PRESS: SHRI AMIT SHAH ON 14TH FINANCE COMMISSION

Press, Share | Feb 24, 2015

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्री अमित शाह की ओर से जारी बयान

चौदहवें वित्त आयोग की सिफारिशें पूर्णत: स्वीकार करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार को बहुत-बहुत बधाई। राजग सरकार के इस कदम से राज्यों को विशेष लाभ होगा। राज्यों को पहला फायदा केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में उनकी हिस्सेदारी बढ़ने के रूप में होगा। अब तक केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में राज्यों की हिस्सेदारी मात्र 32 प्रतिशत थी जो अब बढ़कर 42 प्रतिशत हो जाएगी। इस तरह इसमें 10 प्रतिशत की रिकार्ड वृद्धि होगी। इससे पहले किसी भी वित्त आयोग ने केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्‍सेदारी में इतनी वृद्धि नहीं की। इससे केंद्र के वित्तीय संसाधनों पर दवाब पड़ेगा लेकिन राजग सरकार ने अपनी सहकारी संघवाद की नीति पर चलकर राज्यों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने की खातिर 14वें वित्त आयोग की सिफारिशें सहर्ष स्‍वीकार की हैं जो निश्चित तौर पर सराहनीय है। अब राज्यों को केंद्र से अधिक धनराशि प्राप्त होगी जिसे वे अपनी जरूरत के अनुसार विकास कार्यों पर खर्च कर सकेंगे। इससे राज्यों की वित्तीय स्वायत्ता बढ़ेगी।

केंद्र सरकार ने 14वें वित्त आयोग की उस सिफारिश को भी स्वीकार कर लिया है जिसके तहत पंचायतों और नगर निकायों को 2.87 लाख करोड़ रुपये का अनुदान देने की सिफारिश की गई है। इससे गांव और शहरों में स्थानीय निकायों को लोगों की जरूरत के हिसाब से विकास कार्यक्रम तैयार करने और उन्हें लागू करने के लिए पर्याप्‍त वित्तीय संसाधन मिल मिलेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्‍यों को साथ लेकर चलने के के लिए टीम इंडिया की अवधारणा पर जोर दिया है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए राजग सरकार ने नीति आयोग की स्थापना भी की है जिसमें नीति निर्माण में केंद्र और राज्‍यों की बराबर भूमिका है। वास्तव में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों को सशक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाकर देश के संघीय संरचना को मजबूती देने का काम किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दलगत राजनीति से ऊपर कदम उठाकर गरीबों की कल्याण और देश के समग्र विकास के लिए कदम उठाए हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण राजग सरकार द्वारा 14वें वित्त आयोग की उस सिफारिश को स्वीकार करना है जिसमें उसने राजस्व घाटे का सामना कर रहे 11 राज्यों को भारी भरकम 1.94 लाख करोड़ रुपये का अनुदान देने की सिफारिश की है। इनमें से अधिकांश राज्य गैर-भाजपा शासित राज्‍य हैं। इस तरह किसी भी राज्‍य में भले ही किसी भी दल की सरकार हो, राजग सरकार का मकसद देश का संपूर्ण विकास है। इसके अलावा राजग सरकार ने हाल में कई और भी ऐसे कदम उठाए हैं जिससे गरीब और पिछड़े राज्यों को फायदा हुआ है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में राजग सरकार ने सुशासन और पारदर्शिता की नीति को अमल में लाकर कोयला खदानों की नीलामी की है। इससे खनिज और कोयला समृद्ध राज्यों को लगभग एक लाख करोड़ रूपये से अधिक की राजस्व प्राप्ति होगी। इसका लाभ पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा जैसे गरीब राज्‍यों को लाभ होगा। ये राज्य प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से धनी हैं लेकिन पूर्व की सरकारों की भेदभाव वाली नीतियों के कारण आर्थिक विकास के मामले में पिछड़ गए हैं। राजग सरकार की इस कदम से इन राज्यों को पर्याप्त वित्तीय संसाधन प्राप्त हो सकेंगे जिससे इन राज्यों को विकास की राह में बराबरी पर आने का अवसर प्राप्‍त होगा।

इस तरह सबका साथ, सबका विकास की नीति पर चलकर राजग सरकार एक भारत, श्रेष्ठ भारत के निर्माण की दिशा में ठोस प्रयास कर रही है।

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