजपा किसान मोर्चा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसानों का कल्याण भाजपा के मूल सिद्धांत में ही निहित है को श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार कृषि विकास और किसानों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में मोदी सरकार ने कृषि के क्षेत्र में कई क्रांतिकारी योजनाओं की नींव रखी है जिससे किसानों की अधिकांश समस्याओं का समाधान स्वतः ही हो जाएगा। श्री शाह ने कहा कृषि के विकास से ही देश का विकास संभव हो सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर किसानों का कोई भला कर सकता है और कर रहा है, तो वह सिर्फ और सिर्फ मोदी सरकार है।
किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हमारे देश की लगभग 60% आबादी प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से कृषि पर आश्रित है। उन्होंने कहा कि भाजपा के मूल चिंतन में ही कृषि और किसानों का कल्याण निहित है। उन्होंने कहा कि जब भाजपा की राजनीतिक यात्रा की शुरुआत जन संघ के माध्यम से शुरू हुई थी तब भी हमारा नारा था - हर हाथ को काम और हर खेत को पानी।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि देश में जहाँ-जहाँ भाजपा की सरकारें हैं, वहाँ-वहाँ कृषि सरकारों के मूल चिंतन में है। उन्होंने कहा कि अगर 90 के दशक के बाद के राज्य सरकारों का विकास दर और जीडीपी का तुलनात्मक अध्ययन किया जाय तो यह पता चलता है कि केवल भाजपा की राज्य सरकारें ही ऐसी हैं जहाँ निरंतर 10% से अधिक का कृषि विकास दर रहा है। भाजपा शासित राज्यों में कृषि विकास दर पहले की तुलना में कई गुना बड़ी है और राज्य के किसान खुशहाल हुए हैं जो यह बताने के लिए काफी है कि भाजपा कृषि विकास और किसानों के कल्याण के प्रति कितनी समर्पित है। उन्होंने कहा कि गुजरात और मध्य प्रदेश ने तो लगभग 15% से अधिक का कृषि विकास दर हासिल किया है।
श्री शाह ने कहा कि हमें इसी उपलब्धि पर इतराना नहीं है, बल्कि किसानों को कृषि के लिए लोन लेने की जरूरत न पड़े, ऐसी कृषि पद्धति की संरचना करना हमारा लक्ष्य है और मोदी सरकार इसी दिशा में प्रयासरत है। श्री शाह ने कहा कि देश के जीडीपी में कृषि का योगदान लगभग 15% से अधिक है लेकिन अभी भी कृषि का विकास उतना नहीं हो पाया है, जितना होना चाहिए।
कांग्रेस पर जमकर प्रहार करते हुए श्री शाह ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में न तो कृषि के समुचित विकास पर ध्यान दिया गया, ना ही वैज्ञानिक पद्धति की कृषि योजनाओं को अमल में लाया गया और ना ही किसानों की भलाई के लिए ठोस कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन के समय फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सिंचाई की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई, कई यूरिया कारखाने बंद हो गए, यूरिया का आयात करना पड़ा जिससे कालाबाजारी बढ़ी, पर इस समस्या के समाधान के लिए भी कोई उपाय नहीं किया गया। श्री शाह ने कहा कि कांग्रेस के पिछले 10 वर्षों के कुशासन में तो किसान और बदहाल हुए और कृषि विकास दर में भी गिरावट आई। उन्होंने कहा कि आज कृषि और जनसंख्या के बीच असन्तुलन और जीडीपी कम होने के लिए कांग्रेस जिम्मेवार है।
कृषि विकास के लिए श्री नरेन्द्र मोदी की अगुआई में केंद्र की भाजपा सरकार की सराहना करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “पिछले 18 महीनों में ही मोदी सरकार ने 10 बंद पड़े यूरिया कारखानों को शुरू करने की दिशा में ठोस कदम उठाया और इसके लिए अलग से राशि आवंटित की, बहुत जल्द ही ये कारखाने काम करना शुरू कर देंगें। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने यूरिया को नीम कोटेड कर उर्वरकों की कालाबाजारी को रोकने की दिशा में गंभीर प्रयास किया और पेस्टीसाइड के उपयोग को कम करने पर बल दिया जिसके वांछित परिणाम अब मिलने शुरू हो गए हैं। हर खेत तक सिंचाई को पहुँचाने के लिए मोदी सरकार ने 70 हजार करोड़ रूपये से प्रधानमंत्री सिंचाई योजना की शुरुआत की है। सरकार द्वारा किसानों के हित में कुदरती आपदा और फसल मुआवजे के सारे पैमाने बदल दिए गये, फसल मुआवजे के लिए फसलों के नुकसान के पैमाने को 50% से घटाकर 33% कर दिया।”
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार किसानों को स्थिति को और सुधारने के लिए एक अनूठी योजना कृषि फसल बीमा को लेकर आ रही है जिससे किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे की अधिकांश विसंगतियाँ ख़त्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार फसलों के उत्पादन को बढ़ाने तथा लागत को कम करने की दिशा में सार्थक प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में मोदी सरकार ने स्वाइल हेल्थ कार्ड की पेशकश की है ताकि किसानों को खेती में और आसानी हो सके। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लैब टू लैंड के सिद्धांत पर काम कर रही है।
उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों की दुर्दशा के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के साथ-साथ बहुजन समाज पार्टी को भी आड़े हाथों लेते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सपा व बसपा की जुगलबंदी से किसानों का अहित हुआ है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि चीनी मिलों व उत्तर प्रदेश की सपा सरकार के बीच गठजोड़ है जिसके चलते गन्ना किसानों का लगातार शोषण हो रहा है और ऐसा बसपा शासन के समय से चला आ रहा है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसान की समस्या को मोदी सरकार गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि पहली बार गन्ना किसानों की स्थिति को सुधारने के लिए 6000 करोड़ रुपया सीधे गन्ना किसानों के बैंक खाते में जमा की गई। उन्होंने कहा कि गन्ना किसान की समस्या को सुधारने के लिए मोदी सरकार ने जहाँ आयात शुल्क में बढ़ोत्तरी की, वहीं निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी का प्रावधान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस व अन्य पार्टियों ने कॉपरेटिव चीनी मिलों की अवधारणा को ही ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों की बदहाल स्थिति की जिम्मेदार सपा - बसपा की राज्य सरकारें और केंद्र की कांग्रेस सरकार है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए और योजनाएँ लेकर आ रही है जिससे उनकी सारी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार आती है तो किसानों की सारी समस्याओं का पूर्ण समाधान किया जाएगा।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हमारी केंद्र सरकार द्वारा कृषि मंत्रालय का नाम बदलकर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय किया जाना बस प्रतीकात्मक भर नहीं है बल्कि यह हमारी सरकार की सोच को प्रदर्शित करती है और हमने सरकारों का सोच बदलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि कृषि कल्याण हमारी मूल भावना है। मोदी सरकार के किसानों के भलाई के लिए किये जा रहे प्रयासों की जमकर सराहना करते हुए श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों को उनके फसलों के उचित मूल्य के लिए ई-मंडी बनाने की दिशा में प्रयास किये जा रहे हैं ताकि किसानों को बिचौलियों से भी निजात मिल सके। उन्होंने कहा कि जन-धन योजना के माध्यम से किसानों के बैंक खाते खोले गए, कृषि आधारित लघु उद्योगों के मदद के लिए मुद्रा योजना के माध्यम से अब तक लगभग 1.5 लाख लोगों को आसान ऋण उपलब्ध कराया गया है, देश के सभी बैंकों के दरवाजे किसानों के लिए मोदी सरकार ने खोल दिए हैं और जीवन ज्योति बीमा योजना एवं जीवन सुरक्षा बीमा योजना के माध्यम से मजदूरों के भविष्य को सुरक्षित करने की कोशिश की गई है।
भाजपा किसान मोर्चाओं के कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हम राजनीति में सिर्फ राजनीति करने के लिए नहीं है बल्कि हमारा काम गाँवों, किसानों, गरीब, देश की समस्याओं का समाधान है और इसके लिए किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करें, किसानों को पशुपालन पर जोर देने के लिए कहें, सहकारिता आंदोलन और श्वेत क्रांति की दिशा में नवीन पहल की शुरुआत करें, किसानों को परम्परागत कृषि के साथ-साथ व्यापारिक कृषि किए लिए प्रोत्साहित करें और इ-मंडी के आधुनिकीकरण की दिशा में प्रयास करें, यही हमारा मिशन होना चाहिए। उन्होंने किसानों से आग्रह करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की सपा सरकार को समूल नष्ट कर प्रदेश में किसानों की सर्वाधिक हितैषी भाजपा सरकार की स्थापना कीजिये।

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